झारखंड में स्वास्थ्य सेवाएं सशक्त करने के लिए 942 चिकित्सा पदों की बहाली की प्रक्रिया शुरू
सारांश
Key Takeaways
- झारखंड में 942 चिकित्सा पदों की बहाली की प्रक्रिया शुरू।
- नियुक्तियां 24 विभागों में की जाएंगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की योजना।
- अलग से 335 चिकित्सा पदाधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है।
- स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
रांची, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया आरंभ की है।
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी दी है कि कुल 942 पदों पर नियुक्ति की योजना बनायी गई है। इनमें से 276 पदों के लिए झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) को अधियाचना भेजी जा चुकी है, जबकि अन्य 666 पदों के लिए कार्मिक विभाग को अधियाचना भेजने का अनुरोध किया गया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, नियुक्ति प्रक्रिया को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है। मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए 180 सहायक प्राध्यापक पदों पर नियुक्ति का प्रस्ताव है, जिनमें से 155 पद नियमित और 25 पद बैकलॉग श्रेणी के हैं। ये नियुक्तियां मेडिसिन, सर्जरी, एनेस्थीसिया, स्त्री एवं प्रसूति रोग तथा शिशु रोग सहित 24 विभागों में की जाएंगी। नियुक्ति प्रक्रिया झारखंड चिकित्सा शिक्षा सेवा नियमावली 2018 (संशोधित 2021) और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के मापदंडों के अनुसार होगी।
इसके अतिरिक्त, धनबाद, जमशेदपुर, हजारीबाग, पलामू और दुमका स्थित मेडिकल कॉलेजों में 96 विशेषज्ञ फैकल्टी की नियुक्ति का प्रावधान है। इनमें न्यूरो सर्जरी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी और ऑन्कोलॉजी जैसे विभाग शामिल हैं।
जिला और अनुमंडल अस्पतालों के लिए 666 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति का प्रस्ताव है, जिनमें 506 पद नियमित और 160 बैकलॉग के हैं। इस संबंध में कार्मिक विभाग को अधियाचना भेजने की प्रक्रिया जारी है। इनमें 226 पद फिजिशियन और 224 पद शिशु रोग विशेषज्ञों के हैं।
अतिरिक्त में एनेस्थेटिस्ट और स्त्री रोग विशेषज्ञों के पद भी शामिल हैं। विभाग ने यह भी बताया कि 335 चिकित्सा पदाधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया अलग से चल रही है। सरकार का कहना है कि इन नियुक्तियों से राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ेगी, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेवाओं को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।