ट्राई डेटा: जून में भारत के टेलीकॉम ग्राहक 1.348 अरब, ब्रॉडबैंड यूजर्स 1.087 अरब पार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा 28 जुलाई को जारी ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, जून 2026 के अंत तक देश में कुल टेलीफोन ग्राहकों की संख्या बढ़कर 1.348 अरब हो गई, जो मई में 1.343 अरब थी। इसी अवधि में ब्रॉडबैंड उपयोगकर्ताओं की संख्या 1.087 अरब तक पहुँच गई — जो डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार में भारत की निरंतर गति को रेखांकित करती है।
टेली-डेंसिटी और शहरी-ग्रामीण विभाजन
ट्राई के आँकड़ों के अनुसार, जून के अंत तक देश की कुल टेली-डेंसिटी (प्रति 100 व्यक्तियों पर टेलीफोन कनेक्शन) 94.31 प्रतिशत हो गई, जो मई में 94.02 प्रतिशत थी। शहरी क्षेत्रों में ग्राहकों की संख्या 787.71 मिलियन से बढ़कर 792.06 मिलियन हुई, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 555.39 मिलियन से बढ़कर 556.01 मिलियन पहुँची। यह अंतर दर्शाता है कि शहरी क्षेत्रों में वृद्धि की गति अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों से तेज़ है।
ब्रॉडबैंड विस्तार
ब्रॉडबैंड सेवाओं में मासिक आधार पर 0.68 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कुल ब्रॉडबैंड ग्राहक संख्या 1.080 अरब से बढ़कर 1.087 अरब हो गई। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार 'डिजिटल इंडिया' के तहत हाई-स्पीड इंटरनेट की पहुँच बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है।
वायरलेस और मोबाइल सेवाएँ
ग्राहक वृद्धि में वायरलेस सेवाओं की सबसे बड़ी भूमिका रही। मोबाइल और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) सहित कुल वायरलेस ग्राहक 1.294 अरब से बढ़कर 1.300 अरब हो गए — मासिक वृद्धि 0.45 प्रतिशत। केवल मोबाइल वायरलेस ग्राहकों की संख्या 1.277 अरब से 1.282 अरब पहुँची, जो 0.42 प्रतिशत की मासिक बढ़त है। शहरी वायरलेस ग्राहक 749.39 मिलियन और ग्रामीण वायरलेस ग्राहक 550.86 मिलियन रहे। वायरलेस टेली-डेंसिटी जून में 90.96 प्रतिशत दर्ज की गई।
निजी कंपनियों का दबदबा, BSNL-MTNL पिछड़े
वायरलेस मोबाइल सेवा क्षेत्र में निजी टेलीकॉम कंपनियों की बाज़ार हिस्सेदारी 92.73 प्रतिशत रही। इसके विपरीत, सरकारी कंपनियों BSNL और MTNL की संयुक्त हिस्सेदारी मात्र 7.27 प्रतिशत रही। गौरतलब है कि यह प्रवृत्ति पिछले कई वर्षों से जारी है और सरकारी टेलीकॉम कंपनियों के पुनरुद्धार की चुनौती को उजागर करती है। पीक विज़िटर लोकेशन रजिस्टर (VLR) के आधार पर जून में सक्रिय वायरलेस ग्राहकों की संख्या 1.201 अरब रही।
5G FWA और MNP
5G आधारित फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) ग्राहकों की संख्या 12.73 मिलियन से बढ़कर 12.94 मिलियन हो गई। इस श्रेणी में ग्रामीण ग्राहकों की संख्या शहरी ग्राहकों से मामूली अधिक रही, जो ग्रामीण क्षेत्रों में 5G FWA की बढ़ती स्वीकार्यता का संकेत है। अनलाइसेंस्ड बैंड रेडियो (UBR) आधारित FWA तकनीक उपयोगकर्ताओं की संख्या 4.93 मिलियन रही। मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) के मोर्चे पर, जून में 1.478 करोड़ ग्राहकों ने नंबर बरकरार रखते हुए ऑपरेटर बदलने के लिए आवेदन किया — जो प्रतिस्पर्धी बाज़ार में उपभोक्ता सक्रियता का प्रमाण है। आने वाले महीनों में 5G विस्तार और FWA के प्रसार के साथ ये आँकड़े और तेज़ गति से बढ़ने की संभावना है।