19 सितंबर 2026
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ईपीएफओ आंकड़े देखें जिन्हें रोजगार नहीं दिखता: गिरिराज सिंह, पटना में 275 को नियुक्ति पत्र

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ईपीएफओ आंकड़े देखें जिन्हें रोजगार नहीं दिखता: गिरिराज सिंह, पटना में 275 को नियुक्ति पत्र

सारांश

पटना में 20वें राष्ट्रीय रोजगार मेले में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने रोजगार आलोचकों को ईपीएफओ आंकड़े देखने की चुनौती दी, 275 नियुक्ति पत्र बाँटे और राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' पर तीखा हमला बोला। रोजगार मेलों से अब तक करीब 12.75 लाख नियुक्ति पत्र वितरित हो चुके हैं।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 19 सितंबर 2026 को पटना में 20वें राष्ट्रीय रोजगार मेले में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
केंद्र सरकार के 12 विभागों में 275 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए, जिनमें 93 नियुक्तियाँ आयकर विभाग में हुईं।
इस मेले में देशभर में 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र मिले; अब तक कुल करीब 12.75 लाख नियुक्ति पत्र वितरित।
गिरिराज सिंह ने दावा किया कि नियुक्ति प्रक्रिया पहले के 18 महीने-2 साल से घटकर अब 3-4 महीने में पूरी हो रही है।
मंत्री ने ईपीएफओ आंकड़ों को रोजगार की असली तस्वीर बताया और स्टार्टअप को नए रोजगार के बड़े स्रोत के रूप में रेखांकित किया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की आलोचना करते हुए कहा कि सत्ता में रहते उन्होंने छात्रों से संवाद नहीं किया।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 19 सितंबर 2026 को पटना में आयोजित 20वें राष्ट्रीय रोजगार मेले में कहा कि जो लोग देश में रोजगार सृजन पर सवाल उठाते हैं, उन्हें कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के आंकड़े देखने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकारी नियुक्ति प्रक्रिया को तेज और अधिक पारदर्शी बनाया गया है।

रोजगार मेले में 275 नियुक्तियाँ

पटना के राजवंशी नगर स्थित पुराने सचिवालय परिसर के अधिवेशन भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्र सरकार के 12 विभागों और संगठनों में नवनियुक्त 275 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इनमें से 93 नियुक्तियाँ अकेले आयकर विभाग में की गईं। गिरिराज सिंह इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

उन्होंने बताया कि इस 20वें रोजगार मेले के माध्यम से देशभर में 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए। इसके साथ ही रोजगार मेलों के ज़रिये अब तक कुल करीब 12.75 लाख नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं।

नियुक्ति प्रक्रिया में आई तेज़ी का दावा

गिरिराज सिंह ने दावा किया कि पहले जहाँ नियुक्ति पत्र मिलने में 18 महीने से दो साल या उससे भी अधिक समय लग जाता था, वहीं अब कई मामलों में यह प्रक्रिया तीन से चार महीने में पूरी हो जाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी केवल नियुक्ति पत्र वितरित नहीं कर रहे, बल्कि युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में सक्रिय रूप से काम भी कर रहे हैं।

सरकारी नौकरी ही एकमात्र विकल्प नहीं

मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि रोजगार को केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, देश में रोजगार के कई नए क्षेत्र विकसित हुए हैं और स्टार्टअप के माध्यम से भी बड़ी संख्या में अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। उन्होंने ईपीएफओ के आंकड़ों को रोजगार की वास्तविक स्थिति समझने का प्रामाणिक माध्यम बताया।

राहुल गांधी पर निशाना

गिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब छात्रों के लिए सोचने का समय था, तब राहुल गांधी लोकसभा में विधेयक फाड़ रहे थे। उनका आरोप था कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद नहीं किया और अब विपक्ष में आने के बाद यह पहल की जा रही है।

उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस के शासनकाल में स्टार्टअप क्षेत्र में वैसी गतिविधियाँ क्यों नहीं थीं जैसी आज हैं। गिरिराज सिंह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की भूमिका केवल नकारात्मक बातें करना नहीं होनी चाहिए।

आगे की राह

यह रोजगार मेला ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर पर्याप्त रोजगार सृजन न करने का आरोप लगाता रहा है। गिरिराज सिंह के अनुसार ईपीएफओ के आंकड़े सरकार के रोजगार दावों की पुष्टि करते हैं, हालाँकि इन आंकड़ों की व्याख्या को लेकर अर्थशास्त्रियों के बीच मतभेद बने रहे हैं। रोजगार मेलों की यह श्रृंखला आने वाले महीनों में भी जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि ईपीएफओ डेटा की सीमाएँ स्वयं अर्थशास्त्री स्वीकार करते हैं। 51 हजार नियुक्ति पत्र और 12.75 लाख की संचयी संख्या प्रभावशाली लगती है, लेकिन इन्हें भारत के हर साल श्रम बाज़ार में प्रवेश करने वाले लाखों युवाओं के संदर्भ में रखकर देखना ज़रूरी है। राहुल गांधी पर हमला राजनीतिक दृष्टि से सुविधाजनक है, पर यह उस मूल प्रश्न से ध्यान हटाता है कि स्टार्टअप और अनौपचारिक क्षेत्र में उत्पन्न रोजगार की गुणवत्ता और स्थिरता क्या है।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20वें राष्ट्रीय रोजगार मेले में क्या हुआ?
19 सितंबर 2026 को पटना में आयोजित 20वें राष्ट्रीय रोजगार मेले में केंद्र सरकार के 12 विभागों में 275 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें 93 नियुक्तियाँ आयकर विभाग में हुईं और देशभर में इस मेले के ज़रिये 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्राप्त हुए।
गिरिराज सिंह ने ईपीएफओ आंकड़ों का उल्लेख क्यों किया?
गिरिराज सिंह ने कहा कि जो लोग देश में रोजगार की कमी का आरोप लगाते हैं, उन्हें ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) के आंकड़े देखने चाहिए जो औपचारिक क्षेत्र में रोजगार वृद्धि को दर्शाते हैं। उनका तर्क था कि सरकारी नौकरी रोजगार का एकमात्र पैमाना नहीं है।
रोजगार मेलों के ज़रिये अब तक कितने नियुक्ति पत्र दिए गए हैं?
गिरिराज सिंह के अनुसार, रोजगार मेलों के माध्यम से अब तक करीब 12.75 लाख नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं। 20वें मेले में देशभर में 51 हजार से अधिक युवाओं को नए नियुक्ति पत्र मिले।
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की आलोचना करते हुए कहा कि सत्ता में रहते उन्होंने छात्रों से संवाद नहीं किया और अब विपक्ष में आने के बाद यह पहल की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर में स्टार्टअप को बढ़ावा देने जैसी गतिविधियाँ नहीं थीं।
सरकारी नियुक्ति प्रक्रिया में क्या बदलाव आया है?
गिरिराज सिंह ने दावा किया कि मोदी सरकार में नियुक्ति पत्र मिलने की अवधि पहले के 18 महीने से 2 साल से घटकर अब 3 से 4 महीने रह गई है। यह बदलाव प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के प्रयासों का नतीजा बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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