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क्या झारखंड शराब घोटाले में नवीन केडिया की गिरफ्तारी से हालात बदलेंगे?

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क्या झारखंड शराब घोटाले में नवीन केडिया की गिरफ्तारी से हालात बदलेंगे?

सारांश

झारखंड शराब घोटाले में एसीबी ने प्रमुख आरोपी नवीन केडिया को गोवा से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण कदम है, जो घोटाले के जड़ों को उजागर कर सकती है। क्या यह कदम झारखंड में शराब कारोबार की स्थिति को बदलने में मदद करेगा?

मुख्य बातें

नवीन केडिया की गिरफ्तारी झारखंड शराब घोटाले में महत्वपूर्ण कदम है।
एसीबी की जांच में घोटाले की कुल राशि 150 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है।
छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारियों के साथ घोटाले का गहरा संबंध है।
एसीबी ने तकनीकी और मानव संसाधन का उपयोग कर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की।
जांच में कई वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता उजागर हुई है।

रांची, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के चर्चित शराब घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है और प्रमुख आरोपी नवीन केडिया को गिरफ्तार कर लिया है। नवीन केडिया, जो छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले का निवासी है, को गोवा से गिरफ्तार किया गया, जहां वह लंबे समय से फरार था।

एसीबी की टीम अब उसे रांची लाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की तैयारी कर रही है, जहां उसे अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद उससे मामले से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन पूछताछ की जाएगी।

एसीबी सूत्रों के मुताबिक, नवीन केडिया को पहले पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद उसने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया, लेकिन उसकी याचिका खारिज कर दी गई। उसके बाद से ही वह फरार था। एसीबी ने तकनीकी और मानव संसाधन इनपुट के आधार पर उसकी लोकेशन को ट्रेस किया और गोवा से उसे गिरफ्तार करने में सफल रही।

जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि झारखंड के शराब घोटाले का छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारियों के साथ गहरा और संगठित संबंध रहा है। छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा एक कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया के घर से मिली डायरी ने झारखंड कनेक्शन को उजागर किया था। इस डायरी में झारखंड में शराब कारोबार को नियंत्रित करने के लिए बनाए गए सिंडिकेट और उन्हें प्रबंधित करने की रणनीति का उल्लेख था।

जांच में यह भी सामने आया है कि झारखंड सरकार द्वारा शराब दुकानों के संचालन के लिए जिन सात प्लेसमेंट कंपनियों को ठेका दिया गया था, उन्होंने टेंडर की शर्तों का गंभीर उल्लंघन किया। इन कंपनियों द्वारा जमा की गई बैंक गारंटी फर्जी पाई गई। झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड की आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, इन कंपनियों ने फर्जीवाड़े के जरिए राज्य सरकार को लगभग 129.55 करोड़ रुपए का नुकसान पहुँचाया।

अब तक की जांच में एसीबी ने इस घोटाले की कुल राशि 150 करोड़ रुपए से अधिक आंकी है। इस मामले में पूर्व में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे, रिटायर्ड आईएएस अमित प्रकाश, झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी गजेंद्र सिंह, कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया और प्रिज्म होलोग्राफी कंपनी के निदेशक विधु गुप्ता की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि, चार्जशीट समय पर दाखिल न होने के कारण अधिकांश आरोपियों को अदालत से जमानत मिल गई थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे समाज में विश्वास बढ़ेगा।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नवीन केडिया को कब गिरफ्तार किया गया?
नवीन केडिया को 8 जनवरी को गोवा से गिरफ्तार किया गया।
झारखंड शराब घोटाले में कुल राशि कितनी है?
इस घोटाले की कुल राशि 150 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है।
एसीबी ने नवीन केडिया को क्यों गिरफ्तार किया?
उसे पहले पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ और अग्रिम जमानत की याचिका खारिज होने के बाद वह फरार हो गया था।
क्या नवीन केडिया की गिरफ्तारी से घोटाले में और खुलासे होंगे?
हां, एसीबी से उसके रिमांड पर गहन पूछताछ की जाएगी, जिससे मामले में और जानकारी मिल सकती है।
कौन-कौन से अन्य आरोपी पहले गिरफ्तार हो चुके हैं?
इस मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे, अमित प्रकाश और अन्य कई आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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