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क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में भारत के 52 संस्थान, IIT दिल्ली 118वें स्थान पर

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क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में भारत के 52 संस्थान, IIT दिल्ली 118वें स्थान पर

सारांश

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में भारत के 52 संस्थानों को जगह मिली है और IIT दिल्ली 118वें स्थान के साथ लगातार दूसरे वर्ष देश का सर्वोच्च रैंकिंग वाला संस्थान बना है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसे NEP 2020 और 'विकसित भारत 2047' की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।

मुख्य बातें

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में भारत के 52 संस्थानों को स्थान मिला।
13 भारतीय विश्वविद्यालयों ने ग्लोबल टॉप 550 में जगह बनाई।
IIT दिल्ली 118वें स्थान के साथ लगातार दूसरे वर्ष भारत का सर्वोच्च रैंकिंग वाला संस्थान रहा; 2026 में यह 123वें स्थान पर था।
IIT बॉम्बे और IIT मद्रास भी सूची में शामिल।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसे NEP 2020 और विकसित भारत 2047 के संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 18 जून 2026 को जानकारी दी कि क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में भारत के 52 संस्थानों को स्थान मिला है और 13 भारतीय विश्वविद्यालयों ने ग्लोबल टॉप 550 में जगह बनाई है। यह भारतीय उच्च शिक्षा क्षेत्र की वैश्विक स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता का प्रमाण है।

मुख्य घटनाक्रम

IIT दिल्ली लगातार दूसरे वर्ष भारत का सर्वोच्च रैंकिंग वाला संस्थान बना है। इसने 2026 के 123वें स्थान से सुधार करते हुए 2027 में 118वाँ स्थान हासिल किया है। इसके अलावा IIT बॉम्बे और IIT मद्रास भी इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल हैं।

शिक्षा मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह उपलब्धि अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय संस्थानों की बढ़ती वैश्विक पहचान को दर्शाती है।

धर्मेंद्र प्रधान की प्रतिक्रिया

प्रधान ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "शिक्षा के क्षेत्र में भारत की वैश्विक उपस्थिति लगातार बढ़ रही है। यह उपलब्धि हमारे उच्च शिक्षा इकोसिस्टम की बढ़ती ताकत और उत्कृष्टता के प्रति हमारे संस्थानों, संकाय, शोधकर्ताओं और छात्रों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।"

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत परिवर्तनकारी सुधारों से प्रेरित होकर भारत ज्ञान और नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने देश को गौरवान्वित करने वाले सभी संस्थानों को बधाई दी और कहा कि भारत साथ मिलकर वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनने की यात्रा को आगे बढ़ाएगा।

क्यूएस रैंकिंग का महत्व

क्वाक्वेरेली साइमंड्स (QS) द्वारा प्रतिवर्ष प्रकाशित यह रैंकिंग दुनिया की शीर्ष विश्वविद्यालयों की सबसे प्रतिष्ठित सूचियों में से एक मानी जाती है। यह छात्रों को वैश्विक उच्च शिक्षा संस्थानों के चयन में सहायता करती है और संस्थानों की शैक्षणिक प्रतिष्ठा, शोध उत्पादकता तथा उद्योग से जुड़ाव के आधार पर मूल्यांकन करती है।

गौरतलब है कि भारत की इस उपलब्धि का संदर्भ ऐसे समय में आया है जब सरकार 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य पर ज़ोर दे रही है और उच्च शिक्षा को इस लक्ष्य का केंद्रीय स्तंभ मान रही है।

आम जनता और छात्रों पर असर

इस रैंकिंग में भारतीय संस्थानों की बढ़ती उपस्थिति से देश के छात्रों को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त डिग्री और शोध अवसर मिलने की संभावना बढ़ती है। साथ ही विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक साझेदारी और अनुसंधान सहयोग के नए द्वार खुलते हैं।

क्या होगा आगे

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार भारत का लक्ष्य आने वाले वर्षों में और अधिक संस्थानों को वैश्विक शीर्ष सूचियों में स्थान दिलाना है। NEP 2020 के क्रियान्वयन के साथ-साथ अनुसंधान एवं नवाचार में निवेश बढ़ाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता इस लक्ष्य को और मज़बूती देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इनमें से कितने शीर्ष 200 या 300 में हैं — जहाँ वैश्विक प्रतिस्पर्धा और शोध-प्रभाव वास्तव में मापे जाते हैं। IIT दिल्ली का 118वाँ स्थान सराहनीय है, परंतु चीन के पाँच से अधिक विश्वविद्यालय शीर्ष 50 में हैं। NEP 2020 के क्रियान्वयन की गति और अनुसंधान वित्तपोषण में वास्तविक वृद्धि के बिना, रैंकिंग में सुधार की यह रफ्तार 'विकसित भारत 2047' के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के लिए पर्याप्त नहीं होगी।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा?
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में भारत के 52 संस्थानों को स्थान मिला है और 13 भारतीय विश्वविद्यालयों ने ग्लोबल टॉप 550 में जगह बनाई है। IIT दिल्ली 118वें स्थान के साथ भारत का सर्वोच्च रैंकिंग वाला संस्थान रहा।
IIT दिल्ली की QS रैंकिंग 2027 में क्या स्थिति है?
IIT दिल्ली ने 2026 के 123वें स्थान से सुधार करते हुए 2027 में 118वाँ स्थान हासिल किया है। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब IIT दिल्ली भारत का सर्वोच्च रैंकिंग वाला संस्थान बना है।
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग क्या है और इसे कौन जारी करता है?
यह रैंकिंग क्वाक्वेरेली साइमंड्स (QS) द्वारा प्रतिवर्ष प्रकाशित की जाती है और दुनिया की शीर्ष विश्वविद्यालयों की सबसे प्रतिष्ठित सूचियों में से एक मानी जाती है। यह शैक्षणिक प्रतिष्ठा, शोध उत्पादकता और उद्योग-जगत से जुड़ाव के आधार पर संस्थानों का मूल्यांकन करती है।
धर्मेंद्र प्रधान ने इस रैंकिंग पर क्या कहा?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह उपलब्धि भारत के उच्च शिक्षा इकोसिस्टम की बढ़ती ताकत को दर्शाती है। उन्होंने इसे NEP 2020 के तहत हो रहे परिवर्तनकारी सुधारों और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प से जोड़ा।
इस रैंकिंग का भारतीय छात्रों पर क्या असर होगा?
भारतीय संस्थानों की वैश्विक रैंकिंग में सुधार से छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त डिग्री और बेहतर शोध अवसर मिलने की संभावना बढ़ती है। इससे विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक साझेदारी और छात्र-विनिमय कार्यक्रमों के नए अवसर भी खुल सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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