शिक्षक खान सर का एलपीजी पर बयान: देश में कमी नहीं, लेकिन कीमतों पर चिंता
सारांश
Key Takeaways
- देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है।
- बढ़ती कीमतें छात्रों के लिए आर्थिक दबाव का कारण बन रही हैं।
- शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना सेमिनार का मुख्य उद्देश्य है।
- खान सर ने पश्चिम एशिया के संघर्ष पर संतुलन बनाए रखने की बात की।
- मध्यम वर्गीय छात्रों के लिए 200–300 रुपए की खर्च वृद्धि एक गंभीर मुद्दा है।
पटना, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। शिक्षक खान सर ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। हालांकि, उन्होंने गैस और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर गहरी चिंता व्यक्त की। खान सर ने कहा कि मध्यम वर्गीय छात्रों के लिए 200–300 रुपए का खर्च बढ़ना भी एक गंभीर आर्थिक दबाव बन सकता है।
खान सर ने पटना में आयोजित एक शैक्षिक सेमिनार में भाग लिया, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, शासन-प्रशासन और छात्र कल्याण से संबंधित पहलुओं पर चर्चा की।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "इस सेमिनार में बड़ी संख्या में बच्चों ने भाग लिया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। हमारा लक्ष्य छात्रों को न केवल रोजगार दिलाना है बल्कि उन्हें ऐसे कौशल भी सिखाना है, जिनकी मदद से वे अपनी नौकरी के साथ-साथ अपना व्यवसाय भी चला सकें। हमें उन्हें ऐसे स्तर तक पहुंचाना है, जहां वे अपने विकास के साथ-साथ देश के विकास में भी योगदान दे सकें।"
इसी दौरान, उन्होंने एलपीजी के मुद्दे पर सवालों का जवाब देते हुए कहा, "अभी तक कोई बड़ी कमी देखने को नहीं मिली है, लेकिन छात्रों को कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। एलपीजी की बढ़ती कीमतों और होटलों में भोजन के दामों में वृद्धि का छात्रों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।"
खान सर ने पश्चिम एशिया के संघर्ष पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कुछ भी कर सकते हैं। लेकिन हमारे जैसे तटस्थ देश के लिए, जो शांति का प्रतीक है, सद्भाव बनाए रखना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। एक ओर अमेरिका, इजरायल और यूरोपीय देश हैं, जबकि दूसरी ओर हमें अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए पुराने सहयोगियों पर निर्भर रहना पड़ता है। इसलिए, हमें संतुलन बनाए रखना होगा।"