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गुना में कंटेनर पुल से गिरा, आग में जिंदा जला ड्राइवर; साथी गंभीर रूप से घायल

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गुना में कंटेनर पुल से गिरा, आग में जिंदा जला ड्राइवर; साथी गंभीर रूप से घायल

सारांश

मध्य प्रदेश के गुना में NH-46 पर तड़के कंटेनर पुलिया से नीचे गिरा और आग की लपटों में घिर गया। कंटेनर में सो रहे एक ड्राइवर की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि गाड़ी चला रहे मनोज बघेल गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस और फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुँचकर स्थिति संभाली।

मुख्य बातें

21 जून 2026 की सुबह 5-6 बजे के बीच गुना, मध्य प्रदेश के NH-46 बीनागंज बाईपास पर कंटेनर ट्रक पुलिया से नीचे गिरा।
कंटेनर में सो रहे एक ड्राइवर की आग में जिंदा जलकर मौत हो गई; मृतक की पहचान अभी जारी है।
घायल चालक मनोज बघेल को बीनागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
एसडीओपी मनोज झा , थाना प्रभारी नीरज राणा और फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुँचकर आग बुझाई।
हादसे के कारण NH-46 पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा; पुलिस ने जाँच शुरू की।

मध्य प्रदेश के गुना जिले में 21 जून 2026 की तड़के एक भीषण सड़क हादसे में एक कंटेनर ट्रक चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि उसका साथी चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। नेशनल हाईवे 46 पर बीनागंज बाईपास के पास हुई इस दुर्घटना में अनियंत्रित कंटेनर पुलिया की दीवार तोड़कर नीचे जा गिरा और उसमें भीषण आग भड़क उठी।

हादसे का पूरा घटनाक्रम

चाचौड़ा थाना क्षेत्र में रविवार सुबह लगभग 5 से 6 बजे के बीच यह दुर्घटना हुई। राजस्थान पंजीकृत यह कंटेनर शिवपुरी-गुना की दिशा से ब्यावरा-भोपाल की ओर जा रहा था। अज्ञात कारणों से वाहन अनियंत्रित हो गया और पुलिया की दीवार से टकराते हुए नीचे जा गिरा। गिरते ही कंटेनर में आग लग गई, जो देखते-देखते विकराल रूप ले गई।

कंटेनर में उस समय दो व्यक्ति सवार थे — एक चालक गाड़ी चला रहा था, जबकि दूसरा चालक वाहन के भीतर सो रहा था। सोते हुए चालक को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और वह आग की चपेट में आकर मौके पर ही दम तोड़ गया। गाड़ी चला रहे चालक की पहचान मनोज बघेल के रूप में बताई जा रही है, जो गंभीर रूप से घायल हो गए।

राहत एवं बचाव कार्य

घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी मनोज झा और थाना प्रभारी नीरज राणा मौके पर पहुँचे। नेशनल हाईवे 1033 के अधिकारी-कर्मचारी तथा नगर परिषद चाचौड़ा की फायर ब्रिगेड टीम ने भी त्वरित कार्रवाई की। फायर ब्रिगेड के प्रयासों से आग पर काबू पाया गया। घायल चालक मनोज बघेल को उपचार के लिए बीनागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जाँच शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि कंटेनर में ट्रांसपोर्ट का सामान भरा हुआ था। हादसे के कारण नेशनल हाईवे 46 पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा।

आम जनता और यातायात पर असर

सुबह के व्यस्त समय में हुई इस दुर्घटना के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रशासन ने यातायात को वैकल्पिक मार्गों से मोड़ा। स्थानीय निवासियों ने हाईवे पर बढ़ती दुर्घटनाओं पर चिंता जताई है।

क्षेत्र में सड़क हादसों का सिलसिला

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। इससे एक दिन पहले, शनिवार को छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 5 में एक दर्दनाक हादसे में 7 वर्षीय बालक की मौत हो गई थी। नगर पालिका के पानी वितरण टैंकर की चपेट में आने से बच्चे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने शव को सड़क पर रखकर राष्ट्रीय राजमार्ग-343 को करीब तीन घंटे तक जाम कर दिया।

आगे क्या

पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जाँच शुरू कर दी है। मृत चालक की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी है। घायल मनोज बघेल की स्वास्थ्य स्थिति पर नज़र रखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, वाहन की तकनीकी खराबी या चालक की लापरवाही हादसे का कारण हो सकती है, जिसकी पुष्टि जाँच के बाद होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक गाड़ी चलाता हुआ — लंबी दूरी के ट्रांसपोर्ट में थकान-प्रबंधन की अनदेखी की ओर इशारा करता है। छत्तीसगढ़ में एक दिन पहले हुई बच्चे की मौत के साथ मिलाकर देखें, तो यह स्पष्ट है कि मध्य भारत में सड़क सुरक्षा तंत्र अभी भी प्रतिक्रियात्मक है, न कि निवारक।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुना कंटेनर हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा 21 जून 2026 को सुबह लगभग 5 से 6 बजे के बीच मध्य प्रदेश के गुना जिले में नेशनल हाईवे 46 पर बीनागंज बाईपास के पास हुआ। कंटेनर शिवपुरी-गुना की दिशा से ब्यावरा-भोपाल जा रहा था।
हादसे में कितने लोग हताहत हुए?
हादसे में कंटेनर के भीतर सो रहे एक ड्राइवर की आग में जिंदा जलकर मौके पर ही मौत हो गई। गाड़ी चला रहे दूसरे चालक मनोज बघेल गंभीर रूप से घायल हुए और उन्हें बीनागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
हादसे के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
एसडीओपी मनोज झा, थाना प्रभारी नीरज राणा, NH-1033 के अधिकारी और नगर परिषद चाचौड़ा की फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुँची। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया और पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है।
कंटेनर अनियंत्रित क्यों हुआ?
हादसे का सटीक कारण अभी जाँच में है। अधिकारियों के अनुसार वाहन की तकनीकी खराबी या चालक की लापरवाही संभावित कारण हो सकते हैं, जिसकी पुष्टि जाँच पूरी होने के बाद होगी।
क्या इस क्षेत्र में पहले भी ऐसे हादसे हुए हैं?
हाँ, इस हादसे से एक दिन पहले ही छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक 7 वर्षीय बालक नगर पालिका के पानी टैंकर की चपेट में आकर मारा गया था। मध्य भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहन दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
राष्ट्र प्रेस
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