20 अक्टूबर 2026
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झंडेवालान मंदिर में विजयादशमी पर खेत्री विसर्जन से संपन्न हुए नवरात्र, ट्रस्टी रवींद्र गोयल की श्रद्धालुओं से खास अपील

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झंडेवालान मंदिर में विजयादशमी पर खेत्री विसर्जन से संपन्न हुए नवरात्र, ट्रस्टी रवींद्र गोयल की श्रद्धालुओं से खास अपील

सारांश

नई दिल्ली के ऐतिहासिक झंडेवालान मंदिर में विजयादशमी पर खेत्री विसर्जन के साथ नौ दिवसीय नवरात्र उत्सव का समापन हुआ। ट्रस्टी रवींद्र गोयल ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे घर की खेत्री इधर-उधर न फेंकें, बल्कि मंदिर में लाकर विधिवत विसर्जन कराएँ।

मुख्य बातें

झंडेवालान मंदिर , नई दिल्ली में 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी पर नवरात्र उत्सव का विधिवत समापन हुआ।
नौ दिनों तक लाखों श्रद्धालु माँ दुर्गा के दर्शन के लिए मंदिर पहुँचे।
अष्टमी की रात भव्य जागरण का आयोजन हुआ, जो सुबह चार बजे तक चला।
मंदिर ट्रस्टी रवींद्र गोयल ने श्रद्धालुओं से घर की खेत्री (जौ की कोंपलें) मंदिर में जमा कराने की अपील की।
गोयल ने समस्त देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएँ दीं और देश की सुरक्षा व समृद्धि की कामना की।

नई दिल्ली के ऐतिहासिक झंडेवालान मंदिर में 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के पावन अवसर पर नौ दिवसीय नवरात्र उत्सव का विधिवत समापन हुआ। मंदिर ट्रस्टी रवींद्र गोयल ने खेत्री (पवित्र जौ की कोंपलें) विसर्जन की परंपरा को लेकर श्रद्धालुओं से एक महत्वपूर्ण अपील की। उत्सव के दौरान लाखों श्रद्धालु माँ दुर्गा के दर्शन एवं आशीर्वाद के लिए मंदिर पहुँचे।

नवरात्र का विधिवत समापन

मंदिर ट्रस्टी रवींद्र गोयल ने बताया कि नौ दिनों तक माँ दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। विजयादशमी के दिन खेत्री पूजन के साथ समस्त अनुष्ठानों का समापन हुआ। इस अवसर पर मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़ आस्था और श्रद्धा का जीवंत प्रमाण रही।

अष्टमी-नवमी पर भव्य आयोजन

गोयल के अनुसार, अष्टमी-नवमी के अवसर पर मंदिर में भव्य कन्या पूजन का आयोजन हुआ। पूरे दिन से लेकर देर रात तक बड़ी संख्या में भक्त मंदिर परिसर में आते-जाते रहे। अष्टमी की रात आयोजित भव्य जागरण सुबह चार बजे तक चला, जिसके बाद भी श्रद्धालुओं का दर्शन के लिए आना जारी रहा।

खेत्री विसर्जन की परंपरा और अपील

नवरात्र में घटस्थापना के साथ मंदिर में बोए गए जौ के बीजों की नौ दिनों तक विधिवत पूजा की जाती है और दशमी को उनका विसर्जन होता है। रवींद्र गोयल ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने घरों में उगाई गई खेत्री को इधर-उधर या सार्वजनिक स्थानों पर न फेंकें। उन्होंने कहा कि भक्त खेत्री को झंडेवालान मंदिर में लाकर जमा करें, जिससे मंदिर प्रशासन उसका विधि-सम्मत विसर्जन सुनिश्चित कर सके।

देशवासियों को शुभकामनाएँ

समापन पर रवींद्र गोयल ने समस्त देशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा, 'सभी देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं। हमारा देश सुरक्षित और सफल रहे, सभी के घरों में सुख-समृद्धि आए। देश के सामने जो भी संकट हैं, भगवान राम उन पर विजय पाने की शक्ति दें। सभी सुखी रहें, इसी कामना के साथ मैं अपनी ओर से और झंडेवालान मंदिर की ओर से सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।' यह संदेश मंदिर की सामाजिक जिम्मेदारी और धार्मिक परंपराओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी व्यापक प्रभावशीलता तभी सुनिश्चित होगी जब ऐसी अपीलें बड़े मंदिरों के संगठित नेटवर्क के ज़रिए एक साझा अभियान का रूप लें।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झंडेवालान मंदिर में नवरात्र 2026 कब और कैसे संपन्न हुए?
झंडेवालान मंदिर में 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी पर खेत्री विसर्जन के साथ नौ दिवसीय नवरात्र उत्सव का विधिवत समापन हुआ। नौ दिनों तक माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना की गई और लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचे।
खेत्री विसर्जन की परंपरा क्या है?
खेत्री वे पवित्र जौ की कोंपलें होती हैं जो नवरात्र में घटस्थापना के समय बोई जाती हैं और नौ दिन तक पूजी जाती हैं। विजयादशमी को इनका विधिवत विसर्जन किया जाता है, जो नवरात्र उत्सव की औपचारिक समाप्ति का प्रतीक है।
ट्रस्टी रवींद्र गोयल ने श्रद्धालुओं से क्या अपील की?
मंदिर ट्रस्टी रवींद्र गोयल ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने घरों में उगाई गई खेत्री को इधर-उधर या सार्वजनिक स्थानों पर न फेंकें। उन्होंने कहा कि भक्त खेत्री झंडेवालान मंदिर में जमा कराएँ ताकि मंदिर प्रशासन उसका विधि-सम्मत विसर्जन सुनिश्चित कर सके।
अष्टमी-नवमी पर झंडेवालान मंदिर में क्या विशेष आयोजन हुए?
अष्टमी-नवमी पर मंदिर में भव्य कन्या पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें पूरे दिन और देर रात तक बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित रहे। अष्टमी की रात एक भव्य जागरण भी हुआ जो सुबह चार बजे तक चला।
विजयादशमी पर रवींद्र गोयल ने क्या संदेश दिया?
रवींद्र गोयल ने समस्त देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएँ देते हुए कामना की कि देश सुरक्षित और सफल रहे और हर घर में सुख-समृद्धि आए। उन्होंने भगवान राम से देश के संकटों पर विजय की शक्ति देने की प्रार्थना की।
राष्ट्र प्रेस
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