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क्या झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का निधन राज्य के लिए एक बड़ा धक्का है?

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क्या झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का निधन राज्य के लिए एक बड़ा धक्का है?

सारांश

झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का निधन झारखंड में शोक का कारण बना है। नेताओं ने इसे अपूरणीय क्षति बताया है। इस लेख में जानिए उनके योगदान और उनके प्रति नेताओं की भावनाएं।

मुख्य बातें

रामदास सोरेन का निधन झारखंड के लिए अपूर्णीय क्षति है।
उनका योगदान शिक्षा में सुधार और विकास के लिए महत्वपूर्ण था।
राज्य के नेताओं ने उनके प्रति शोक व्यक्त किया।
वे एक क्रांतिकारी नेता थे, जो जनता की भलाई के लिए समर्पित थे।
उनकी कमी को भरना मुश्किल होगा।

रांची, 16 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमए) के नेता मनोज पांडे ने शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन को झारखंड के लिए बड़ी हानि बताया। उनका कहना था कि पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के बाद यह एक और दुखद घटना है। यह अत्यंत संवेदनशील समय है।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में मनोज पांडे ने कहा कि रामदास सोरेन एक संघर्षशील और क्रांतिकारी नेता थे, जो हमारे बीच से चले गए हैं। यह झारखंड वासियों के लिए एक अपूर्णीय क्षति है, जिसे भरना संभव नहीं है। वे संकटमोचक, मिलनसार और शिक्षा विभाग में महत्वपूर्ण बदलाव की सोच रखने वाले थे। उन्होंने प्रार्थना की कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि इस नुकसान की भरपाई पार्टी के लिए अत्यंत कठिन होगी।

कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने रामदास सोरेन के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह झारखंड के लिए बड़ी हानि है। वे शिक्षकों और छात्रों के लिए समर्पित रूप से काम कर रहे थे, और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने का प्रयास कर रहे थे। ठाकुर ने उन्हें ईमानदार, सरल और शालीन व्यक्ति बताया, जो शिक्षा में अपने योगदान के लिए जाने जाते थे। उनके निधन को उन्होंने पूरे राज्य के लिए दुखद समाचार कहा।

झारखंड सरकार में मंत्री इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा, "राज्य के लिए यह अत्यंत दुखद समाचार है और शिक्षा जगत के लिए एक अपूर्णीय क्षति। शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन एक व्यवहारिक नेता थे, जो आदिवासी समाज के लिए जाने जाते थे। उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा। मैं उनकी स्थिति पर ध्यान रख रहा था, लेकिन अंततः हम इस संघर्ष में हार गए।"

उन्होंने कहा कि मेरे साथी मंत्री रामदास सोरेन अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके साथ बिताए गए पल हमेशा याद रहेंगे। मैं उनके परिवार का सदस्य जैसा महसूस कर रहा हूं और उनसे लगातार संपर्क में हूं। वे सरल स्वभाव के, मेहनती और जनसेवा के प्रति समर्पित नेता थे। इस दुख की घड़ी में मैं उनके परिवार के साथ खड़ा हूं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक-संतप्त परिवार को शक्ति दें।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि रामदास सोरेन का निधन झारखंड के लिए गहरा दुख है। उनकी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और सामाजिक उत्थान की भावना ने उन्हें एक प्रभावशाली नेता बनाया। यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हमें अपनी शिक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना होगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामदास सोरेन का योगदान क्या था?
वे शिक्षा के क्षेत्र में कई सुधार लाने के लिए जाने जाते थे और शिक्षकों व छात्रों के लिए समर्पित थे।
उनके निधन पर नेताओं की क्या प्रतिक्रिया थी?
नेताओं ने इसे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया और उनके योगदान को याद किया।
राज्य के लिए यह घटना क्यों महत्वपूर्ण है?
यह घटना झारखंड की शिक्षा व्यवस्था पर गहरा असर डाल सकती है और नेताओं की सामाजिक जिम्मेदारी को उजागर करती है।
राष्ट्र प्रेस
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