केजरीवाल और सिसोदिया ने राजघाट पर बापू को नमन किया, सत्याग्रह के मार्ग पर अडिग रहने का संकल्प दोहराया
सारांश
Key Takeaways
- अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने 28 अप्रैल को राजघाट पर महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
- केजरीवाल ने कहा कि परिस्थितियों ने उन्हें सत्याग्रह का मार्ग अपनाने पर मजबूर किया है।
- उन्होंने न्यायपालिका का सम्मान जताते हुए कहा कि न्याय प्रणाली ने ही उन्हें राहत दी है।
- सिसोदिया ने कहा कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलना बापू की सबसे बड़ी सीख है।
- केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भी अपनी भावनाएँ साझा कीं।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने मंगलवार, 28 अप्रैल को राजघाट पहुँचकर महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पार्टी के विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने राष्ट्रपिता की समाधि पर नतमस्तक होकर सत्याग्रह के मार्ग पर डटे रहने का संकल्प दोहराया।
केजरीवाल का संकल्प और न्यायपालिका पर विश्वास
राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद केजरीवाल ने कहा कि वे देश की न्यायपालिका का पूर्ण सम्मान करते हैं, किंतु वर्तमान परिस्थितियाँ ऐसी बन गई हैं कि उन्हें सत्याग्रह का मार्ग अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि न्याय प्रणाली ने ही उन्हें राहत दी है और वे आज स्वतंत्र रूप से विचरण कर पा रहे हैं, जिसके लिए वे न्यायपालिका के आभारी हैं।
केजरीवाल ने कहा,