16 अक्टूबर 2026
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किरेन रिजिजू का 'रिजीम चेंज' पर पलटवार: 'गद्दारों को कभी माफ मत करो'

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किरेन रिजिजू का 'रिजीम चेंज' पर पलटवार: 'गद्दारों को कभी माफ मत करो'

सारांश

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर 'गद्दारों को कभी माफ न करो' की पोस्ट कर प्रशांत भूषण के 'रिजीम चेंज' बयान पर सीधा पलटवार किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी लखनऊ में बांग्लादेश का हवाला देते हुए विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

किरेन रिजिजू ने 16 अक्टूबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर 'रिजीम चेंज' की वकालत करने वालों को 'गद्दार' बताया।
प्रशांत भूषण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुले तौर पर कहा था, 'हाँ, हम रिजीम चेंज चाहते हैं।' रिजिजू ने भूषण के 2011 के कश्मीर वाले बयान का पुराना वीडियो भी साझा किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए 'रिजीम चेंज' की माँग को लोकतंत्र-विरोधी करार दिया।
राजनाथ ने कहा कि विपक्ष की लड़ाई मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए नहीं, बल्कि अव्यवस्था फैलाने के लिए है।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 16 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तीखी पोस्ट के ज़रिये 'रिजीम चेंज' की वकालत करने वालों पर सीधा हमला बोला। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण द्वारा खुले तौर पर 'रिजीम चेंज' की माँग स्वीकार किए जाने के बाद भड़के सियासी विवाद के बीच रिजिजू ने देशभक्त भारतीयों से अपील की कि गद्दारों को कभी माफ न किया जाए।

रिजिजू की एक्स पोस्ट और उसका संदर्भ

रिजिजू ने एक्स पर लिखा, 'प्यारे देशभक्त भारतीयों, याद रखें — अपने दुश्मनों को एक बार माफ करो, दोस्तों को दो बार, लेकिन गद्दारों को कभी नहीं।' यह पोस्ट उन्होंने प्रशांत भूषण की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो शेयर करते हुए की, जिसमें भूषण को यह कहते सुना गया, 'हाँ, हम रिजीम चेंज चाहते हैं।' रिजिजू ने इस बयान को राष्ट्रीय व्यवस्था के लिए खतरनाक करार दिया।

पुराने बयान भी आए सामने

रिजिजू ने एक अन्य पोस्ट में भूषण के 2011 के कश्मीर संबंधी बयान का वीडियो भी साझा किया, जिसमें भूषण कथित तौर पर कहते सुने गए थे कि 'अगर कश्मीरी लोग अलग होना चाहते हैं, तो उन्हें अलग होने दें।' रिजिजू ने इन दोनों बयानों को एक साथ जोड़ते हुए एक व्यापक राजनीतिक तस्वीर पेश की। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में स्पष्ट शब्दों में लिखा, 'लड़ाई की रेखा खिंच गई है — यह दिमागी नक्सल बनाम देशभक्त भारतीय है।'

राजनाथ सिंह का भी विपक्ष पर निशाना

इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि 'रिजीम चेंज' शब्द का उपयोग यह साबित करता है कि प्रदर्शनकारियों का असली इरादा अराजकता फैलाकर सत्ता पर काबिज होना है। राजनाथ ने कहा कि विपक्ष की यह लड़ाई न तो चुनाव आयोग के लिए है, न ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए, बल्कि इसका एकमात्र उद्देश्य संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करना है।

राजनाथ ने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए आगाह किया कि 'रिजीम चेंज' की वकालत करने वाले लोकतांत्रिक ढाँचे को ध्वस्त करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ज़ोर दिया कि लोकतंत्र को अराजकता के लाइसेंस की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

सियासी बहस का दायरा

इस पूरे विवाद ने 'रिजीम चेंज' की माँग के अर्थ, संवैधानिक सीमाओं और विपक्षी आंदोलनों की मंशा को लेकर एक व्यापक राष्ट्रीय बहस खड़ी कर दी है। सत्ताधारी दल के नेताओं का आरोप है कि यह माँग लोकतांत्रिक मूल्यों की आड़ में सरकार को अस्थिर करने की कोशिश है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में चुनाव आयोग की स्वायत्तता को लेकर पहले से ही तीखी राजनीतिक नोकझोंक जारी है।

आगे क्या

गौरतलब है कि इस विवाद के और गहराने की संभावना है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे एक व्यापक राजनीतिक अभियान का हिस्सा बनाने के संकेत दिए हैं। विपक्ष की प्रतिक्रिया और न्यायपालिका तथा नागरिक समाज की स्थिति इस बहस की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो विपक्ष के आंदोलन को 'राष्ट्रविरोधी' के खाँचे में फिट करने की कोशिश करती है। 'दिमागी नक्सल' जैसे शब्दों का प्रयोग भाषा को हथियार बनाने की उस परिपाटी को आगे बढ़ाता है जो पिछले एक दशक में भारतीय राजनीति में तेज़ी से सामान्य हो गई है। मुख्यधारा की कवरेज जो बात नज़रअंदाज़ करती है, वह यह है कि 'रिजीम चेंज' शब्द लोकतांत्रिक चुनावों के ज़रिये सरकार बदलने की माँग के लिए भी इस्तेमाल होता है — इसलिए इस शब्द की व्याख्या ही इस पूरे विवाद की धुरी है। बिना इस व्याख्या को स्पष्ट किए, 'देशद्रोह' और 'राजनीतिक असहमति' के बीच की रेखा धुंधली होती जाती है।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरेन रिजिजू ने 'रिजीम चेंज' पर क्या कहा?
रिजिजू ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि दुश्मनों को एक बार माफ करो, दोस्तों को दो बार, लेकिन गद्दारों को कभी नहीं। यह पोस्ट उन्होंने प्रशांत भूषण की प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो शेयर करते हुए की।
प्रशांत भूषण ने 'रिजीम चेंज' पर क्या कहा था?
वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुले तौर पर कहा, 'हाँ, हम रिजीम चेंज चाहते हैं।' इसी बयान के बाद सियासी विवाद भड़का और सत्तारूढ़ दल के कई नेताओं ने उन पर निशाना साधा।
राजनाथ सिंह ने 'रिजीम चेंज' विवाद पर क्या रुख अपनाया?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि 'रिजीम चेंज' की माँग का मतलब अराजकता फैलाकर सत्ता पर कब्जा करना है। उन्होंने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए चेताया कि यह लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने की साज़िश है।
रिजिजू ने प्रशांत भूषण का 2011 का कौन-सा बयान सामने रखा?
रिजिजू ने भूषण का 2011 का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे कथित तौर पर कहते सुने गए थे कि 'अगर कश्मीरी लोग अलग होना चाहते हैं, तो उन्हें अलग होने दें।' रिजिजू ने इसे 'रिजीम चेंज' की माँग से जोड़कर एक व्यापक राजनीतिक संदर्भ में पेश किया।
इस विवाद का व्यापक राजनीतिक असर क्या हो सकता है?
इस विवाद ने 'रिजीम चेंज' शब्द के अर्थ, विपक्षी प्रदर्शनों की संवैधानिक सीमाओं और चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर राष्ट्रीय बहस को और तेज़ कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे एक व्यापक राजनीतिक अभियान का हिस्सा बनाने के संकेत दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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