क्या आतिशी गायब हैं? दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया फोटो, बोले- 'आप' नेता ने गुरुओं का अपमान किया
सारांश
Key Takeaways
- कपिल मिश्रा का आरोप आतिशी के खिलाफ गंभीर है।
- आतिशी का गायब होना सवाल खड़ा करता है।
- गुरुओं का सम्मान सभी के लिए आवश्यक है।
- राजनीति में नैतिकता का होना महत्वपूर्ण है।
- इस विवाद का राजनीतिक प्रभाव दूरगामी हो सकता है।
नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने 'गुरुओं' के विषय पर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने के लिए नेता प्रतिपक्ष आतिशी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद जिस प्रकार से आतिशी गायब हो गईं, यह स्पष्ट करता है कि यह गुनाह जानबूझकर किया गया था।
कपिल मिश्रा ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा में आतिशी ने गुरुओं के प्रति आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। गुरु तेज बहादुर, भाई मतिदास, भाई सतिदास और भाई दयाला की शहादत के 350 वर्ष पूरे होने पर उनके सम्मान में चर्चा हो रही थी। उस चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने व्यवधान डालते हुए आपत्तिजनक भाषा का उपयोग किया।"
उन्होंने आरोप लगाया कि 'गुरुओं' का अपमान करने के बाद आतिशी को उनकी पार्टी ने मीडिया के सामने आने से रोका है। यह गुनाह छिपाने के लिए अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर पंजाब के संसाधनों और पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है। लोगों पर झूठे मुकदमे किए जा रहे हैं, और उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर कपिल मिश्रा ने कहा, "आप इस गुनाह के भागीदार न बनें। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन गुरुओं का सम्मान भी अपनी जगह है। आतिशी ने जिन शब्दों का प्रयोग किया है, वह रिकॉर्ड में है। उन्होंने गुनाह किया है।"
कपिल मिश्रा ने आगे कहा, "आतिशी फरार हैं। इससे स्पष्ट है कि यह गुनाह जानबूझकर किया गया है। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष ने बार-बार स्थिति स्पष्ट करने के लिए आतिशी को बुलाया, लेकिन वह उस दिन के बाद से कभी विधानसभा नहीं आईं। वह मीडिया के सामने भी नहीं आ रही हैं। आतिशी ने इतना बड़ा गुनाह किया है कि वह छिप नहीं सकता। सही मायनों में अरविंद केजरीवाल को आतिशी से कहना चाहिए था कि वह सामने आएं और माफी मांगें।"
कपिल मिश्रा ने कहा, "अरविंद केजरीवाल, हम आपके मुकदमे और आपकी पुलिस से नहीं डरते हैं। यह आस्था और सदन की गरिमा का विषय है। हम इस मामले में चुप नहीं बैठेंगे।" उन्होंने आतिशी से कहा कि वह भागें नहीं, बल्कि जनता के सामने आएं।