मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर कंटेनर पलटा, दो की मौत; 80 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 1 जून 2026 को एक गंभीर सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और एक 80 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। खोपोली के निकट एक कंटेनर अनियंत्रित होकर पलट गया और फिर दूसरे ट्रक से टकरा गया, जिससे ट्रक में सवार दोनों व्यक्तियों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटनास्थल से गुजर रही एक कार में बैठी बुजुर्ग महिला इस टक्कर की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गईं।
मुख्य घटनाक्रम
हादसे के बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर कई घंटों तक यातायात बुरी तरह बाधित रहा। क्षतिग्रस्त कंटेनर और ट्रक को हटाने में राहत दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर शवों को कब्जे में लिया और घायल महिला को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। अधिकारियों के अनुसार, हादसे के सटीक कारणों की जाँच जारी है।
महाराष्ट्र में सड़क हादसों का सिलसिला
यह हादसा ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में पिछले कुछ हफ्तों में भारी वाहनों से जुड़ी दुर्घटनाओं की संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ी है। 28 मई को मुंबई-गोवा हाईवे पर परशुराम घाट में एक केमिकल टैंकर के ब्रेक फेल होने से हादसा हुआ था, जिसमें चालक की मौत हो गई थी। टैंकर लोटी से गोवा की ओर जा रहा था और खतरनाक मोड़ पर नियंत्रण खोने के बाद वह पलट गया था।
24 मई को वाशिम जिले में डीजल टैंकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। ड्राइवर का नियंत्रण बिगड़ने के बाद वह टैंकर की केबिन के नीचे फंस गया था और लगातार डीजल रिसाव के कारण मौके पर विस्फोट का खतरा भी उत्पन्न हो गया था।
इससे पहले 14 मई को मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर धाणीवरी इलाके के पास एक भीषण हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी और 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। बारातियों से भरे टेंपो और एक तेज रफ्तार कंटेनर की आमने-सामने की टक्कर में यह दर्दनाक घटना हुई थी।
सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया
पुलिस ने खोपोली हादसे की जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, भारी वाहनों की तकनीकी जाँच और चालकों की योग्यता की पड़ताल भी की जा रही है। गौरतलब है कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे देश के सबसे व्यस्त राजमार्गों में से एक है, जहाँ प्रतिदिन हजारों भारी वाहन गुजरते हैं।
आम जनता पर असर और आगे की स्थिति
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि महाराष्ट्र के हाईवे पर भारी वाहनों की नियमित तकनीकी जाँच और चालकों के लिए अनिवार्य विश्राम नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। लगातार हो रहे इन हादसों के बाद परिवहन विभाग से कड़े कदम उठाने की माँग तेज हो गई है। पुलिस की जाँच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।