80वें स्वतंत्रता दिवस पर 1,057 कर्मियों को वीरता व सेवा पदक, 301 को बहादुरी पुरस्कार
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार ने 1,057 कर्मियों को वीरता और सेवा पदकों से सम्मानित किया है। ये कर्मी पुलिस, अग्निशमन सेवा, होम गार्ड एवं नागरिक रक्षा (HG & CD) और सुधारात्मक सेवाओं से संबंधित हैं। यह सम्मान देश की आंतरिक सुरक्षा और नागरिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मियों की असाधारण निष्ठा को राष्ट्रीय मान्यता है।
वीरता पदक: कौन हुए सम्मानित
इस वर्ष कुल 301 कर्मियों को वीरता के लिए गैलेंट्री मेडल (GM) से नवाज़ा गया है। इनमें 272 पुलिस कर्मी और 29 अग्निशमन सेवा कर्मी शामिल हैं। वीरता पदक उन कर्मियों को दिया जाता है जिन्होंने जीवन और संपत्ति की रक्षा, अपराध की रोकथाम या अपराधियों की गिरफ्तारी में असाधारण साहस का प्रदर्शन किया हो — और यह साहस उनके कर्तव्यों से जुड़े जोखिम को देखते हुए परखा जाता है।
क्षेत्रवार देखें तो 301 वीरता पुरस्कारों में से सर्वाधिक 197 पुरस्कार वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के कर्मियों को मिले हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर से 51 कर्मी, पूर्वोत्तर से 12 कर्मी और अन्य क्षेत्रों से 41 कर्मी इस सम्मान के हकदार बने हैं।
विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक
विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक (PSM) सेवा में विशेष और उल्लेखनीय रिकॉर्ड के लिए प्रदान किया जाता है। इस वर्ष कुल 92 राष्ट्रपति पदक (PSM) दिए गए हैं। इनमें से 83 पुलिस सेवा, 4 अग्निशमन सेवा, 3 नागरिक रक्षा एवं होम गार्ड और 2 सुधारात्मक सेवाओं के कर्मियों को प्रदान किए गए हैं।
सराहनीय सेवा पदक: सबसे बड़ी श्रेणी
तीनों श्रेणियों में सबसे बड़ी संख्या सराहनीय सेवा पदक (MSM) की रही, जो संसाधनशीलता और समर्पण से भरी मूल्यवान सेवा के लिए दिया जाता है। इस वर्ष कुल 664 MSM प्रदान किए गए। इनमें 606 पुलिस सेवा, 28 अग्निशमन सेवा, 18 नागरिक रक्षा एवं होम गार्ड और 12 सुधारात्मक सेवाओं के कर्मियों को यह सम्मान मिला।
आम जनता और सुरक्षा बलों पर असर
गौरतलब है कि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों से सर्वाधिक वीरता पुरस्कार मिलना यह दर्शाता है कि देश के भीतरी इलाकों में तैनात सुरक्षा बल किन विपरीत परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर से भी उल्लेखनीय संख्या में पुरस्कृत कर्मी इस बात की गवाही देते हैं कि देश की सीमावर्ती और संवेदनशील पट्टियों में सेवाएँ दे रहे जवानों का मनोबल और प्रदर्शन ऊँचा बना हुआ है।
क्या होगा आगे
प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) और स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर इन पदकों की घोषणा की जाती है। 15 अगस्त 2026 को घोषित इन पुरस्कारों के साथ सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नागरिक सुरक्षा ढाँचे में योगदान देने वाले हर वर्ग — चाहे वे पुलिस हों, दमकलकर्मी हों या सुधारात्मक सेवाओं के अधिकारी — को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी जाएगी।