केजरीवाल की PM मोदी पर टिप्पणी 'अराजकतावादी सोच' का प्रमाण: दिल्ली मंत्री आशीष सूद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद और भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक अभय वर्मा ने 29 सितंबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की। BJP नेताओं ने इसे 'बदतमीजी' और 'अराजकतावादी सोच' का प्रतीक बताते हुए दिल्ली में महिला सुरक्षा को लेकर अपनी सरकार के कदमों की विस्तार से जानकारी दी।
केजरीवाल के बयान पर सूद का पलटवार
मंत्री आशीष सूद ने कहा कि केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को लेकर जिस भाषा का इस्तेमाल किया, वह 'केवल आरोप नहीं, बल्कि बदतमीजी है।' उन्होंने कहा कि केजरीवाल स्वयं एक पूर्व मुख्यमंत्री और संवैधानिक पद पर रह चुके हैं, इसलिए उनसे इस प्रकार की भाषा की उम्मीद नहीं की जाती। सूद के अनुसार, इस तरह के शब्दों का प्रयोग उनकी 'कथित अराजकतावादी सोच' को ही उजागर करता है।
सूद ने आगे कहा कि केजरीवाल इस समय अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता तलाशने में लगे हैं, जिसके चलते वह 'स्तरहीन और हल्की बातें' कर रहे हैं। उन्होंने केजरीवाल के कुछ बयानों को लेकर उन्हें 'अर्बन नक्सल' से भी जोड़ा, हालांकि इस आरोप को केजरीवाल खारिज कर सकते हैं।
महिला सुरक्षा पर सरकार के कदम
केजरीवाल द्वारा दिल्ली में महिला सुरक्षा पर उठाए गए सवालों के जवाब में आशीष सूद ने कहा कि यह उनकी सरकार के लिए एक 'बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दा' है। सरकार शहर में ऐसे 'डार्क स्पॉट्स' चिह्नित कर रही है जहाँ रोशनी की कमी है।
सूद ने कहा कि मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी से जुड़े 'डार्क स्पॉट्स' को भी सुरक्षा की दृष्टि से देखा जा रहा है, क्योंकि रात के समय अचानक नेटवर्क जाने से महिलाओं में घबराहट पैदा हो सकती है। उन्होंने पुलिस सुधारों के अंतर्गत महिला पुलिसकर्मियों की थानों में अधिक तैनाती का भी उल्लेख किया।
पिछली सरकार पर CCTV घोटाले का आरोप
मंत्री सूद ने आरोप लगाया कि पिछली AAP सरकार के दौरान महिला सुरक्षा के लिए लगाए गए CCTV कैमरों में कथित तौर पर बड़ी अनियमितताएँ हुईं। उन्होंने स्कूलों में लगाए गए कैमरों में भी कमियाँ होने का दावा किया। सूद ने कहा कि वर्तमान सरकार इन कमियों को दूर करने पर सक्रिय रूप से काम कर रही है।
अभय वर्मा की आपत्ति
BJP विधायक अभय वर्मा ने भी केजरीवाल के बयान पर तीखी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि एक पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री के बारे में 'निंदनीय शब्दों' का इस्तेमाल करना शोभनीय नहीं है। वर्मा ने कहा कि केजरीवाल जिस प्रकार प्रधानमंत्री के नाम को कथित तौर पर बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, उसकी निंदा होनी चाहिए।
वर्मा ने कहा, 'जनता सब देख रही है और इस तरह के व्यवहार का जवाब जनता देगी।' गौरतलब है कि दिल्ली में फरवरी 2025 के विधानसभा चुनाव में AAP को बड़ी हार का सामना करना पड़ा था, और तब से पार्टी विपक्षी भूमिका में है।
आगे क्या होगा
यह राजनीतिक तीखापन ऐसे समय में सामने आया है जब दिल्ली में महिला सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में है। BJP सरकार के दावों और AAP के आरोपों के बीच यह बहस आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। दिल्ली पुलिस सुधारों पर सरकार की कार्ययोजना की व्यावहारिक समीक्षा ही इस विवाद में निर्णायक भूमिका निभाएगी।