एम्स दिल्ली QS रैंकिंग में 105वें स्थान पर, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने 51वें दीक्षांत समारोह में की सराहना

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एम्स दिल्ली QS रैंकिंग में 105वें स्थान पर, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने 51वें दीक्षांत समारोह में की सराहना

सारांश

एम्स दिल्ली ने दो वर्षों में QS वर्ल्ड रैंकिंग में 40 पायदान की छलांग लगाते हुए 105वाँ स्थान हासिल किया है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 51वें दीक्षांत समारोह में अंटार्कटिका में रोबोटिक अल्ट्रासाउंड जैसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि एम्स अब वैश्विक चिकित्सा उत्कृष्टता का पर्याय बन चुका है।

मुख्य बातें

एम्स दिल्ली ने QS वर्ल्ड रैंकिंग में दो वर्षों में 40 पायदान चढ़कर वैश्विक स्तर पर 105वाँ स्थान हासिल किया।
संस्थान ने NIRF चिकित्सा श्रेणी में 2018 से 2025 तक लगातार शीर्ष स्थान बरकरार रखा।
एम्स के संकाय को 2 पद्म विभूषण , 15 पद्म भूषण और 51 पद्म श्री पुरस्कार प्राप्त हुए हैं; 57 सदस्य स्टैनफोर्ड के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में शामिल।
एम्स ने इस वर्ष अंटार्कटिका में दूरस्थ रोबोटिक अल्ट्रासाउंड सफलतापूर्वक संचालित किया।
स्वास्थ्य में AI के लिए भारत-फ्रांस केंद्र सहित बढ़ते अंतरराष्ट्रीय सहयोग एम्स की वैश्विक उपस्थिति को और मजबूत कर रहे हैं।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 12 मई 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली के 51वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह संस्थान अब स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक मानक स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि एम्स ने महज दो वर्षों में 40 पायदान ऊपर चढ़कर QS वर्ल्ड रैंकिंग में वैश्विक स्तर पर 105वाँ स्थान हासिल किया है।

मुख्य घटनाक्रम

दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा एम्स के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, निदेशक प्रोफेसर निखिल टंडन, डीन प्रोफेसर राधिका टंडन, रजिस्ट्रार प्रोफेसर गिरिजा प्रसाद रथ तथा समस्त संकाय सदस्यों की शैक्षणिक मानकों से समझौता किए बिना बड़ी संख्या में रोगियों के कुशल प्रबंधन के लिए सराहना की। राधाकृष्णन ने कहा कि एम्स ने NIRF चिकित्सा श्रेणी में 2018 से 2025 तक लगातार शीर्ष स्थान बरकरार रखा है।

वैश्विक उपलब्धियाँ और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

उपराष्ट्रपति ने इस वर्ष की शुरुआत में अंटार्कटिका में दूरस्थ रोबोटिक अल्ट्रासाउंड सफलतापूर्वक आयोजित करने की एम्स की उपलब्धि का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया है कि भौगोलिक स्थिति अब भारतीय चिकित्सा उत्कृष्टता में बाधा नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य में AI के लिए भारत-फ्रांस केंद्र सहित संस्थान के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय सहयोगों पर भी प्रकाश डाला। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है।

संकाय की उत्कृष्टता

राधाकृष्णन ने बताया कि एम्स के संकाय सदस्यों को अब तक 2 पद्म विभूषण, 15 पद्म भूषण और 51 पद्म श्री पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, 57 संकाय सदस्य स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा जारी विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हैं। गौरतलब है कि एम्स के पूर्व छात्र विश्व भर के प्रतिष्ठित संस्थानों में अग्रणी पदों पर आसीन हैं।

स्नातकों को संदेश

स्नातक छात्रों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि वे भारतीय स्वास्थ्य सेवा के एक निर्णायक मोड़ पर इस पेशे में प्रवेश कर रहे हैं, जब 'एक राष्ट्र, एक स्वास्थ्य' की परिकल्पना एक अधिक एकीकृत और न्यायसंगत स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को आकार दे रही है। उन्होंने युवा डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों से करुणा, नवाचार और जनविश्वास को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

AI और मानवीय स्पर्श

उपराष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संचालित तकनीकें चिकित्सा क्षेत्र में बदलाव ला रही हैं, किंतु उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी AI रोगी के पास डॉक्टर की उपस्थिति के नैतिक महत्व की जगह नहीं ले सकती। उन्होंने स्नातकों से आग्रह किया कि वे अपने सफेद कोट को व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक मानें और सहानुभूति, ईमानदारी तथा मानवता को सदैव बनाए रखें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में एम्स संस्थानों के विस्तार का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि इससे कम सुविधा प्राप्त क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच में उल्लेखनीय मजबूती आई है। आने वाले समय में एम्स के शीर्ष 100 वैश्विक संस्थानों में शामिल होने की उम्मीद जताई गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या यह उत्कृष्टता देश के उन करोड़ों रोगियों तक पहुँच रही है जो टियर-2 और टियर-3 शहरों में नए एम्स संस्थानों पर निर्भर हैं। अंटार्कटिका में रोबोटिक अल्ट्रासाउंड एक प्रभावशाली तकनीकी उपलब्धि है, परंतु ग्रामीण भारत में बुनियादी स्वास्थ्य सेवा की खाई अभी भी गहरी है। वैश्विक रैंकिंग और घरेलू स्वास्थ्य समानता — इन दोनों लक्ष्यों के बीच संतुलन साधना ही एम्स की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एम्स दिल्ली की QS वर्ल्ड रैंकिंग 2026 में क्या स्थान है?
एम्स दिल्ली ने QS वर्ल्ड रैंकिंग में वैश्विक स्तर पर 105वाँ स्थान हासिल किया है, जो महज दो वर्षों में 40 पायदान की छलांग है। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने विश्वास जताया कि संस्थान जल्द ही शीर्ष 100 में शामिल होगा।
एम्स के 51वें दीक्षांत समारोह में कौन-कौन उपस्थित थे?
51वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, निदेशक प्रोफेसर निखिल टंडन, डीन प्रोफेसर राधिका टंडन, रजिस्ट्रार प्रोफेसर गिरिजा प्रसाद रथ तथा संकाय सदस्य, स्वास्थ्य सेवा पेशेवर और छात्र उपस्थित थे।
एम्स ने अंटार्कटिका में रोबोटिक अल्ट्रासाउंड कैसे किया?
एम्स ने इस वर्ष की शुरुआत में अंटार्कटिका में दूरस्थ रोबोटिक अल्ट्रासाउंड सफलतापूर्वक आयोजित किया, जो टेलीमेडिसिन और रोबोटिक्स के संयोजन से संभव हुआ। इस उपलब्धि ने यह सिद्ध किया कि भौगोलिक दूरी अब भारतीय चिकित्सा विशेषज्ञता के लिए बाधा नहीं रही।
एम्स के संकाय सदस्यों को कितने पद्म पुरस्कार मिले हैं?
एम्स के संकाय सदस्यों को अब तक 2 पद्म विभूषण, 15 पद्म भूषण और 51 पद्म श्री पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। इसके अलावा 57 संकाय सदस्य स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हैं।
'एक राष्ट्र, एक स्वास्थ्य' की परिकल्पना क्या है?
'एक राष्ट्र, एक स्वास्थ्य' भारत सरकार की वह नीतिगत परिकल्पना है जिसका लक्ष्य देश में एकीकृत, न्यायसंगत और भविष्य के लिए तैयार स्वास्थ्य सेवा प्रणाली विकसित करना है। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने दीक्षांत समारोह में स्नातकों से इस परिकल्पना को साकार करने में योगदान देने का आग्रह किया।
राष्ट्र प्रेस