अरविंद केजरीवाल ने गुजरातवासियों से भाजपा और कांग्रेस का विरोध करने की अपील की
सारांश
Key Takeaways
- अरविंद केजरीवाल ने भाजपा और कांग्रेस का विरोध करने की अपील की है।
- उन्होंने पूरी राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया।
- किसानों की समस्याओं को उजागर किया गया है।
- गुजरात में 'जनता की सरकार' का गठन करने का लक्ष्य।
- राजनीतिक नेताओं के रिश्तेदारों की बजाय आम परिवारों के उम्मीदवारों को अवसर देने का वादा।
गांधीनगर, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल ने रविवार को गुजरात के नागरिकों से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों का विरोध करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि "राज्य को केवल एक पार्टी को दूसरी से बदलने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि पूरी राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव लाने की ज़रूरत है।"
'परिवर्तन लाओ, किसान बचाओ यात्रा' के अंतर्गत गांधीनगर में आयोजित रैली में केजरीवाल ने कहा कि गुजरात की जनता को एक ऐसी 'जनता की सरकार' बनानी चाहिए, जो स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सके।
उन्होंने कहा कि इस बार गुजरात में जनता की सरकार बनेगी जो अपने फैसले स्वयं करेगी। हमें केवल सत्ताधारी पार्टी को नहीं बदलना है, बल्कि गुजरात की प्रगति के लिए सम्पूर्ण व्यवस्था को बदलना होगा।
केजरीवाल ने बताया कि यशू भाई, प्रवीण राम और मनोज सोरथिया सहित आम आदमी पार्टी के नेताओं ने सोमनाथ मंदिर में पूजा करने के बाद पिछले 10 से 12 दिनों के दौरान गांवों और मोहल्लों का दौरा किया और किसानों से बातचीत की। इसके बाद वे रैली के लिए गांधीनगर पहुंचे।
आप के संयोजक के अनुसार, इस दौरे से किसानों की व्यापक समस्याओं का पता चला।
उन्होंने आरोप लगाया कि जहां भी वे गए, उन्होंने पाया कि गुजरात के किसान नाखुश और परेशान हैं। कुछ स्थानों पर पीने का पानी नहीं है, तो कुछ स्थानों पर सिंचाई का पानी उपलब्ध नहीं है। हर चीज की कीमतें बढ़ गई हैं और किसानों को अपनी फसलों का पूरा मूल्य नहीं मिल रहा है।
केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि गुजरात में भाजपा के तीन दशकों के शासन के बावजूद किसानों, युवाओं और व्यापारियों को कोई लाभ नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि केवल भाजपा और कांग्रेस के नेता ही तरक्की कर रहे हैं। उनका संयुक्त कारोबारी संबंध चल रहा है।
भाजपा और कांग्रेस की तुलना करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वे अपने बच्चों को राजनीति में नहीं आने देंगे और दावा किया कि आम आदमी पार्टी राजनीतिक नेताओं के रिश्तेदारों के बजाय आम परिवारों के उम्मीदवारों को अवसर देगी।
किसानों से आगामी चुनावों में भाजपा का विरोध करने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि आगामी राजनीतिक मुकाबले का लक्ष्य राज्य की शासन प्रणाली में बदलाव लाना होना चाहिए।