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केजरीवाल का BJP सरकार पर हमला: 'बेटियों को पाबंदी नहीं, सुरक्षा चाहिए'

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केजरीवाल का BJP सरकार पर हमला: 'बेटियों को पाबंदी नहीं, सुरक्षा चाहिए'

सारांश

आस्था कुंज पार्क में कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद अरविंद केजरीवाल ने BJP सरकार को सीधे निशाने पर लिया — उनका सवाल है कि सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सरकार की है तो पाबंदियाँ बेटियों पर क्यों? 2.62 लाख कैमरे और 2.80 लाख स्ट्रीट लाइट के आधे से ज़्यादा बंद पड़े होने का आरोप इस राजनीतिक टकराव को और धार देता है।

मुख्य बातें

अरविंद केजरीवाल ने 29 सितंबर 2026 को दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया कि वह महिलाओं की आवाजाही पर पाबंदी लगा रही है, सुरक्षा मज़बूत करने के बजाय।
आस्था कुंज पार्क में एक नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के बाद दिल्ली में छात्राओं और महिला संगठनों का व्यापक विरोध सामने आया है।
केजरीवाल का आरोप — AAP के कार्यकाल में लगाए गए 2.62 लाख सीसीटीवी कैमरे और 2.80 लाख स्ट्रीट लाइट में से आधे से अधिक वर्तमान में बंद हैं।
माँग: खराब कैमरे-लाइट तत्काल दुरुस्त हों, 'डार्क स्पॉट' पर रोशनी हो, और हर कॉलेज में कम से कम दो महिला पुलिस अधिकारी तैनात हों।
केजरीवाल ने BJP पर आरोप लगाया कि यौन अपराध के मामलों में आरोपी के पार्टी से जुड़ाव के बाद प्रशासन उसे बचाने की कोशिश करता है।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 29 सितंबर 2026 को दिल्ली सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राजधानी में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की ज़िम्मेदारी है, न कि लड़कियों की आवाजाही पर पाबंदी लगाना। उन्होंने यह बयान आस्था कुंज पार्क में एक नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना की पृष्ठभूमि में दिया, जिसके बाद दिल्ली के कई हिस्सों में छात्राओं और महिला संगठनों की ओर से व्यापक विरोध सामने आया है।

केजरीवाल का मुख्य आरोप

केजरीवाल ने कहा कि सरकार सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने के बजाय लड़कियों को शाम सात बजे के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह दे रही है। उनके अनुसार यह रवैया न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि महिलाओं के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन भी है। केजरीवाल ने कहा, 'महिलाएं स्वतंत्र नागरिक हैं और उन्हें भी देश के अन्य नागरिकों की तरह स्वतंत्र रूप से आवागमन और जीवन जीने का अधिकार है।'

उन्होंने यह भी कहा कि ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करना या रात में बाहर न निकलने की सलाह देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सरकार की है, तो पाबंदियां महिलाओं पर क्यों लगाई जा रही हैं।

आस्था कुंज पार्क घटना और पृष्ठभूमि

आस्था कुंज पार्क में एक नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की खबर के बाद दिल्ली में छात्राओं में आक्रोश है। पुलिस के सुरक्षा ऑडिट में कथित तौर पर कई पार्कों में सीसीटीवी कैमरों की कमी और खराब रोशनी की समस्या सामने आई है। यह ऐसे समय में है जब राजधानी में महिला सुरक्षा एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक विमर्श के केंद्र में आ गई है।

बुनियादी ढाँचे पर सवाल

केजरीवाल ने दावा किया कि AAP की सरकार के दौरान दिल्ली में 2.62 लाख सीसीटीवी कैमरे और 2.80 लाख स्ट्रीट लाइट लगाई गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से आधे से अधिक कैमरे और स्ट्रीट लाइट वर्तमान में काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने माँग की कि खराब पड़े कैमरों और लाइटों को तत्काल दुरुस्त किया जाए और संवेदनशील व अंधेरे स्थानों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाए।

गौरतलब है कि उन्होंने दिल्ली को सीसीटीवी कैमरों के व्यापक नेटवर्क से जोड़ने और रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए एक केंद्रीय कमांड सेंटर बनाने की भी माँग रखी। साथ ही 'डार्क स्पॉट' की पहचान कर वहाँ स्ट्रीट लाइट लगाने पर ज़ोर दिया।

सरकार की प्रतिक्रिया और राजनीतिक आरोप

केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया कि दुष्कर्म या छेड़छाड़ के मामलों में आरोपी के पार्टी में शामिल होने के बाद प्रशासन द्वारा उसे बचाने की कोशिश की जाती है। उनका कहना था कि ऐसे मामलों में राजनीतिक संरक्षण मिलने का संदेश समाज के लिए ग़लत है। इस आरोप पर BJP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

केजरीवाल की माँगें

केजरीवाल ने प्रत्येक कॉलेज में कम से कम दो महिला पुलिस अधिकारियों की तैनाती की माँग की। उनके अनुसार छात्राओं को सुरक्षित माहौल देना ज़रूरी है ताकि वे पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के लिए बिना भय के घर से बाहर निकल सकें। आने वाले दिनों में यह मुद्दा दिल्ली विधानसभा और सड़क दोनों स्तरों पर गरमाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर AAP के पुराने बुनियादी ढाँचे की विरासत को भुनाने की कोशिश करते हैं। लेकिन असली सवाल यह है कि यदि 2.62 लाख कैमरे उनके अपने कार्यकाल की उपलब्धि है, तो रखरखाव की ज़िम्मेदारी किसकी थी — और उस दौरान मॉनिटरिंग की क्या स्थिति थी? आस्था कुंज जैसी घटनाएं यह भी उजागर करती हैं कि दिल्ली में महिला सुरक्षा का सवाल किसी एक सरकार की नाकामी नहीं, बल्कि दशकों से चली आ रही प्रशासनिक उदासीनता का नतीजा है — जिसे राजनीतिक दल हमेशा चुनावी मौसम में ही याद करते हैं।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में महिला सुरक्षा पर क्या माँगें रखी हैं?
केजरीवाल ने माँग की है कि खराब पड़े सीसीटीवी कैमरे और स्ट्रीट लाइट तत्काल दुरुस्त किए जाएं, 'डार्क स्पॉट' पर रोशनी की जाए, हर कॉलेज में कम से कम दो महिला पुलिस अधिकारी तैनात हों, और रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए केंद्रीय कमांड सेंटर बनाया जाए। उन्होंने सरकार से महिलाओं की आवाजाही पर पाबंदी लगाने की सलाह वापस लेने को भी कहा है।
आस्था कुंज पार्क घटना क्या है?
आस्था कुंज पार्क में एक नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना की खबर के बाद दिल्ली में छात्राओं और महिला संगठनों की ओर से व्यापक विरोध और सुरक्षा की माँग उठी है। पुलिस के सुरक्षा ऑडिट में कथित तौर पर कई पार्कों में सीसीटीवी की कमी और खराब रोशनी सामने आई है।
केजरीवाल ने दिल्ली में कितने CCTV कैमरे और स्ट्रीट लाइट लगाने का दावा किया है?
केजरीवाल ने दावा किया है कि AAP सरकार के दौरान दिल्ली में 2.62 लाख सीसीटीवी कैमरे और 2.80 लाख स्ट्रीट लाइट लगाई गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इनमें से आधे से ज़्यादा काम नहीं कर रहे हैं।
केजरीवाल ने BJP पर क्या आरोप लगाए हैं?
केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि यौन अपराध के मामलों में जब आरोपी BJP से जुड़ा होता है, तो प्रशासन उसे बचाने की कोशिश करता है। उनके अनुसार ऐसे मामलों में राजनीतिक संरक्षण का संदेश समाज के लिए ग़लत है। BJP की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
दिल्ली में महिलाओं को शाम के बाद बाहर न निकलने की सलाह किसने दी?
केजरीवाल के बयान के अनुसार, वर्तमान सरकार की ओर से महिलाओं और छात्राओं को शाम सात बजे के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है। केजरीवाल ने इसे महिलाओं के मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध बताते हुए इसे वापस लेने की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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