केंद्र सरकार की हताशा, राहुल गांधी को विधेयक पर बोलने का मौका नहीं दे रही: मणिकम टैगोर

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केंद्र सरकार की हताशा, राहुल गांधी को विधेयक पर बोलने का मौका नहीं दे रही: मणिकम टैगोर

सारांश

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने केंद्र सरकार पर राहुल गांधी को महत्वपूर्ण विधेयक पर बोलने से रोकने का आरोप लगाया है। यह विधेयक, जो सीएपीएफ कर्मियों के अधिकारों को प्रभावित करता है, को बेहद जल्दबाजी में पेश किया जा रहा है।

Key Takeaways

  • राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं मिलना गंभीर मुद्दा है।
  • केंद्र सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाए गए।
  • विधेयक सीएपीएफ कर्मियों के अधिकारों को प्रभावित करता है।

चेन्नई, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के विरुधुनगर से कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर बी. ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक पर बोलने का मौका नहीं दे रही है।

उन्होंने एक्स पर लिखा, "सरकार की हताशा अब स्पष्ट हो चुकी है। हमारे सीएपीएफ कर्मियों के अधिकारों और गरिमा पर प्रभाव डालने वाला एक महत्वपूर्ण विधेयक लोकसभा में जल्दबाजी में पेश किया जा रहा है। इस समय विपक्ष के नेता राहुल गांधी पूर्व नियोजित चुनावी रैलियों के लिए असम में हैं, जो पहले से निर्धारित थीं। अचानक यह विधेयक आज के लिए सूचीबद्ध किया गया है।"

मणिकम टैगोर ने केंद्र सरकार से विधेयक की जल्दबाजी पर सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा, "यह जल्दबाजी क्यों? निष्पक्ष और पूर्ण बहस से क्यों बचा जा रहा है? विपक्ष के नेता को हमारे जवानों से जुड़े मुद्दे पर बोलने का अवसर क्यों नहीं दिया जा रहा? यह संयोग नहीं है। यह एक सोची-समझी संसदीय रणनीति है।"

उन्होंने आगे लिखा, "एक आश्वस्त सरकार बहस से नहीं डरती। न्याय के प्रति प्रतिबद्ध सरकार असहमति की आवाजों की अनुपस्थिति में जल्दबाजी में कानून नहीं बनाती। यह विधेयक पहले ही गंभीर संविधानिक चिंताएं पैदा करता है। अदालतों के फैसलों को दरकिनार करना और सीएपीएफ अधिकारियों के साथ निष्पक्षता से इनकार करना। अब जानबूझकर इसकी जांच को कम करके इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत को बेहतर का हकदार है। हमारी सेनाओं को निष्पक्षता मिलनी चाहिए। संसद को ईमानदारी मिलनी चाहिए।"

सांसद ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 के संबंध में एक पत्र भी एक्स पर साझा किया है। इसमें लिखा है, "अमित शाह प्रस्ताव करते हैं कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में समूह ए जनरल ड्यूटी अधिकारियों और अन्य अधिकारियों की भर्ती और सेवा शर्तों को नियंत्रित करने वाले सामान्य नियमों व अन्य संबंधित मामलों को विनियमित करने वाले विधेयक, जैसा कि राज्यसभा द्वारा पारित किया गया है, पर विचार किया जाए।"

Point of View

मणिकम टैगोर के आरोप केंद्र सरकार की पारदर्शिता और लोकतंत्र में बहस की आवश्यकता पर सवाल खड़े करते हैं। विपक्ष के नेता को महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने का अवसर मिलना चाहिए, जिससे संसद में स्वस्थ संवाद स्थापित हो सके।
NationPress
02/04/2026

Frequently Asked Questions

क्यों मणिकम टैगोर ने सरकार पर आरोप लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राहुल गांधी को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल विधेयक पर बोलने का अवसर नहीं दे रही है।
इस विधेयक का क्या महत्व है?
यह विधेयक सीएपीएफ कर्मियों के अधिकारों और गरिमा को प्रभावित करता है।
सरकार की रणनीति पर क्या सवाल उठाए गए हैं?
मणिकम टैगोर ने सरकार की जल्दबाजी और निष्पक्ष बहस से बचने पर सवाल उठाए हैं।
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