10 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कसारा घाट हादसा: पलटे कंटेनर के नीचे दबे मिले पति-पत्नी के शव, मुंबई-नाशिक हाईवे पर दर्दनाक मौत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कसारा घाट हादसा: पलटे कंटेनर के नीचे दबे मिले पति-पत्नी के शव, मुंबई-नाशिक हाईवे पर दर्दनाक मौत

सारांश

मुंबई-नाशिक हाईवे पर नए कसारा घाट में पलटे कंटेनर के नीचे घोटी दंपति के शव घंटों दबे रहे — और किसी को खबर तक नहीं हुई। अगले दिन कंटेनर हटाते वक्त दुर्गंध से हुआ खुलासा। यह हादसा घाट क्षेत्रों में भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही पर फिर से सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

जालिंदर भगत और अनुसया भगत की मुंबई-नाशिक महामार्ग पर नए कसारा घाट में पलटे कंटेनर के नीचे दबने से मौत हो गई।
हादसा शुक्रवार, 10 अक्टूबर को सुबह करीब 11 बजे घाट के एक तीखे मोड़ पर हुआ।
दंपति वर्षश्राद्ध में शामिल होने के लिए घोटी से कसारा जा रहे थे।
शव हादसे के अगले दिन कंटेनर हटाने के दौरान बरामद हुए; तेज दुर्गंध से संदेह होने पर क्रेन से कंटेनर उठाया गया।
दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए कसारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजे गए; हाईवे पुलिस और कसारा पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मुंबई-नाशिक महामार्ग पर नए कसारा घाट में शुक्रवार, 10 अक्टूबर को एक भीषण सड़क दुर्घटना में जालिंदर भगत और उनकी पत्नी अनुसया भगत की मौत हो गई — दोनों शव एक पलटे हुए कंटेनर के नीचे कई घंटों तक दबे रहे और अगले दिन कंटेनर हटाने के दौरान बरामद हुए। इगतपुरी तहसील के घोटी निवासी यह दंपति वर्षश्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कसारा जा रहा था।

हादसे का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे नए कसारा घाट के एक तीखे घुमावदार मोड़ पर कंटेनर चालक का वाहन पर से नियंत्रण छूट गया। कंटेनर सड़क पर पलट गया और उसके नीचे दंपति की मोटरसाइकिल दब गई। हादसे के समय मौके पर मौजूद किसी भी व्यक्ति का ध्यान कंटेनर के नीचे फँसी मोटरसाइकिल और उस पर सवार दंपति की तरफ नहीं गया।

घटना का खुलासा हादसे के दूसरे दिन तब हुआ जब प्रशासन ने अवरुद्ध मार्ग को खोलने के लिए कंटेनर हटाने का कार्य शुरू किया। आपदा प्रबंधन दल को कंटेनर के नीचे से तेज दुर्गंध आने पर संदेह हुआ। इसके बाद क्रेन की सहायता से कंटेनर उठाया गया, जिसके नीचे दोनों शव और मोटरसाइकिल दबी मिली।

मृतकों की पहचान

मृतक दंपति की पहचान जालिंदर भगत और अनुसया भगत के रूप में हुई है। दोनों घोटी के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, वे वर्षश्राद्ध कार्यक्रम में भाग लेने के लिए घोटी से कसारा की ओर जा रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई।

बचाव कार्य और आगे की प्रक्रिया

शव बरामद होते ही आपदा प्रबंधन दल, हाईवे पुलिस और कसारा पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। दोनों शवों को पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए कसारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

सड़क सुरक्षा पर सवाल

यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब घाट क्षेत्रों में भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर पहले से ही चिंताएँ जताई जाती रही हैं। गौरतलब है कि कसारा घाट का यह तीखा मोड़ पहले भी दुर्घटनाओं का गवाह रहा है। आलोचकों का कहना है कि घाट क्षेत्रों में भारी वाहनों की गति सीमा और ब्रेक-जाँच व्यवस्था को और कड़ा किए जाने की ज़रूरत है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर मुंबई-नाशिक महामार्ग पर यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा उपायों की समीक्षा की माँग को बल दिया है।

पुलिस कंटेनर चालक की लापरवाही और वाहन की तकनीकी स्थिति की जाँच कर रही है। आने वाले दिनों में जाँच की दिशा तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि व्यवस्था की विफलता का प्रमाण है — कंटेनर के नीचे दो लोगों के शव घंटों पड़े रहे और किसी को भनक तक नहीं लगी। घाट क्षेत्रों में भारी वाहनों की ब्रेक-जाँच और गति नियंत्रण की व्यवस्था कागज़ों तक सिमटी दिखती है। मुंबई-नाशिक महामार्ग पर यह कोई पहली त्रासदी नहीं है, फिर भी ठोस सुधार की बजाय हर बार जाँच की घोषणा पर ही बात खत्म हो जाती है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कसारा घाट हादसे में किनकी मौत हुई?
इस हादसे में घोटी निवासी जालिंदर भगत और उनकी पत्नी अनुसया भगत की मौत हुई। दोनों वर्षश्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घोटी से कसारा जा रहे थे।
कसारा घाट दुर्घटना कैसे हुई?
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे नए कसारा घाट के एक घुमावदार मोड़ पर कंटेनर चालक का वाहन पर से नियंत्रण छूट गया और कंटेनर पलट गया। कंटेनर के नीचे दंपति की मोटरसाइकिल दब गई और शव हादसे के अगले दिन बरामद हुए।
शव इतनी देर बाद क्यों मिले?
हादसे के समय किसी का ध्यान कंटेनर के नीचे फँसी मोटरसाइकिल पर नहीं गया। अगले दिन जब प्रशासन ने कंटेनर हटाने का काम शुरू किया, तब तेज दुर्गंध से आपदा प्रबंधन दल को संदेह हुआ और क्रेन से कंटेनर उठाने पर शव बरामद हुए।
इस हादसे के बाद क्या कार्रवाई हुई?
दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए कसारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। हाईवे पुलिस और कसारा पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
कसारा घाट में दुर्घटनाएँ क्यों होती हैं?
कसारा घाट के तीखे मोड़ और ढलान भारी वाहनों के लिए जोखिम भरे माने जाते हैं। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों के अनुसार घाट क्षेत्रों में भारी वाहनों की ब्रेक-जाँच और गति नियंत्रण व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, जिससे इस तरह के हादसे बार-बार होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले