क्या केला प्रकृति का सुपरफूड है, जो हर उम्र में सेहत का ख्याल रखता है?
सारांश
Key Takeaways
- केला ऊर्जा का अच्छा स्रोत है।
- यह पोषण और उपचार के लिए लाभकारी है।
- बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित है।
- गर्भवती महिलाओं के लिए गर्भ-पोषण फल है।
- सही मात्रा में सेवन करें।
नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केला भारत के प्राचीन और पौष्टिक फलों में से एक है। यह केवल एक स्वादिष्ट फल नहीं, बल्कि एक ऊर्जा-पोषण-उपचार का त्रिवेणी है। आयुर्वेद के अनुसार, केला को मधुर, गुरु, शीतल, बल्य, पित्त-शामक, वात-नाशक और ओज-वर्धक फल माना जाता है, इसलिए इसे सर्वगुण संपन्न फल कहा जाता है।
यह फल सस्ता, आसानी से उपलब्ध और सभी उम्र के लिए सुरक्षित है। विशेष रूप से बच्चों, छात्रों, एथलीट्स, बुजुर्गों, शारीरिक कमजोरियों और एनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए केला एक तात्कालिक ऊर्जा देने वाला सुपरफूड है।
केला खाने के विशेष तरीके हैं। अगर हल्की गैस, कब्ज या अपच हो, तो केले पर काला नमक डालकर खाने से आमपित्त शांत होता है और पाचन क्रिया संतुलित रहती है। थकावट में गुनगुने दूध और केले का सेवन फायदेमंद होता है, क्योंकि यह मांसपेशियों के लिए पोषक है। पेट की जलन या अल्सर में थोड़ी मिश्री के साथ केला खाना लाभदायक होता है।
कमजोरी के समय केला और शहद का सेवन करें, यह शरीर में ओज बढ़ाता है और इम्युनिटी को मजबूत करता है। नींद न आने की समस्या में केला और गर्म दूध बेहद फायदेमंद होते हैं, क्योंकि इनमें ट्रिप्टोफैन और मेलाटोनिन अच्छी नींद लाते हैं। यह महिलाओं और छात्रों के लिए विशेष लाभकारी है।
एथलीट्स के लिए केला अत्यधिक फायदेमंद होता है और थकान को तुरंत दूर करता है। त्वचा के लिए पका केला और दही का फेस पैक लगाने से नमी, निखार और कोमलता आती है। आंतों की सफाई के लिए सुबह खाली पेट 1-2 केले खाना डिटॉक्स करने में मदद करता है।
गर्भवती महिलाओं के लिए केला गर्भ-पोषण फल माना जाता है। यह शरीर में प्राकृतिक रूप से सेरोटोनिन बढ़ाता है, जिससे मूड अच्छा रहता है।
केला हर उम्र और हर परिस्थिति में एक प्राकृतिक सुपरफूड है, लेकिन रात में देर से खाने या अत्यधिक मात्रा में सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इससे भारीपन महसूस होता है।