लखनऊ एयरपोर्ट बम धमकी: कानपुर के श्याम सुंदर हिरासत में, झूठी कॉल से मचा था हड़कंप
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शुक्रवार, 25 जुलाई की रात बम की झूठी धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने रविवार, 27 जुलाई को कानपुर के जैसिंहपुर इलाके के बिधूना निवासी 30 वर्षीय श्याम सुंदर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, एक घंटे की सघन तलाशी के बाद यह स्पष्ट हो गया कि धमकी पूरी तरह अफवाह थी।
कैसे मिली धमकी की सूचना
एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 11:45 बजे 'डायल 112' पर एक कॉल के ज़रिए बम होने की सूचना दी गई। इस सूचना के मिलते ही सुरक्षा और आपातकालीन एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। बम डिस्पोजल स्क्वाड, डॉग स्क्वाड, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुँचीं।
तलाशी अभियान का घटनाक्रम
सुरक्षा दलों ने कार्गो टर्मिनल और सभी प्रवेश द्वारों सहित पूरे एयरपोर्ट परिसर की बारीकी से जाँच की। एहतियाती उपायों के तहत रात 12 बजे से 1 बजे के बीच यात्रियों और उनके सामान की भी विशेष जाँच की गई। करीब एक घंटे की सघन तलाशी के बाद परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, जिससे अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
अधिकारियों ने बताया कि जब सुरक्षा एजेंसियों ने धमकी देने वाले के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, तो फोन स्विच ऑफ मिला। रविवार सुबह करीब 11 बजे सरोजिनी नगर थाने की उप-निरीक्षक निशु चौधरी द्वारा दर्ज मोबाइल नंबर के आधार पर एक नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके बाद सर्विलांस के ज़रिए नंबर की लोकेशन कानपुर जिले में ट्रेस की गई और पुलिस टीम ने श्याम सुंदर को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ जारी, मकसद की तलाश
पुलिस फिलहाल श्याम सुंदर से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने झूठी बम धमकी देने का कदम किन परिस्थितियों में और किस मकसद से उठाया। गौरतलब है कि हवाई अड्डों पर झूठी बम धमकियाँ भारत में एक गंभीर कानूनी अपराध हैं, जिनके लिए कठोर दंड का प्रावधान है। यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि ऐसी अफवाहें सुरक्षा तंत्र पर भारी दबाव डालती हैं और आम यात्रियों को भी असुविधा में डालती हैं।