झारखंड में गर्मी की मार: स्कूलों का समय बदला, स्वास्थ्य विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया
सारांश
Key Takeaways
- स्कूलों का समय बदला गया है ताकि बच्चों को राहत मिल सके।
- येलो अलर्ट जारी किया गया है जिससे सभी जिलों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
- राज्य में तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है।
- लोगों को दोपहर में बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।
- स्वास्थ्य विभाग ने जरूरी दवाओं का भंडार रखने के निर्देश दिए हैं।
रांची, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में भीषण गर्मी के चलते राज्य सरकार ने बच्चों को राहत देने के लिए स्कूलों का समय बदलने का निर्णय लिया है। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग ने इस स्थिति को लेकर येलो अलर्ट जारी कर सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा सोमवार को जारी आदेश के अनुसार, 21 अप्रैल से राज्य के सभी सरकारी, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में कक्षाओं का संचालन सुबह के समय किया जाएगा। केजी से कक्षा 8 तक की कक्षाएं सुबह 7 बजे से 11:30 बजे तक चलेंगी, जबकि कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होंगी।
हालांकि, सरकारी स्कूलों के शिक्षक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारी सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक विद्यालय में उपस्थित रहेंगे और इस दौरान गैर-शैक्षणिक कार्यों का निष्पादन करेंगे। इधर, बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में येलो अलर्ट जारी किया है।
आपदा प्रबंधन सह स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सभी जिलों के उपायुक्तों को सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के करीब 10 जिलों में तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है, और आने वाले दिनों में इसमें 3 से 5 डिग्री की और वृद्धि की संभावना है।
राज्य में रविवार को डालटेनगंज सबसे गर्म स्थान रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि राजधानी रांची में पारा 39 डिग्री के आसपास पहुँच गया है। येलो अलर्ट के बीच कई इलाकों में लू चलने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है, साथ ही कुछ क्षेत्रों में तेज हवा और वज्रपात की भी चेतावनी दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों और सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को ओआरएस, आईवी फ्लूइड और आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार रखने के निर्देश दिए हैं। लू लगने की स्थिति में तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचने की अपील की गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने जिला प्रशासन को पेयजल, छाया, अस्थायी शेल्टर और एंबुलेंस सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए हैं।