केरल के सीएम विजयन ने रेवंत रेड्डी पर किया तीखा पलटवार

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केरल के सीएम विजयन ने रेवंत रेड्डी पर किया तीखा पलटवार

सारांश

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने अपनी चौंकाने वाली टिप्पणी से सबको हैरान कर दिया, जब उन्होंने रेवंत रेड्डी के चुनावी भाषण पर प्रतिक्रिया दी। जानिए इस राजनीतिक द्वंद्व की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • पिनराई विजयन ने रेवंत रेड्डी पर चौंकाने वाली टिप्पणी की।
  • राजनीतिक संवाद में व्यक्तिगत टिप्पणियों का महत्व।
  • सोशल मीडिया पर इस टिप्पणी की व्यापक चर्चा।
  • राजनीति में अनौपचारिकता का बढ़ता रुझान।
  • केरल की राजनीति में फिल्मी संवादों का प्रभाव।

तिरुवनंतपुरम, ७ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने मंगलवार को एक आश्चर्यजनक टिप्पणी की, जिसने सबको चौंका दिया। यह बयान उनके आलोचकों और आम जनता दोनों के लिए हैरान करने वाला था।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विजयन ने कहा, "डैश मोने रेवंता...जवाब आ रहा है।"

मलयालम में इस वाक्य का अर्थ थोड़ा अपमानजनक होता है। आमतौर पर इसे दोस्तों या व्यक्तिगत बातचीत में मज़ाक के रूप में कहा जाता है। हालांकि, एक सार्वजनिक मंच या मुख्यमंत्री जैसे पद पर इसे कहना उचित नहीं माना जाता।

विजयन ने यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री को ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। लेकिन उन्होंने खुद उस भाषा का उपयोग कर एक विरोधाभास उत्पन्न कर दिया है।

लोग इस बात को नज़रअंदाज़ नहीं कर सके और यह सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया। विजयन ने यह प्रतिक्रिया रेड्डी के एक चुनावी भाषण के बाद दी, जिसमें रेड्डी ने कहा था, "पो मोने पिनाराई, तुम्हारा समय अब खत्म हो गया है।" यह वाक्य मलयालम फिल्म 'नरसिम्हम' के प्रसिद्ध संवाद से लिया गया था।

पिछले कुछ वर्षों में, यह संवाद लोगों की रोज़मर्रा की बातचीत में भी शामिल हो गया है। लोग इसे मज़ाक या हल्के-फुल्के तरीके से उपयोग करते हैं। शायद ही किसी राजनीतिक बहस में इसका प्रयोग हुआ हो। विजयन के जवाब ने फिर से राजनीतिक बहस के स्वरूप और तरीके पर ध्यान आकर्षित किया है।

कुछ समर्थकों ने इसे एक तीखा और दिल से दिया गया जवाब माना, जबकि आलोचकों का कहना है कि यह शीर्ष नेताओं की भाषा में अनौपचारिकता बढ़ने का एक चिंताजनक संकेत है।

केरल की राजनीति आमतौर पर सधी और संयमित होती है, इसलिए आम लोगों के फिल्मों के संवादों से प्रेरित होना एक प्रकार की विडंबना है। यदि फिल्मों ने हमें "पो मोने दिनेश" जैसा संवाद दिया है, तो ऐसा लगता है कि राजनीति अपनी अलग कहानी लिख रही है, जिसमें मज़ेदार और चुभने वाली बातें शामिल हैं।

फिलहाल, जवाब आ चुका है, जो कि सधे अंदाज़ में और थोड़ा हंसी-मज़ाक के साथ दिया गया है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष के नेता वी.डी सतीशन ने कहा कि वे रेवंत रेड्डी को सलाह देना चाहते हैं कि जब वे विजयन के बारे में बात करें तो सावधानी बरतें। पिछले कुछ वर्षों में, विजयन ने कई लोगों के खिलाफ अपशब्द कहे हैं।

सतीशन ने कहा, "भगवान का शुक्र है कि विजयन ने ‘डैश मोने’ जैसे शब्द का इस्तेमाल किया; अगर उन्होंने उस खाली जगह को भर दिया होता, तो सोचिए केरल को कितना शर्मिंदा होना पड़ता। विजयन अपना आपा खो रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि चुनाव का नतीजा क्या होगा। हम १०० सीटें जीतने जा रहे हैं।"

Point of View

पिनराई विजयन की टिप्पणी और रेवंत रेड्डी के प्रति उनकी प्रतिक्रिया, दोनों ही राजनीतिक संवाद का एक नया रूप प्रस्तुत करती हैं। यह दर्शाता है कि राजनीति में व्यक्तिगत टिप्पणियों का क्या महत्व है।
NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

मुख्यमंत्री विजयन ने रेवंत रेड्डी पर क्या टिप्पणी की?
मुख्यमंत्री विजयन ने कहा, 'डैश मोने रेवंता...जवाब आ रहा है।' यह टिप्पणी तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के चुनावी भाषण पर प्रतिक्रिया थी।
क्या विजयन की टिप्पणी उचित थी?
सार्वजनिक मंच पर ऐसे शब्दों का प्रयोग उचित नहीं माना जाता, खासकर जब वह मुख्यमंत्री हों।
इस टिप्पणी पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया थी?
लोगों ने इसे सोशल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बनाया और कुछ ने इसे मज़ेदार माना, जबकि अन्य ने इसे चिंताजनक संकेत बताया।
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