कर्नाटक कैबिनेट फेरबदल पर मंत्री मुनियप्पा बोले — हाईकमान ही लेगा फैसला, अभी सब अटकलें
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद बदलाव और कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं के बीच राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री केएच मुनियप्पा ने 27 मई 2025 को स्पष्ट किया कि कोई भी निर्णय पूरी तरह कांग्रेस हाईकमान पर निर्भर है और उन्हें अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी नेता अनुशासित सिपाहियों की तरह शीर्ष नेतृत्व के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
मुनियप्पा का स्पष्ट बयान
मंत्री केएच मुनियप्पा ने कहा, 'नहीं, अभी कुछ भी पता नहीं है। हमें केवल मुख्यमंत्री ही जानकारी देंगे। हमें इस बारे में कोई अंदाजा या जानकारी नहीं है। हम भी इंतजार कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री क्या फैसला लेते हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'हम सभी कांग्रेस पार्टी के एक अनुशासित और ईमानदार सिपाही हैं। हाईकमान के सभी फैसलों का हम स्वागत करेंगे।'
मुनियप्पा ने यह भी दोहराया कि केसी वेणुगोपाल पहले ही मीडिया के सामने स्पष्ट कर चुके हैं कि हालिया बैठक में केवल राज्यसभा और विधान परिषद की सीटों पर चर्चा हुई थी — मुख्यमंत्री पद या कैबिनेट बदलाव पर नहीं।
उग्रप्पा ने भी अटकलों को नकारा
कांग्रेस नेता वी.एस. उग्रप्पा ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा गुरुवार को बुलाई गई बैठक को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आमतौर पर पार्टी मामलों, सरकारी मुद्दों या विकास कार्यों पर चर्चा के लिए सहयोगियों को नाश्ते पर बुलाते हैं।
उग्रप्पा ने फेरबदल की अटकलों को सीधे खारिज करते हुए कहा, 'दरअसल, यह सिर्फ एक अफवाह है। जब तक हाईकमान कोई फैसला नहीं ले लेता, तब तक इस पर कुछ कहना ठीक नहीं है।' उन्होंने वेणुगोपाल के बयान का हवाला देते हुए पुष्टि की कि चर्चा का दायरा केवल संसदीय सीटों तक सीमित था।
नेहरू पुण्यतिथि पर मुनियप्पा की श्रद्धांजलि
मंत्री मुनियप्पा जवाहरलाल नेहरू की 62वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा, 'जवाहरलाल नेहरू ने एक स्वतंत्रता सेनानी के रूप में जेल में लंबा समय बिताया और बाद में भारत के पहले प्रधानमंत्री बने। उन्होंने गांधीवादी सिद्धांतों का पालन किया और पंचवर्षीय योजनाओं व औद्योगिक विकास को बढ़ावा देकर देश के विकास में योगदान दिया। उनका दृष्टिकोण आज भी प्रासंगिक है।'
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की गुरुवार की बैठक के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है। कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर अटकलें कुछ समय से चल रही हैं, लेकिन पार्टी के किसी भी वरिष्ठ नेता ने अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी बदलाव की पुष्टि नहीं की है। सभी की निगाहें हाईकमान के अगले कदम पर टिकी हैं।