उत्तराखंड: चमोली में 'मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन छात्रवृत्ति योजना' शुरू, चयनित खिलाड़ियों को ₹1,500 प्रतिमाह
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के चमोली जिले में 28 जुलाई को 'मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन छात्रवृत्ति योजना' के तहत जिलास्तरीय शारीरिक दक्षता परीक्षा का आगाज़ हुआ। स्पोर्ट्स स्टेडियम गोपेश्वर में आयोजित इस चयन प्रक्रिया का शुभारंभ अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने हरी झंडी दिखाकर किया। योजना का उद्देश्य 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभाशाली बालक एवं बालिका खिलाड़ियों को चिह्नित कर उन्हें ₹1,500 प्रतिमाह की छात्रवृत्ति प्रदान करना है।
योजना की संरचना और चयन प्रक्रिया
योजना के अंतर्गत प्रत्येक आयु वर्ग से 25 बालक और 25 बालिकाओं का चयन किया जाएगा। चमोली जनपद से कुल 150 बालक एवं 150 बालिकाएँ — यानी 300 खिलाड़ी — इस छात्रवृत्ति के लिए चुने जाएँगे। चयन निर्धारित मानकों के अनुसार निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा रहा है।
पहले दिन 8 से 9 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों की परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 53 बालक और 49 बालिकाओं सहित कुल 102 प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। बच्चे रेफरियों की निगरानी में अपनी दक्षता का प्रदर्शन करते नज़र आए।
खेल प्रशिक्षक की राय
खेल प्रशिक्षक सुरेश बिष्ट ने बताया कि आज के चरण में 8 से 9 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 125 बालक-बालिकाओं ने भाग लिया। उन्होंने कहा, 'इस वर्ग से 25 बालक और 25 बालिकाओं का चयन किया जाएगा और चयनित बच्चों को सरकार की ओर से प्रतिमाह ₹1,500 की धनराशि दी जाती है।'
अभिभावकों और प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया
चयन स्थल पर मौजूद एक अभिभावक ने कहा, 'यह अच्छी योजना है। इससे बच्चों में प्रतियोगिता की भावना आती है। ₹1,500 का पारितोषिक भी मिलता है, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर भी सकारात्मक पड़ता है।' प्रतिभागी कृष्णा ने उत्साह के साथ कहा, 'अगर मैं चयन में सफल रहा, तो मुझे ₹1,500 मिलेंगे।'
आम जनता पर असर
यह योजना ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों के उन परिवारों के लिए विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है जो आर्थिक बाधाओं के कारण अपने बच्चों को खेल प्रशिक्षण दिलाने में असमर्थ हैं। चमोली जैसे दुर्गम पर्वतीय जिले में इस तरह की पहल उभरती प्रतिभाओं को राज्यस्तरीय मंच तक पहुँचने का अवसर देती है।
आगे क्या
अगले चरणों में 10 से 14 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जाएगी। चयनित खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति के साथ-साथ बेहतर प्रशिक्षण के अवसर भी उपलब्ध कराए जाने की योजना है, ताकि वे भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर सकें।