क्या केरल: 'पुनरजनी' आवास योजना पर वीडी सतीशन के खिलाफ विवाद है?
सारांश
Key Takeaways
- वीडी सतीशन पर एफसीआरए उल्लंघन के आरोप हैं।
- राज्य सरकार ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है।
- कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि यह चुनावी रणनीति का हिस्सा है।
- सतर्कता विभाग ने जांच की सिफारिश की है।
तिरुवनंतपुरम, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केरल में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन के खिलाफ एक नया राजनीतिक विवाद उभरकर सामने आया है। केरल सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) ने उनके खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश की है। यह सिफारिश कथित एफसीआरए (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) उल्लंघन के आरोपों के संदर्भ में की गई है, जो वर्ष 2018 की बाढ़ के बाद आरंभ की गई 'पुनरजनी' आवास योजना से संबंधित है।
यह 'पुनरजनी' योजना एर्नाकुलम जिले के परावूर विधानसभा क्षेत्र में शुरू की गई थी, जहां वीडी सतीशन विधायक हैं। इस योजना का उद्देश्य 2018 की भीषण बाढ़ से प्रभावित व्यक्तियों को आवास प्रदान करना था। सतर्कता विभाग ने यह कार्रवाई उन आरोपों के आधार पर की, जिनमें कहा गया कि योजना के लिए विदेशी धन प्राप्त करने में अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि, राज्य सरकार ने अभी तक इस सिफारिश पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
इस मामले पर कांग्रेस पार्टी और स्वयं वीडी सतीशन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। वीडी सतीशन ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सतर्कता विभाग को इस तरह की सिफारिश करने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा, "क्या यह खबर सही है? मुझे लगता है कि यह एक फर्जी खबर है, क्योंकि वे इस प्रकार के मामले की सिफारिश नहीं कर सकते। यह मामला कानूनी दृष्टिकोन से कहीं भी टिक नहीं पाएगा। इस परियोजना से जुड़ा हर कार्य सौ प्रतिशत पारदर्शिता और सही तरीके से किया गया है।"
उन्होंने आगे तंज करते हुए कहा, "लोगों से कह दीजिए कि मैं इन सभी बातों से डर गया हूं। विधानसभा चुनाव मार्च के पहले सप्ताह में घोषित होने की संभावना है। यदि उन्हें लगता है कि जनवरी में मेरे खिलाफ कोई मामला दर्ज करना चाहिए, तो मुझे इससे कोई समस्या नहीं है।"
फिलहाल, इस सिफारिश पर सरकार के निर्णय का इंतजार है, जबकि मामला राज्य की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।