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जेएनयू में छात्रों के बीच टकराव की रोकथाम के लिए प्रशासन को सक्रिय रहना चाहिए: नीरज कुमार

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जेएनयू में छात्रों के बीच टकराव की रोकथाम के लिए प्रशासन को सक्रिय रहना चाहिए: नीरज कुमार

सारांश

जदयू नेता नीरज कुमार ने जेएनयू में हुई छात्रों के बीच झड़प पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा की है कि वे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाएं, ताकि शैक्षणिक माहौल सुरक्षित रहे।

मुख्य बातें

जेएनयू में छात्रों के बीच झड़प को रोकने की आवश्यकता है।
नीरज कुमार ने प्रशासन से सक्रियता की अपील की है।
महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा अस्वीकार्य है।
एबीवीपी छात्रों पर हमले का आरोप वामपंथी संगठनों पर है।
पुलिस ने स्थिति पर कोई संज्ञान नहीं लिया।

पटना, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। जदयू नेता नीरज कुमार ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में दो गुटों के बीच हुई झड़प के संबंध में कहा कि प्रशासन को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ऐसी घटनाएं न हों और छात्रों के बीच टकराव न हो।

पटना में बातचीत के दौरान नीरज कुमार ने कहा कि जेएनयू हमारी संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा है, और यदि इसमें राजनीतिक विवाद होते हैं, तो यह नकारात्मक है। हमें आपसी समझ का वातावरण ईमानदारी से बनाए रखना चाहिए। विचारधारात्मक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन झगड़े नहीं होने चाहिए। जेएनयू प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि वे इस स्थिति को नियंत्रित करें।

महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा पर नीरज कुमार ने कहा कि जहाँ लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा नहीं की जाती और नीतियों में धर्म का प्रयोग होता है, वहां अन्याय ही देखने को मिलता है। धर्म के नाम पर महिलाओं के प्रति होने वाला बुरा व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है। यह महिला सशक्तिकरण का नया युग है, और कोई भी धर्म बेटियों का अपमान करने या उन्हें शिक्षा से वंचित रखने की अनुमति नहीं देता।

जेएनयू में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सचिव प्रवीण कुमार पीयूष ने जेएनयू में एबीवीपी छात्रों पर हुए हमले के बारे में कहा कि कल रात वामपंथी संगठन ने साबरमती टी-पॉइंट से जेएनयू कुलपति के आवास तक मार्च का आयोजन किया था। मार्च के बाद लगभग 400-500 नकाबपोश लोग हॉकी स्टिक, रॉड, लाठी, चाकू और पत्थर लेकर स्कूल परिसर में घुस आए। उन्होंने जबरन स्कूल में प्रवेश किया, जहां सामान्य छात्र रीडिंग रूम में अध्ययन कर रहे थे और उन्हें बाहर धकेल दिया गया।

एबीवीपी से जुड़े छात्र वैभव मीणा ने कहा कि यह वामपंथियों का पूर्व-नियोजित मार्च था। लगभग 400 नकाबपोश लोगों की भीड़, जिनमें से कई ने अपने चेहरे ढके हुए थे, लाठी-डंडे लेकर स्कूल परिसर में घुस गई। वहां पहुंचते ही उन्होंने स्कूल की इमारतों को बंद करना शुरू कर दिया और छात्रों को विरोध करने पर पीटा गया। पुलिस भी वहां उपस्थित थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेएनयू में हाल ही में क्या हुआ?
जेएनयू में दो गुटों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें छात्रों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई।
नीरज कुमार ने इस पर क्या कहा?
नीरज कुमार ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाए जाएं।
महिला सशक्तिकरण पर नीरज कुमार का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर महिलाओं के साथ होने वाला बुरा बर्ताव पूरी तरह अस्वीकार्य है।
एबीवीपी के छात्रों पर हमला क्यों हुआ?
एबीवीपी के छात्रों पर वामपंथी संगठनों द्वारा हमले का आरोप है, जिसमें नकाबपोश लोग शामिल थे।
पुलिस ने इस स्थिति में क्या किया?
पुलिस वहां मौजूद थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
राष्ट्र प्रेस
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