प्रयागराज संगम पर अक्षय तृतीया का जश्न, श्रद्धालुओं ने की पवित्र डुबकी
सारांश
Key Takeaways
- अक्षय तृतीया पर संगम तट पर भारी भीड़ उमड़ी।
- श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई और प्रार्थना की।
- दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है।
प्रयागराज, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में संगम तट पर विशाल जनसमूह एकत्र हुआ। रविवार की सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ ने पवित्र संगम में स्नान करने के लिए लाइन लगाई। पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का माहौल था और भक्तों ने स्नान के साथ-साथ पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और आशीर्वाद की प्रार्थना की।
प्रयागराज संगम पर स्नान करने आई श्रद्धालु प्रतिभा राय ने कहा कि आज का दिन विशेष है, इसलिए वे अपने परिवार के साथ यहाँ आई हैं। उनका मानना है कि इस दिन का स्नान और पूजा का अद्भुत महत्व है, जो जीवन में सकारात्मक फल लाता है।
श्रद्धालु अनीता यादव ने बताया कि अक्षय तृतीया के अवसर पर दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। उनका मानना है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है और उन्होंने सभी के सुख-समृद्धि की कामना की।
एक अन्य श्रद्धालु स्नेहा ने कहा कि उन्होंने अपने परिवार और पूरे देश के लिए सुख-शांति की प्रार्थना की है। उन्होंने स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया, खासकर कोरोना महामारी के बाद।
संगम पर मौजूद एक ब्राह्मण ने बताया कि अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम जयंती का दिन विशेष है, जिसके कारण श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या यहाँ आई है। उन्होंने कहा कि इस दिन गंगा स्नान और दान का फल अद्भुत होता है।
उन्होंने यह भी बताया कि अक्षय तृतीया का अर्थ है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता। इसलिए लोगों को अच्छे कार्य करने चाहिए और बुराई से दूर रहना चाहिए।