केरल में मासिक रोग निवारण कैलेंडर लॉन्च; स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर देंगे जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को तिरुवनंतपुरम स्थित सचिवालय में राज्य का पहला मासिक रोग निवारण कैलेंडर जारी किया। मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के नेतृत्व वाली केरल सरकार द्वारा शुरू की गई इस पहल के तहत स्वास्थ्य निरीक्षकों सहित स्वास्थ्यकर्मी पूरे राज्य में घर-घर जाकर जागरूकता फैलाएंगे और निवारक उपाय अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित करेंगे। यह पहली बार है जब केरल के स्वास्थ्य विभाग ने संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए इस तरह का कैलेंडर-आधारित व्यवस्थित दृष्टिकोण अपनाया है।
कैलेंडर में क्या है
स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति ने यह कैलेंडर तैयार किया है। इसमें केरल में प्रचलित बीमारियों, उनके लक्षणों, संचरण के तरीकों और व्यक्तिगत व सामुदायिक निवारक उपायों की माहवार जानकारी दी गई है। विभाग इस कैलेंडर को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी प्रकाशित करेगा तथा इसे राज्यभर के नागरिकों तक पहुँचाएगा।
पिछली सरकार की नीति में बदलाव
मंत्री मुरलीधरन ने बताया कि पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों के घर-घर जाकर जानकारी देने के अधिकार को केवल उन्हीं क्षेत्रों तक सीमित कर दिया गया था जहाँ रोग प्रकोप की सूचना पहले से मिली हो। उन्होंने कहा कि इस आदेश में संशोधन किया जाएगा ताकि व्यापक स्तर पर निवारक उपाय किए जा सकें।
आम जनता पर असर
इस पहल का मुख्य उद्देश्य रोग प्रकोप के बाद की आपातकालीन प्रतिक्रिया से हटकर पूर्व-रोकथाम की संस्कृति को बढ़ावा देना है। गौरतलब है कि वैज्ञानिक आँकड़े विभिन्न बीमारियों के मौसमी प्रसार-पैटर्न को पहचानने में सक्षम हैं, लेकिन यह जानकारी अक्सर आम जनता तक नहीं पहुँच पाती। यह कमी सामुदायिक तैयारियों को कमज़ोर कर सकती है और बचाव के प्रयासों को विफल कर सकती है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
मंत्री मुरलीधरन ने ज़ोर दिया कि बीमारियों के प्रसार को रोकना और मौतों को टालना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनके अनुसार, इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग, अन्य सरकारी विभागों और स्वयं जनता के समन्वित प्रयास अनिवार्य हैं।
आगे क्या होगा
यह कैलेंडर विभाग के उन समन्वित प्रयासों की एक कड़ी है, जो संक्रामक रोगों की रोकथाम को राज्य की स्वास्थ्य नीति के केंद्र में लाने के लिए किए जा रहे हैं। आने वाले हफ्तों में घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने का अभियान पूरे केरल में विस्तारित होने की उम्मीद है, जिससे राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को और अधिक सक्रिय एवं जन-केंद्रित बनाया जा सकेगा।