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गुजरात बना भारत का नंबर-1 एक्सपोर्ट राज्य, रिकॉर्ड $863 अरब निर्यात में $110 अरब का योगदान

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गुजरात बना भारत का नंबर-1 एक्सपोर्ट राज्य, रिकॉर्ड $863 अरब निर्यात में $110 अरब का योगदान

सारांश

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का निर्यात $863 अरब के रिकॉर्ड पर पहुँचा, और इसमें $110 अरब के साथ गुजरात सभी राज्यों में अव्वल रहा। SEZ, आधुनिक बंदरगाह और निर्यात-उन्मुख नीतियाँ इस सफलता की नींव हैं — और सेमीकंडक्टर जैसे नए क्षेत्र आगे और तेज़ी का संकेत दे रहे हैं।

मुख्य बातें

गुजरात ने वित्त वर्ष 2025-26 में $110 अरब का निर्यात कर देश के सभी राज्यों में पहला स्थान हासिल किया।
भारत का कुल निर्यात इस वित्त वर्ष में $863 अरब के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँचा।
इंजीनियरिंग उत्पाद, पेट्रोलियम, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, रत्न-आभूषण और इलेक्ट्रॉनिक्स गुजरात के प्रमुख निर्यात क्षेत्र हैं।
राज्य में स्थित SEZ और अत्याधुनिक बंदरगाह निर्यात वृद्धि के मुख्य चालक बने हैं।
CII के पूर्व अध्यक्ष विनोद अग्रवाल के अनुसार, गुजरात अब सेमीकंडक्टर और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग जैसे नए क्षेत्रों में भी तेज़ी से विस्तार कर रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की नेतृत्व में लागू औद्योगिक व निर्यात नीतियों को इस उपलब्धि का श्रेय दिया जा रहा है।

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 863 अरब डॉलर का रिकॉर्ड निर्यात दर्ज किया है, और इस ऐतिहासिक उपलब्धि में सबसे बड़ी हिस्सेदारी गुजरात की रही — राज्य ने अकेले 110 अरब डॉलर का निर्यात कर सभी राज्यों में शीर्ष स्थान हासिल किया। इंजीनियरिंग उत्पाद, पेट्रोलियम, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, रत्न एवं आभूषण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों ने मिलकर गुजरात के निर्यात को यह मजबूत आधार दिया है।

किन क्षेत्रों ने दिया गुजरात को बल

उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, गुजरात की निर्यात सफलता किसी एक सेक्टर पर निर्भर नहीं है — यह एक विविधतापूर्ण औद्योगिक ढाँचे का परिणाम है। इंजीनियरिंग उत्पाद, पेट्रोलियम रिफाइनिंग, रसायन एवं पेट्रोकेमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल और रत्न-आभूषण परंपरागत रूप से राज्य के निर्यात की रीढ़ रहे हैं। अब इनके साथ इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे नए उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्र भी जुड़ रहे हैं।

राजकोट इंजीनियरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र पंचानी ने कहा कि गुजरात की औद्योगिक नीतियाँ — विशेष रूप से हाल ही में लागू नई औद्योगिक नीति — भारत में अपनी तरह की पहली नीति है। उन्होंने कहा, 'पिछले कुछ वर्षों में राज्य की अलग-अलग नीतियों, जैसे गुजरात इंडस्ट्रियल पॉलिसी, ने निर्यात में अग्रणी भूमिका निभाई है।'

बुनियादी ढाँचे की भूमिका

उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, गुजरात को निर्यात में शीर्ष पर लाने में राज्य की कम लॉजिस्टिक लागत और उन्नत परिवहन अवसंरचना की निर्णायक भूमिका है। देश के कुछ सबसे अग्रणी और आधुनिक बंदरगाह गुजरात में स्थित हैं, और राज्य में कई विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) स्थापित हैं जो निर्यात वृद्धि के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT), अहमदाबाद के संयुक्त निदेशक राहुल सिंह ने कहा कि मजबूत पोर्ट प्रणाली, विकसित औद्योगिक अवसंरचना, निर्यात-उन्मुख नीतियों और वैश्विक बाज़ार से सशक्त कनेक्टिविटी के कारण गुजरात आज देश का सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन गया है। उन्होंने जोड़ा कि राज्य 'मेक इन इंडिया', 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित भारत 2047' के विज़न को साकार करने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।

नए युग के क्षेत्रों की ओर कदम

भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के पूर्व अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने कहा कि गुजरात अब पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर सेमीकंडक्टर और फिनटेक-आधारित वित्तीय निर्यात जैसे नए युग के क्षेत्रों में भी मजबूती से कदम रख रहा है। राज्य में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग में व्यापक निवेश हो रहा है, जिससे गुजरात वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और उद्योग मानचित्र पर अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में चीन के विकल्प के रूप में उभरने की कोशिश कर रहा है। गुजरात की बढ़ती निर्यात क्षमता इस रणनीतिक बदलाव में देश के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति साबित हो सकती है।

सरकारी नीतियों का योगदान

व्यापार जगत के जानकारों के अनुसार, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लागू की गई औद्योगिक, मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात-केंद्रित नीतियों ने गुजरात के निर्यात में लगातार वृद्धि सुनिश्चित की है। आने वाले वर्षों में गुजरात की निर्यात क्षमता में और अधिक विस्तार की संभावना जताई जा रही है, जो भारत के समग्र व्यापार लक्ष्यों को नई गति दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देना ज़रूरी है कि राज्य के निर्यात में पेट्रोलियम रिफाइनिंग की हिस्सेदारी बड़ी है — जो मूल्य-संवर्धन के बजाय कच्चे माल के प्रसंस्करण पर निर्भर है। असली परीक्षा यह है कि सेमीकंडक्टर और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग में घोषित निवेश कब और कितने रोज़गार तथा उच्च मूल्य-वर्धित निर्यात में परिवर्तित होते हैं। गुजरात का SEZ और बंदरगाह बुनियादी ढाँचा निस्संदेह देश में सर्वश्रेष्ठ है, परंतु अन्य राज्यों के मुकाबले यह बढ़त तब तक टिकाऊ नहीं होगी जब तक नवाचार-आधारित निर्यात की हिस्सेदारी नहीं बढ़ती।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वित्त वर्ष 2025-26 में गुजरात का निर्यात में क्या योगदान रहा?
वित्त वर्ष 2025-26 में गुजरात ने $110 अरब का निर्यात किया, जो भारत के कुल $863 अरब के रिकॉर्ड निर्यात में सभी राज्यों में सर्वाधिक है। इस प्रकार गुजरात देश का नंबर-1 निर्यातक राज्य बन गया है।
गुजरात के निर्यात में कौन-से प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं?
गुजरात के निर्यात में इंजीनियरिंग उत्पाद, पेट्रोलियम उत्पाद, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, रत्न एवं आभूषण और इलेक्ट्रॉनिक्स प्रमुख क्षेत्र हैं। अब सेमीकंडक्टर और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग भी तेज़ी से उभर रहे हैं।
गुजरात की निर्यात वृद्धि के पीछे क्या कारण हैं?
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, गुजरात की निर्यात-उन्मुख औद्योगिक नीतियाँ, कम लॉजिस्टिक लागत, आधुनिक बंदरगाह और विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) इसके मुख्य कारण हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में लागू नीतियों को भी इस वृद्धि का श्रेय दिया जा रहा है।
गुजरात भविष्य में किन नए क्षेत्रों में निर्यात बढ़ाने की योजना बना रहा है?
CII के पूर्व अध्यक्ष विनोद अग्रवाल के अनुसार, गुजरात सेमीकंडक्टर और वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) आधारित निर्यात जैसे नए युग के क्षेत्रों में व्यापक निवेश कर रहा है। इससे आने वाले वर्षों में राज्य की निर्यात क्षमता में और अधिक वृद्धि की संभावना है।
'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य में गुजरात की क्या भूमिका है?
DGFT अहमदाबाद के संयुक्त निदेशक राहुल सिंह के अनुसार, गुजरात 'मेक इन इंडिया', 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित भारत 2047' के विज़न को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मजबूत पोर्ट प्रणाली और वैश्विक बाज़ार से कनेक्टिविटी इसे इस लक्ष्य का एक अहम स्तंभ बनाती है।
राष्ट्र प्रेस
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