क्या पंचायतों के लिए एआई बूस्ट लाने जा रहा है केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह का 'सभासार' टूल?

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क्या पंचायतों के लिए एआई बूस्ट लाने जा रहा है केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह का 'सभासार' टूल?

सारांश

पंचायती राज मंत्रालय एक नया एआई टूल 'सभासार' लॉन्च करने जा रहा है, जो ग्राम सभा की बैठक की मिनट्स को स्वचालित रूप से तैयार करेगा। यह टूल एआई और एनएलपी तकनीकों का उपयोग करता है। जानें इस टूल के फायदों और इसके प्रभाव के बारे में।

मुख्य बातें

सभासार टूल ग्राम सभा की बैठक के मिनट्स को स्वचालित रूप से तैयार करता है।
यह एआई और एनएलपी तकनीकों का उपयोग करता है।
इससे पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार होगा।
इस टूल का उपयोग सभी पंचायत पदाधिकारियों के लिए उपलब्ध है।
भविष्य में अन्य भाषाओं का समर्थन किया जाएगा।

नई दिल्ली, 14 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। पंचायती राज मंत्रालय (एमओपीआर) ने गुरुवार को जानकारी दी कि एमओपीआर ग्राम सभा या अन्य पंचायत बैठकों की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग से स्ट्रक्चर्ड मिनट्स ऑफ मीटिंग (एमओएम) को स्वचालित रूप से तैयार करने के लिए एक एआई संचालित टूल लॉन्च करने जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह और केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल की उपस्थिति में नई दिल्ली में एआई-समर्थित बैठक संक्षेपण टूल 'सभासार' का शुभारंभ होगा।

सभासार एडवांस एआई और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (एनएलपी) तकनीकों का उपयोग कर मौखिक चर्चाओं को ट्रांसक्राइब करता है, प्रमुख निर्णयों और कार्य बिंदुओं की पहचान करता है और सुव्यवस्थित बैठक विवरण तैयार करता है।

यह टूल, सरकार के राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन 'भाषिणी' के साथ एकीकृत है, जो वर्तमान में 13 भारतीय भाषाओं का समर्थन करता है, जिससे विभिन्न भाषाई पृष्ठभूमि वाले पंचायत पदाधिकारियों के लिए समावेशिता और पहुंच सुनिश्चित होती है। भविष्य में समर्थित भाषाओं की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।

पंचायती राज मंत्रालय ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से 15 अगस्त, 2025 को स्पेशल ग्राम सभा के लिए मिनट्स ऑफ मीटिंग जनरेट करने के लिए सभासार टूल का उपयोग करने का अनुरोध किया है।

इस पहल के पहले कदम के रूप में, त्रिपुरा की सभी 1,194 ग्राम पंचायतें (पारंपरिक स्थानीय निकायों सहित) इस टूल का उपयोग कर स्पेशल ग्राम सभा के मिनट्स जनरेट करेंगी।

सभासार एक ऐसी पहल है जो सहभागी लोकतंत्र को मजबूत करने और स्थानीय शासन में दक्षता बढ़ाने के लिए डिजिटल इनोवेशन का उपयोग करती है।

एक बयान में मंत्रालय ने बताया कि सभासार मैन्युअल डॉक्यूमेंटेशन के लिए आवश्यक समय और प्रयास को कम कर पंचायत अधिकारियों को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए शासन और सेवा वितरण पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम बनाता है।

हाल ही में, सुपरहिट स्ट्रीमिंग शो 'पंचायत' के निर्माताओं ने अपने रेखाचित्रों के माध्यम से ग्रामीण विकास को चित्रित करने के लिए पंचायती राज मंत्रालय के साथ सहयोग किया है।

इस भागीदारी का उद्देश्य प्रमुख ग्रामीण विकास पहलों को उजागर करना है, जिसमें महिला सशक्तीकरण, स्वयं के स्रोत से राजस्व और तकनीकी-आधारित विकास शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि सभासार टूल पंचायतों में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देगा। यह डिजिटल इनोवेशन का एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ग्रामीण विकास को गति प्रदान कर सकता है। सरकार की इस पहल का स्वागत किया जाना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस टूल का उपयोग कौन कर सकता है?
यह टूल सभी पंचायत पदाधिकारियों और ग्राम सभाओं के लिए उपलब्ध है।
क्या यह टूल सभी भाषाओं का समर्थन करेगा?
हालांकि यह वर्तमान में 13 भाषाओं का समर्थन करता है, भविष्य में अन्य भाषाओं को भी जोड़ा जाएगा।
इस टूल का लाभ क्या है?
यह टूल मैन्युअल डॉक्यूमेंटेशन के समय को कम करता है और पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।
क्या पंचायतों को इस टूल का उपयोग करने के लिए अनिवार्य किया गया है?
हां, सभी राज्यों से 15 अगस्त, 2025 तक इस टूल का उपयोग करने का अनुरोध किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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