ऑपरेशन कवच-14.0: दिल्ली पुलिस ने 16 ड्रग तस्कर दबोचे, 32 किलो गांजा व कोकीन-स्मैक बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस के पश्चिमी जिला ने 28 जून 2026 को नशा-विरोधी विशेष अभियान ऑपरेशन कवच-14.0 के तहत बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 16 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया और 32.161 किलोग्राम गांजा, 89.77 ग्राम स्मैक, 9.8 ग्राम कोकीन तथा 6.62 ग्राम एमडीएमए समेत भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए। इस अभियान में कुल 13 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए हैं।
अभियान की पृष्ठभूमि और रणनीति
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पश्चिमी जिला पुलिस ने 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत यह विशेष मुहिम चलाई। एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड (ANS), स्पेशल स्टाफ और विभिन्न थाना पुलिस टीमों ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर लगातार छापेमारी और निगरानी अभियान चलाया। पुलिस के अनुसार यह अभियान पश्चिमी दिल्ली में नशे के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
मुख्य गिरफ्तारियाँ और बरामदगी
सबसे बड़ी कार्रवाई पंजाबी बाग थाना क्षेत्र में हुई, जहाँ एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड ने मिथुन कुमार, विक्रम कुमार, संजय यादव और मोहम्मद रिजवान — चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 23.160 किलोग्राम कमर्शियल मात्रा का गांजा बरामद किया गया।
राजौरी गार्डन थाना क्षेत्र में एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड ने राम कुमार को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 6.62 ग्राम एमडीएमए और एक ऑटो जब्त किया। इसी क्षेत्र में स्पेशल स्टाफ ने संडे नामक आरोपी को 9.8 ग्राम कोकीन और एक स्कूटी के साथ दबोचा।
तिलक नगर, पंजाबी बाग, ख्याला और विकासपुरी थाना क्षेत्रों में स्मैक तस्करी के चार अलग-अलग मामलों का खुलासा हुआ, जिनमें कुल 89.77 ग्राम स्मैक बरामद की गई और चार आरोपी गिरफ्तार किए गए।
जब्त संपत्ति और संदिग्ध नकदी
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान एक ऑटो, एक स्कूटी, एक मोबाइल फोन और मादक पदार्थों की बिक्री से जुड़ी संदिग्ध ₹1,450 नकद राशि भी जब्त की। पुलिस के अनुसार यह राशि नशे के कारोबार से अर्जित मानी जा रही है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपियों में कई पुराने अपराधी भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार सीता पर पहले से 9, रविकांत उर्फ चिब्बी पर 18 और गुरमेल पर 30 आपराधिक मामले दर्ज हैं — जो इस गिरोह की गहरी जड़ों को उजागर करता है।
आगे की कार्रवाई
पश्चिमी जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन कवच-14.0 के तहत नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने की मुहिम जारी रहेगी। सभी मामलों में आगे की जाँच की जा रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की भी पहचान कर गिरफ्तारी की जा सके।