अरविंद केजरीवाल का विशेषाधिकार समिति के समक्ष पेश होना, लाइव प्रसारण का अनुरोध अस्वीकृत
सारांश
Key Takeaways
- अरविंद केजरीवाल को विशेषाधिकार समिति के समक्ष पेश होना है।
- लाइव प्रसारण की मांग को खारिज किया गया है।
- समिति की कार्यवाही गोपनीय होती है।
नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आज विशेषाधिकार समिति की बैठक में पेश होने के लिए समन जारी किया है। इसी के साथ, विधानसभा का आधिकारिक पत्र यह स्पष्ट करता है कि समिति की कार्यवाही गोपनीय होती है और इसलिए इसका लाइव प्रसारण संभव नहीं है।
5 मार्च को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि यह पत्र आपके 3 मार्च 2026 के पत्र के संदर्भ में है, जिसमें आपने विशेषाधिकार समिति की कार्यवाही के लाइव प्रसारण का अनुरोध किया था।
उप सचिव (विधान) सदानंद साह ने बताया कि अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर मुझे सूचित किया है कि विशेषाधिकार समिति की कार्यवाही गोपनीय होती है और इसके लाइव प्रसारण की अनुमति नहीं है। इसके अतिरिक्त, यह भी बताया गया है कि विशेषाधिकार समिति की बैठक का प्रसारण किसी अन्य राज्य या संसद में कभी नहीं हुआ है।
अध्यक्ष ने यह भी आश्चर्य व्यक्त किया कि केजरीवाल, जो इस सदन के पूर्व सदस्य हैं और दस वर्षों से अधिक समय तक सेवा दे चुके हैं, को इस मामले की जानकारी नहीं है, जबकि कई विशेषाधिकार समिति की बैठकें आयोजित की गई हैं, जिनमें से कोई भी प्रसारित नहीं हुई।
ज्ञात हो कि वर्ष 2022 के कथित फांसीघर मामले के सिलसिले में अरविंद केजरीवाल को विशेषाधिकार समिति के समक्ष पेश होने के लिए समन भेजा गया है। इसी कारण आज समिति के सामने उनकी उपस्थिति अपेक्षित है।
इससे पहले, 3 मार्च को अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली विधानसभा ने उन्हें फांसीघर पर प्रश्न पूछने के लिए बुलाया है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने विशेषाधिकार समिति को पत्र लिखकर सूचित किया है कि वह 6 मार्च को उपस्थित रहेंगे।