16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या झारखंड में मोबाइल ऐप पर 108 एंबुलेंस सर्विस उपलब्ध होगी और प्राइवेट ऑपरेटर सरकारी नेटवर्क से जुड़ेंगे?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या झारखंड में मोबाइल ऐप पर 108 एंबुलेंस सर्विस उपलब्ध होगी और प्राइवेट ऑपरेटर सरकारी नेटवर्क से जुड़ेंगे?

सारांश

झारखंड में 108 एंबुलेंस सर्विस अब मोबाइल ऐप पर उपलब्ध होगी, जिससे नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। प्राइवेट एंबुलेंस ऑपरेटरों को सरकारी नेटवर्क में शामिल करने से सेवा में सुधार होगा। जानें इस नए कदम का महत्व और इससे लोगों को कैसे लाभ होगा।

मुख्य बातें

108 एंबुलेंस सर्विस अब मोबाइल ऐप के माध्यम से उपलब्ध होगी।
प्राइवेट एंबुलेंस ऑपरेटरों को सरकारी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
सेवा में सुधार के लिए सॉफ्टवेयर विकसित किया जाएगा।
गर्भवती महिलाओं के लिए ममता वाहन सेवा भी मोबाइल ऐप से जोड़ी जाएगी।
राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना की समीक्षा की जाएगी।

रांची, 26 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में 108 एंबुलेंस सर्विस की बुकिंग अब मोबाइल ऐप के माध्यम से की जा सकेगी। इस सेवा को और भी प्रभावी और सुलभ बनाने के लिए प्राइवेट एंबुलेंस ऑपरेटरों को भी सरकारी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। यह निर्णय स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में लिया गया।

लोगों को एंबुलेंस की उपलब्धता में आसानी करने के लिए निजी एंबुलेंस ऑपरेटरों की सेवाएं ली जाएंगी। इसके लिए एंबुलेंस ऑपरेटर्स को प्रति किलोमीटर निर्धारित दर पर भुगतान किया जाएगा। कई बार लोगों ने शिकायत की है कि 108 एंबुलेंस की बुकिंग के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ता है। प्राइवेट एंबुलेंस को सरकारी नेटवर्क से जोड़ने से इस तरह की समस्या का समाधान होगा।

प्राइवेट एंबुलेंस के लिए विभागीय सर्टिफिकेशन, निबंधन और नियमित मूल्यांकन आवश्यक होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर निबंधन रद्द कर दिया जाएगा। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के लिए चल रही ममता वाहन सेवा को भी मोबाइल ऐप से जोड़ा जाएगा। इसके लिए सॉफ्टवेयर विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसे हर वर्ष अपडेट किया जाएगा ताकि सेवा में तकनीकी बाधाएं न आएं।

एंबुलेंस की भौतिक स्थिति को बनाए रखने के लिए मौजूदा वाहनों की डेंटिंग-पेंटिंग कराई जाएगी और नई एंबुलेंस की पेंटिंग हर चार वर्ष में सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि वर्तमान बीमा कंपनी का कार्यकाल फरवरी में समाप्त हो रहा है।

निर्देश दिया गया कि नई बीमा कंपनी का चयन समय पर किया जाए, ताकि राज्यकर्मियों और उनके आश्रितों को चिकित्सा में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। इसके तहत राज्य के सभी प्रमुख अस्पतालों के साथ-साथ बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल जैसे अन्य राज्यों और महानगरों में भी सीजीएचएस दर पर अस्पतालों का निबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

हम हमेशा नागरिकों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध हैं। झारखंड में 108 एंबुलेंस सर्विस का मोबाइल ऐप पर आना और प्राइवेट ऑपरेटरों का सरकारी नेटवर्क से जुड़ना एक सकारात्मक कदम है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और नागरिकों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

108 एंबुलेंस सर्विस का मोबाइल ऐप कब से उपलब्ध होगा?
108 एंबुलेंस सर्विस का मोबाइल ऐप जल्द ही उपलब्ध होगा, जिससे लोग आसानी से बुकिंग कर सकेंगे।
क्या प्राइवेट एंबुलेंस सरकारी नेटवर्क से जुड़ेंगे?
जी हां, प्राइवेट एंबुलेंस को सरकारी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा ताकि सेवा में सुधार हो सके।
क्या एंबुलेंस ऑपरेटरों को भुगतान कैसे किया जाएगा?
एंबुलेंस ऑपरेटरों को प्रति किलोमीटर तय दर के अनुसार भुगतान किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले