केरल में 7 जिलों को ऑरेंज अलर्ट, परसाला के पास भूस्खलन से ट्रेन बेपटरी — सेवाएं बहाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 22 अक्टूबर 2026 को केरल के सात जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। यह चेतावनी उस समय आई है जब तिरुवनंतपुरम ज़िले के परसाला के समीप गुरुवार तड़के हुए भूस्खलन के कारण एक ट्रेन का इंजन पटरी से उतर गया था, हालांकि बाद में सेवाएं बहाल कर दी गईं।
किन जिलों में जारी हुआ अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड में ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा। रविवार को इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड को इस अलर्ट के दायरे में रखा गया है। इसके अतिरिक्त, गुरुवार से रविवार तक कई अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी है, जिसमें भारी वर्षा और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है।
IMD के वर्गीकरण के अनुसार, 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक की वर्षा को 'भारी बारिश' की श्रेणी में रखा जाता है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में अनुमानित वर्षा इस सीमा से काफी अधिक है।
परसाला के पास भूस्खलन और ट्रेन हादसा
ट्रेन संख्या 22619 बिलासपुर-तिरुनेलवेली एक्सप्रेस को गुरुवार रात लगभग 2 बजकर 19 मिनट पर नेय्याट्टिनकारा-परसाला सेक्शन में किलोमीटर 249 के निकट भूस्खलन के कारण रोका गया। जाँच में पाया गया कि ट्रेन का इंजन पटरी से उतर चुका था। रेलवे अधिकारियों ने पुष्टि की कि इस घटना में सभी यात्री और रेलकर्मी सुरक्षित रहे।
रेलवे ने तत्काल एक राहत इंजन भेजा और दुर्घटना राहत ट्रेन के साथ उपकरण एवं कर्मियों को बहाली कार्य के लिए रवाना किया। बेपटरी इंजन को हटाकर ट्रैक की मरम्मत पूरी की गई। सुरक्षा जाँच के बाद ट्रेन सेवाएं फिर से शुरू की गईं। परशुराम एक्सप्रेस मंगलुरु के लिए परसाला से रवाना हुई और प्रभावित खंड से सुरक्षित गुज़री।
आपदा प्रबंधन की सलाह
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों में लोगों से सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने का अनुरोध किया है। बारिश का यह दौर रविवार तक जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
गौरतलब है कि केरल में मानसून के बाद के चरण में भी भारी वर्षा असामान्य नहीं है। वायनाड और इडुक्की जैसे पहाड़ी जिलों में भूस्खलन की संभावना हमेशा अधिक रहती है, और ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि प्रशासन को उच्च सतर्कता बनाए रखनी होगी।
आगे क्या होगा
मौसम विभाग के अनुसार यह वर्षा चक्र अगले कुछ दिनों में धीरे-धीरे कमज़ोर पड़ सकता है, लेकिन तब तक भूस्खलन-प्रवण और बाढ़-संवेदनशील क्षेत्रों में जोखिम बना रहेगा। रेलवे अधिकारी प्रभावित खंड की निगरानी जारी रखेंगे और मौसम की स्थिति के अनुसार ट्रेन परिचालन को नियमित करते रहेंगे।