ओडिशा में झारसुगुड़ा सड़क हादसे में मृतक पुलिसकर्मियों के परिवारों को 5 लाख की सहायता
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री ने 5 लाख की सहायता की घोषणा की।
- हादसा नेशनल हाईवे 49 पर हुआ।
- पांच पुलिसकर्मी मारे गए।
- स्थानीय लोगों ने सुरक्षा उपायों का आग्रह किया।
- पुलिस ने जांच शुरू की है।
भुवनेश्वर, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को झारसुगुड़ा जिले में एक सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले पांच पुलिसकर्मियों के परिवारों को 5-5 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) से मृतक पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए यह राशि प्रदान की जाएगी।
सीएमओ ने बताया, "झारसुगुड़ा में हुई यह दुखद सड़क दुर्घटना बहुत ही मार्मिक है, जिसमें ड्यूटी पर तैनात पांच पुलिसकर्मियों की जान चली गई। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिवारों को सहायता देने का निर्णय लिया है।"
यह हादसा नेशनल हाईवे 49 पर झारसुगुड़ा सदर पुलिस स्टेशन के पास काटापाली में हुआ, जब लोहे के अयस्क से लदा एक ट्रेलर ट्रक पुलिसकर्मियों को ले जा रही बोलेरो गाड़ी से टकरा गया।
इस दुर्घटना में पांच पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को पहले नजदीकी मेडिकल सेंटर में ले जाया गया, बाद में दो को बरगढ़ जिले के एक प्राइवेट अस्पताल में और एक को संबलपुर के बुर्ला में इलाज के लिए रेफर किया गया।
मृतकों की पहचान काशीराम भोई (एपीआर), निरंजन कुजूर (ड्रिल सब-इंस्पेक्टर), देबदत्त सा (एपीआर), लिंगराज धुरुआ (एपीआर हवलदार), और भक्तबंधु मिर्धा (होम गार्ड) के रूप में हुई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह सभी रेंगाली क्षेत्र में रात की ड्यूटी पूरी कर लौट रहे थे जब यह हादसा हुआ।
पुलिस ने हादसे में शामिल ट्रक के चालक को हिरासत में ले लिया है और ट्रक को जब्त कर लिया गया है। टक्कर के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री माझी, गवर्नर हरि बाबू कंभमपति और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने पुलिसकर्मियों की मौत पर शोक व्यक्त किया है।
स्थानीय लोगों ने हाईवे पर सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और इसे चौड़ा करने की पुरानी मांग को दोहराया है। उन्होंने कहा है कि हाईवे पर प्रतिदिन भारी ट्रैफिक होता है और अधिकारियों से अपील की है कि आगे और दुर्घटनाएं रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को तेजी से लागू किया जाए।