क्या दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब पुलिस को रिपोर्ट सौंपने के लिए 3 दिन दिए और 10 दिन की मांग ठुकराई?

Click to start listening
क्या दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब पुलिस को रिपोर्ट सौंपने के लिए 3 दिन दिए और 10 दिन की मांग ठुकराई?

सारांश

दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब पुलिस को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए मात्र तीन दिन की समय सीमा तय की है, जबकि पंजाब पुलिस ने दस दिन की मांग की थी। इस निर्णय ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में।

Key Takeaways

  • दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब पुलिस को रिपोर्ट पेश करने के लिए तीन दिन का समय दिया।
  • पंजाब पुलिस ने दस दिन की मांग की थी, जिसे ठुकरा दिया गया।
  • इस मामले की अंतिम समय सीमा 15 जनवरी है।
  • अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला राजनीतिक हस्तक्षेप की ओर संकेत करता है।
  • फॉरेंसिक जांच का अधिकार केवल दिल्ली विधानसभा को है।

नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब पुलिस को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए केवल तीन दिन का समय प्रदान किया है। पंजाब पुलिस ने इस मामले में दस दिन का समय मांगा था, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा सचिवालय ने समय सीमा को घटाकर 15 जनवरी तय किया है。

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 6 जनवरी को विपक्ष के नेता द्वारा सदन में किए गए अमर्यादित और आपत्तिजनक शब्दों से जुड़े घटनाक्रम पर आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पहले पंजाब पुलिस को 48 घंटे का समय दिया गया था, लेकिन जवाब में दस दिन की मांग की गई, जिसे अनुचित माना गया।

अध्यक्ष ने बताया कि विधानसभा सचिवालय की ओर से पंजाब के डीजीपी, स्पेशल डीजीपी (साइबर सेल) और जालंधर के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किए गए हैं। पंजाब पुलिस ने दावा किया कि एफआईआर दर्ज करने और फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया कुछ ही घंटों में पूरी कर ली गई, लेकिन विधानसभा के नोटिस का जवाब देने के लिए दस दिन का समय मांगा गया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति जांच एजेंसी की निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला पूरी तरह से दिल्ली विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में आता है और सभी मूल वीडियो व दस्तावेज विधानसभा की संपत्ति हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना विधानसभा से संपर्क किए पंजाब सरकार ने फॉरेंसिक जांच कैसे शुरू की, किसके आदेश पर जांच कराई गई और किस वीडियो सामग्री का उपयोग किया गया।

अध्यक्ष के अनुसार, घटनाक्रम से ऐसा प्रतीत होता है कि तथ्यों को स्पष्ट करने के बजाय भ्रम फैलाने और जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि लोगों की भावनाएं पहले ही आहत हो चुकी हैं।

विधानसभा सचिवालय ने पंजाब पुलिस को निर्देश दिया है कि वह 15 जनवरी तक सभी तथ्यों और स्पष्टीकरणों के साथ पूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत करे, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।

मामले को कानूनी रूप से संवेदनशील बताते हुए अध्यक्ष ने कहा कि यह घटनाक्रम राजनीतिक हस्तक्षेप की ओर संकेत करता है और सदन की गरिमा को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 6 जनवरी की घटना के बाद सदन की कार्यवाही गंभीर रूप से प्रभावित हुई। विपक्ष के नेता की अनुपस्थिति के कारण 6, 7 और 8 जनवरी को लगातार व्यवधान उत्पन्न हुआ। 7 जनवरी को कार्यवाही के वीडियो देखने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि की गई टिप्पणियों से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, जिन्हें पूज्य गुरुओं के प्रति असम्मान के रूप में देखा गया।

अध्यक्ष ने कहा कि सदस्यों की सर्वसम्मति थी कि विपक्ष के नेता सदन में आकर बिना शर्त माफी मांगें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद 8 जनवरी को विपक्ष के अनुरोध पर वीडियो सामग्री को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी को जांच के लिए भेजने का निर्णय लिया गया।

उन्होंने दोहराया कि फॉरेंसिक जांच कराने का अधिकार केवल दिल्ली विधानसभा को है और विधानसभा पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करेगी, ताकि सच्चाई सामने आए और सदन की गरिमा बनी रहे।

Point of View

जहां एक तरफ विधानसभा सचिवालय ने पंजाब पुलिस को रिपोर्ट पेश करने के लिए त्वरित कार्रवाई की है, वहीं दूसरी ओर पंजाब पुलिस की समय सीमा बढ़ाने की मांग ने सवाल उठाए हैं। यह मामला न केवल कानूनी दृष्टि से बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
NationPress
13/01/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब पुलिस को कितने दिन का समय दिया है?
दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब पुलिस को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए केवल तीन दिन का समय दिया है।
पंजाब पुलिस ने कितने दिन की मांग की थी?
पंजाब पुलिस ने इस मामले में दस दिन का समय मांगा था।
इस मामले की समय सीमा कब समाप्त होगी?
इस मामले की समय सीमा 15 जनवरी को समाप्त होगी।
क्या यह मामला कानूनी रूप से संवेदनशील है?
हाँ, इस मामले को कानूनी रूप से संवेदनशील माना गया है।
क्या पंजाब पुलिस ने जांच के लिए समय मांगा था?
हाँ, पंजाब पुलिस ने विधानसभा के नोटिस का जवाब देने के लिए दस दिन का समय मांगा था।
Nation Press