क्या नारी शक्ति का भव्य उत्सव जोधपुर बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर में श्रद्धा और संस्कृति का संगम है?

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क्या नारी शक्ति का भव्य उत्सव जोधपुर बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर में श्रद्धा और संस्कृति का संगम है?

सारांश

जोधपुर के बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर में आयोजित महिला दिवस का कार्यक्रम नारी शक्ति के सम्मान में एक अनूठा प्रयास था। इस महोत्सव में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का संगम देखने को मिला। जानिए इस विशेष अवसर की खास बातें।

Key Takeaways

  • महिला दिवस का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया।
  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियां ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
  • महिलाओं के योगदान को मान्यता देने का प्रयास।
  • दुर्गाबेन सोलंकी का प्रेरक प्रवचन।
  • धर्म, सेवा और मूल्यनिष्ठ जीवन की प्रेरणा।

जोधपुर, 2 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर, जोधपुर में चल रहे भव्य मूर्ति प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत महिलाओं के लिए विशेष रूप से समर्पित 'महिला दिवस' का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित यह दिवस, मातृशक्ति के सम्मान और योगदान के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का भावपूर्ण प्रयास बना।

इस आयोजन का शुभारंभ युवती मंडल द्वारा मंगलमय धुन और प्रार्थना से हुआ। इसके पश्चात भव्य पालकी प्रवेश एवं दीप प्रज्वलन समारोह ने संपूर्ण वातावरण को भक्तिभाव से ओतप्रोत कर दिया।

इस विशेष आयोजन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रेरणादायक प्रवचन, वीडियो प्रदर्शन और विशिष्ट अतिथियों के उद्बोधनों के माध्यम से समाज में महिला शक्ति के अमूल्य योगदान को रेखांकित किया गया।

इस अवसर पर बीएपीएस जोधपुर महिला मंडल की ओर से दुर्गाबेन सोलंकी ने 'मंदिर की महिमा' विषय पर प्रेरक प्रवचन प्रदान किया।

अपने प्रवचन में उन्होंने संप्रदाय में महिला प्रवृत्ति की महत्वपूर्ण भूमिका, बाल शिक्षा और पारिवारिक एकता में मंदिर की केंद्रीय भूमिका पर भी सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए।

यह महिला दिवस न केवल समाज में स्त्री शक्ति के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान को नमन करने का अवसर बना, बल्कि इसने उपस्थित सभी महिलाओं को धर्म, सेवा और मूल्यनिष्ठ जीवन के प्रति और भी दृढ़ प्रेरणा प्रदान की।

Point of View

जो कि वर्तमान समय में अत्यंत आवश्यक है।
NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

महिला दिवस का आयोजन कब हुआ?
महिला दिवस का आयोजन 2 अक्टूबर को हुआ।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन सी गतिविधियाँ शामिल थीं?
इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रेरणादायक प्रवचन और वीडियो प्रदर्शनों का आयोजन किया गया।
किसने प्रवचन दिया?
दुर्गाबेन सोलंकी ने 'मंदिर की महिमा' विषय पर प्रवचन दिया।
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