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क्या रोजाना कपोल शक्ति विकासक का अभ्यास करने से तनाव से छुटकारा मिल सकता है?

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क्या रोजाना कपोल शक्ति विकासक का अभ्यास करने से तनाव से छुटकारा मिल सकता है?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि नियमित रूप से कपोल शक्ति विकासक का अभ्यास करने से न केवल आपका चेहरा खिलखिलाएगा, बल्कि आपके मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होगा? इस लेख में जानें इस अद्भुत योगिक क्रिया के फायदों के बारे में।

मुख्य बातें

तनाव कम करने के लिए प्रभावी योग क्रिया।
चेहरे की चमक को बढ़ाने में मददगार।
झुर्रियों को कम करने में सहायक।
मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाने वाला।
साधारण और सरल विधि के साथ किया जा सकता है।

नई दिल्ली, 17 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। आज के समय में प्रदूषण, धूल-धुएं और लगातार बढ़ते तनाव के कारण त्वचा की प्राकृतिक चमक तेजी से खो जाती है। चेहरा बेजान दिखने लगता है और मानसिक थकान भी पीछा नहीं छोड़ती। ऐसे में योग पद्धति की अद्भुत क्रिया कपोल शक्ति विकासक को नियमित रूप से करने से न केवल चेहरा खिलखिलाता और चमकदार बनता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है।

यह योगिक व्यायाम चेहरे की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ावा देता है। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा कपोल शक्ति विकासक के बारे में बताते हैं कि यह कपोल की शक्ति को बढ़ाने के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। यह चेहरे की मांसपेशियों को मजबूत करती है, त्वचा में कसाव लाती है और चेहरे पर प्राकृतिक चमक प्रदान करती है।

कपोल शक्ति के नियमित अभ्यास से झुर्रियां कम होती हैं, मुंहासे और पायरिया जैसी समस्याओं में राहत मिलती है और सांस की बदबू दूर होती है।

योग विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्रिया की विधि सरल है। इसके लिए पहले दोनों पैर मिलाकर सीधे खड़े हों। दोनों हाथों की अंगुलियों को आपस में मिलाते हुए अंगूठों से नासिका के दोनों छिद्र बंद करें। मुंह को कौए की चोंच जैसा बनाकर धीरे-धीरे नाक से सांस अंदर लें। दोनों गालों को पूरी तरह फुलाएं, आंखें बंद करें और ठुड्डी को गले की कूहनी (कंठकूप) में लगाएं (जालंधर बंध)। यथाशक्ति सांस रोकें (कुंभक)। फिर गर्दन सीधी करें और धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें। शुरुआत में इस क्रिया को पांच बार दोहराएं। धीरे-धीरे अभ्यास करें।

कपोल शक्ति विकासक अभ्यास के कई फायदे हैं। यह चेहरे की मांसपेशियों को टोन करता है, जिससे गालों में खिंचाव आता है और चेहरा आकर्षक बनता है। जालंधर बंध के कारण थायरॉइड ग्रंथि की कार्यक्षमता सुधरती है। मुंह और नाक की सफाई होती है, जिससे मुंह और मुंहासों की समस्या कम होती है। आंखों की रोशनी बढ़ाने और चेहरे की झुर्रियों को कम करने में भी सहायक है। यह तनाव दूर करती है और चेहरे पर प्राकृतिक निखार लाती है।

यह क्रिया योग की सूक्ष्म व्यायाम श्रेणी में आती है, जो चेहरे की सुंदरता और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। नियमित अभ्यास से लाभ मिलता है, लेकिन कुछ सावधानियां जरूरी हैं। उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, गर्दन की समस्या या चक्कर (वर्टिगो) वाले व्यक्ति इस क्रिया को न करें।

कुंभक लंबे समय तक न रोकें, विशेषकर शुरुआत में। गर्भवती महिलाएं या कोई गंभीर बीमारी वाले योग विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही अभ्यास करें। खाली पेट सुबह करना बेहतर है। यदि सांस फूलने या असुविधा हो तो तुरंत रोकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है। यह क्रिया आत्म-देखभाल का एक हिस्सा हो सकती है जो आज की तनावपूर्ण जीवनशैली में अत्यंत प्रासंगिक है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कपोल शक्ति विकासक क्या है?
यह एक योगिक व्यायाम है जो चेहरे की मांसपेशियों को मजबूत बनाने और प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है।
क्या इसे किसी भी उम्र के लोग कर सकते हैं?
हाँ, लेकिन उच्च रक्तचाप, हृदय रोग या गर्दन की समस्याओं वाले व्यक्तियों को इसे करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
इसका नियमित अभ्यास करने से क्या लाभ होते हैं?
यह चेहरे की झुर्रियों को कम करता है, त्वचा में कसाव लाता है और मानसिक तनाव को दूर करता है।
कपोल शक्ति विकासक का अभ्यास कब करना चाहिए?
सुबह खाली पेट इस क्रिया का अभ्यास करना सबसे अच्छा होता है।
क्या गर्भवती महिलाएं इसे कर सकती हैं?
गर्भवती महिलाओं को इस क्रिया का अभ्यास करने से पहले योग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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