क्या कानून से हर अपराधी को डर लगना चाहिए? अनुराग ढांडा ने कपिल मिश्रा पर कसा तंज
सारांश
Key Takeaways
- कानून से हर अपराधी को डर लगना चाहिए।
- कपिल मिश्रा के वीडियो की फोरेंसिक जांच ने विवाद को बढ़ाया।
- सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
- भाजपा को ऐसे व्यक्तियों को प्रोटेक्ट नहीं करना चाहिए।
- राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
नई दिल्ली, १३ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि हर अपराधी को कानून से डर लगना चाहिए, क्योंकि कानून अपनी जिम्मेदारी निभाता है।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि कपिल मिश्रा द्वारा साझा किए गए वीडियो की फोरेंसिक जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि उन्होंने सिख गुरुओं का अपमान किया है। कपिल मिश्रा ने वीडियो में एक टेक्स्ट जोड़ा और उन्होंने जो लिखा, उस पर आपत्ति की जा सकती है। उन्हें पूरे सिख समुदाय से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सिख समुदाय ने देखा है कि कैसे भाजपा के एक मंत्री ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का सहारा लिया। फोरेंसिक जांच में सभी तथ्य सामने आ गए हैं। यह एक माफ न करने योग्य अपराध है। भारतीय जनता पार्टी को ऐसे व्यक्ति को बचाना नहीं चाहिए।
अनुराग ढांडा ने कहा कि कपिल मिश्रा पहले से ही भड़काऊ बयानों के लिए जाने जाते हैं। दिल्ली दंगों के दौरान भी उनके बयान सामने आए थे, तब भाजपा ने उन्हें बचाया था। इसलिए उन्होंने गुरुओं का अपमान करने का दुस्साहस किया। पूरा सिख समाज यह देख रहा है, और वे कभी माफ नहीं करेंगे।
कपिल मिश्रा के इस दावे पर कि पंजाब पुलिस का इस्तेमाल उन्हें डराने के लिए किया जा रहा है, ढांडा ने कहा कि हर अपराधी को डर लगना चाहिए। अगर धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं तो यह ठीक नहीं है। दिल्ली में आप कानून से बच सकते हैं, लेकिन हर बार ऐसा नहीं हो सकता। कपिल मिश्रा के सोशल मीडिया से जारी वीडियो की फोरेंसिक जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि बेअदबी हुई है। उन्हें अब कानून का सामना करना पड़ेगा। लोग ऐसी चीजों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
दूसरी ओर, कपिल मिश्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि जब दिल्ली विधानसभा में गुरु तेग बहादुर जी की शहादत पर चर्चा हो रही थी, तब आतिशी द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द अपमानजनक थे। यह एक गुनाह है। वहां ऐसी भाषा का उपयोग करना अनुचित था। इस घटना के बाद आतिशी के फरार होने से यह स्पष्ट है कि यह जानबूझकर किया गया पाप है।