अमरनाथ यात्रा 2026: जम्मू-कश्मीर सरकार ने पहलगाम और बालटाल मार्गों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर सरकार ने 3 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक चलने वाली श्री अमरनाथ यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार, 22 जून 2026 को दो वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी सरकारी आदेश के अनुसार, ये नियुक्तियाँ अधिकारियों की मौजूदा ज़िम्मेदारियों के अतिरिक्त की गई हैं।
किसे मिली कौन सी ज़िम्मेदारी
युवा सेवा एवं खेल विभाग के आयुक्त/सचिव शाहिद इकबाल चौधरी को पहलगाम मार्ग का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। वहीं, जम्मू-कश्मीर विद्युत विकास निगम (जेकेपीडीसी) के प्रबंध निदेशक और जम्मू-कश्मीर विद्युत निगम लिमिटेड (जेकेपीसीएल) का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राहुल यादव को बालटाल मार्ग का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
यह आदेश जम्मू-कश्मीर के सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त/सचिव एम. राजू ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देश पर जारी किया।
नोडल अधिकारियों की भूमिका और ज़िम्मेदारियाँ
सरकारी आदेश के अनुसार, दोनों अधिकारी यात्रा से जुड़ी समस्त व्यवस्थाओं की बारीकी से निगरानी करेंगे और संबंधित विभागों व एजेंसियों के बीच समन्वय बनाए रखेंगे। इन्हें श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदीप के. भंडारी को नियमित रूप से रिपोर्ट करने का भी निर्देश दिया गया है।
इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य अंतर-विभागीय समन्वय को मज़बूत करना और लाखों श्रद्धालुओं के लिए रसद, बुनियादी ढाँचा, सार्वजनिक सेवाएँ, सुरक्षा उपाय तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करना है।
दोनों मार्गों की विशेषताएँ
श्रद्धालु दो मार्गों से पवित्र गुफा मंदिर तक पहुँचते हैं — अनंतनाग जिले में स्थित पहलगाम बेस कैंप मार्ग और गांदरबल जिले में स्थित बालटाल बेस कैंप मार्ग। पहलगाम मार्ग से गुफा तक पहुँचने में चार दिन लगते हैं, जबकि बालटाल मार्ग से यात्री उसी दिन दर्शन कर बेस कैंप लौट सकते हैं।
यात्रा का धार्मिक और भौगोलिक महत्त्व
कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊँचाई पर स्थित इस गुफा मंदिर में बर्फ की एक प्राकृतिक संरचना है, जो चंद्रमा की कलाओं के साथ घटती-बढ़ती रहती है। श्रद्धालुओं की आस्था है कि यह हिमलिंग भगवान शिव की दिव्य शक्तियों का प्रतीक है।
इस वर्ष की यात्रा 3 जुलाई से आरंभ होकर 28 अगस्त 2026 को 57 दिनों के बाद समाप्त होगी। प्रशासनिक तैयारियों की यह शृंखला यात्रा के सुरक्षित और व्यवस्थित संचालन की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।