14 अगस्त 2026
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स्वतंत्रता दिवस पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के 52 जवान सम्मानित, 38 को वीरता पदक

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स्वतंत्रता दिवस पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के 52 जवान सम्मानित, 38 को वीरता पदक

सारांश

80वें स्वतंत्रता दिवस पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के 52 जवानों को वीरता और सेवा पदकों से नवाज़ा गया। 38 वीरता पदक और SSP शौकत हुसैन शाह को राष्ट्रपति पदक — यह सम्मान उस बल को मिला जिसने 1989 से अब तक 1,600 से अधिक शहीद दिए हैं।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर पुलिस के 52 जवानों को 80वें स्वतंत्रता दिवस पर वीरता और सराहनीय सेवा पदक प्रदान किए गए।
38 जवानों को वीरता पदक मिला, जिनमें डीआईजी शिव कुमार , एसएसपी शोभित डी.
सक्सेना , एसपी मुश्ताक अहमद और डिप्टी एसपी सरफराज बशीर शामिल हैं।
एसएसपी शौकत हुसैन शाह को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया।
जम्मू-कश्मीर होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा के एक जवान को भी सराहनीय सेवा पदक दिया गया।
पिछले स्वतंत्रता दिवस पर जेके पुलिस ने देश में सर्वाधिक — 152 में से 127 — वीरता पदक अर्जित किए थे।
1989 से अब तक बल के 1,600 से अधिक जवान आतंकवाद-रोधी अभियानों में शहीद हो चुके हैं।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के 52 जवानों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर वीरता और सराहनीय सेवा पदकों से नवाज़ा गया है। 14 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इन पुरस्कारों में 38 वीरता पदक और 13 सराहनीय सेवा पदक शामिल हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा के एक जवान को भी सराहनीय सेवा पदक के लिए चुना गया है।

किन्हें मिले पुरस्कार

वीरता पदक पाने वालों में डीआईजी शिव कुमार, एसएसपी शोभित डी. सक्सेना, एसपी मुश्ताक अहमद और डिप्टी एसपी सरफराज बशीर प्रमुख हैं। इसके अलावा, एसएसपी शौकत हुसैन शाह को विशिष्ट सेवा के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया है — जो बल का सर्वोच्च नागरिक सम्मान माना जाता है।

ये पुरस्कार पुलिसिंग और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में बहादुरी, विशिष्ट योगदान और सराहनीय सेवा को मान्यता देने के लिए प्रतिवर्ष स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर प्रदान किए जाते हैं।

पिछले वर्ष का रिकॉर्ड

गौरतलब है कि पिछले स्वतंत्रता दिवस पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने देश में सर्वाधिक पदक अर्जित किए थे। उस वर्ष कुल 152 क्षेत्रीय पुरस्कारों में से 127 वीरता पदक जम्मू-कश्मीर पुलिस के खाते में गए थे — एक ऐसा आँकड़ा जो देश के किसी भी अन्य राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के पुलिस बल से कहीं अधिक था।

आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष का इतिहास

जम्मू-कश्मीर पुलिस केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद-रोधी अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाती रही है। 1990 के दशक की शुरुआत में बल पर आतंकवाद से मुकाबले में हिचकिचाहट के आरोप लगे थे, किंतु बाद के दशकों में इसने न केवल आतंकियों के खिलाफ मोर्चा संभाला, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान देने में भी नेतृत्व किया।

1989 से अब तक जम्मू-कश्मीर पुलिस के 1,600 से अधिक जवान आतंकवाद से लोहा लेते हुए और क्षेत्र में शांति व सुरक्षा बनाए रखते हुए शहीद हो चुके हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान

केंद्र शासित प्रदेश की यह पुलिस आज देश के सबसे अनुशासित और साहसी बलों में गिनी जाती है। अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए यह एक रोल मॉडल बन चुकी है। इस वर्ष के पुरस्कार उन जवानों के अदम्य साहस की स्वीकृति हैं जो विषम परिस्थितियों में भी कर्तव्य से विमुख नहीं हुए।

आने वाले समय में बल की यह प्रतिबद्धता जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी इसकी शहादतें और बलिदान राष्ट्रीय विमर्श में अक्सर हाशिये पर रहते हैं। 1,600 से अधिक शहीदों का आँकड़ा किसी भी राज्य पुलिस बल के लिए असाधारण है, लेकिन यह संख्या नीति-निर्माण में उतनी केंद्रीय नहीं बन पाती जितनी होनी चाहिए। पदकों की बढ़ती संख्या उत्साहजनक है, परंतु असली सवाल यह है कि क्या बल के जवानों को पर्याप्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता, पुनर्वास और परिवारों को दीर्घकालिक सुरक्षा मिल रही है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

80वें स्वतंत्रता दिवस पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के कितने जवानों को पदक मिले?
80वें स्वतंत्रता दिवस पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के कुल 52 जवानों को पदक दिए गए — इनमें 38 वीरता पदक और 13 सराहनीय सेवा पदक शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा के एक जवान को भी सराहनीय सेवा पदक मिला।
SSP शौकत हुसैन शाह को कौन-सा पुरस्कार मिला?
एसएसपी शौकत हुसैन शाह को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया, जो पुलिस सेवा में दिया जाने वाला सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस को वीरता पदक क्यों मिलते हैं?
जम्मू-कश्मीर पुलिस केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद-रोधी अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाती है। 1989 से अब तक बल के 1,600 से अधिक जवान शहीद हो चुके हैं। वीरता पदक उन जवानों को दिए जाते हैं जिन्होंने विशेष साहस और जोखिम उठाकर कर्तव्य का पालन किया।
पिछले साल जम्मू-कश्मीर पुलिस का पदक रिकॉर्ड कैसा रहा था?
पिछले स्वतंत्रता दिवस पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने देश में सर्वाधिक पदक हासिल किए थे। कुल 152 क्षेत्रीय पुरस्कारों में से 127 वीरता पदक इस बल को मिले थे, जो किसी भी अन्य राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से अधिक था।
जम्मू-कश्मीर पुलिस को देश के अन्य बलों से अलग क्या बनाता है?
जम्मू-कश्मीर पुलिस को देश के सबसे अनुशासित और साहसी पुलिस बलों में गिना जाता है। 1990 के दशक में आतंकवाद की चुनौतियों के बावजूद इस बल ने राष्ट्र की सुरक्षा में अग्रणी भूमिका निभाई और अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बना।
राष्ट्र प्रेस
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