ईपीएफओ आंकड़े देखें जिन्हें रोजगार नहीं दिखता: गिरिराज सिंह, पटना में 275 को नियुक्ति पत्र
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 19 सितंबर 2026 को पटना में आयोजित 20वें राष्ट्रीय रोजगार मेले में कहा कि जो लोग देश में रोजगार सृजन पर सवाल उठाते हैं, उन्हें कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के आंकड़े देखने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकारी नियुक्ति प्रक्रिया को तेज और अधिक पारदर्शी बनाया गया है।
रोजगार मेले में 275 नियुक्तियाँ
पटना के राजवंशी नगर स्थित पुराने सचिवालय परिसर के अधिवेशन भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्र सरकार के 12 विभागों और संगठनों में नवनियुक्त 275 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इनमें से 93 नियुक्तियाँ अकेले आयकर विभाग में की गईं। गिरिराज सिंह इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
उन्होंने बताया कि इस 20वें रोजगार मेले के माध्यम से देशभर में 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए। इसके साथ ही रोजगार मेलों के ज़रिये अब तक कुल करीब 12.75 लाख नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं।
नियुक्ति प्रक्रिया में आई तेज़ी का दावा
गिरिराज सिंह ने दावा किया कि पहले जहाँ नियुक्ति पत्र मिलने में 18 महीने से दो साल या उससे भी अधिक समय लग जाता था, वहीं अब कई मामलों में यह प्रक्रिया तीन से चार महीने में पूरी हो जाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी केवल नियुक्ति पत्र वितरित नहीं कर रहे, बल्कि युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में सक्रिय रूप से काम भी कर रहे हैं।
सरकारी नौकरी ही एकमात्र विकल्प नहीं
मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि रोजगार को केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, देश में रोजगार के कई नए क्षेत्र विकसित हुए हैं और स्टार्टअप के माध्यम से भी बड़ी संख्या में अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। उन्होंने ईपीएफओ के आंकड़ों को रोजगार की वास्तविक स्थिति समझने का प्रामाणिक माध्यम बताया।
राहुल गांधी पर निशाना
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब छात्रों के लिए सोचने का समय था, तब राहुल गांधी लोकसभा में विधेयक फाड़ रहे थे। उनका आरोप था कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद नहीं किया और अब विपक्ष में आने के बाद यह पहल की जा रही है।
उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस के शासनकाल में स्टार्टअप क्षेत्र में वैसी गतिविधियाँ क्यों नहीं थीं जैसी आज हैं। गिरिराज सिंह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की भूमिका केवल नकारात्मक बातें करना नहीं होनी चाहिए।
आगे की राह
यह रोजगार मेला ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर पर्याप्त रोजगार सृजन न करने का आरोप लगाता रहा है। गिरिराज सिंह के अनुसार ईपीएफओ के आंकड़े सरकार के रोजगार दावों की पुष्टि करते हैं, हालाँकि इन आंकड़ों की व्याख्या को लेकर अर्थशास्त्रियों के बीच मतभेद बने रहे हैं। रोजगार मेलों की यह श्रृंखला आने वाले महीनों में भी जारी रहने की संभावना है।