18 अक्टूबर 2026
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किरेन रिजिजू का निशाना: 'भारत-विरोधी' गिरोह और सोरोस-समर्थित 'रिजीम चेंज' की साजिश हुई नाकाम

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किरेन रिजिजू का निशाना: 'भारत-विरोधी' गिरोह और सोरोस-समर्थित 'रिजीम चेंज' की साजिश हुई नाकाम

सारांश

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर सीधे जॉर्ज सोरोस का नाम लेकर भारत में रिजीम चेंज की कथित विदेशी साजिश को उजागर किया। बांग्लादेश और फ्रांस का हवाला देकर उन्होंने कहा — भारत न बांग्लादेश है, न फ्रांस। मतदाता सूची विवाद अब सीधे भू-राजनीतिक आरोपों तक पहुँच गया है।

मुख्य बातें

किरेन रिजिजू ने 18 अक्टूबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर जॉर्ज सोरोस और 'भारत-विरोधी गिरोहों' पर रिजीम चेंज की साजिश का आरोप लगाया।
रिजिजू ने कहा — भारत में सत्ता परिवर्तन केवल चुनावों के माध्यम से संभव है, सोरोस के माध्यम से नहीं।
विवाद की जड़ मतदाता सूची एसआईआर है; विपक्ष का दावा — 13 करोड़ से अधिक नाम सूची से हटाए जा सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी , अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण पर 'असली इरादे' उजागर होने का आरोप लगाया।
रिजिजू ने बांग्लादेश और फ्रांस की हिंसा का हवाला देते हुए कहा कि भारत के खिलाफ भी ऐसी ही साजिश रची गई थी।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को भारत में 'रिजीम चेंज' की कथित साजिश रचने वाले 'भारत-विरोधी' गिरोहों और कुछ विपक्षी राजनेताओं पर तीखा हमला बोला। रिजिजू ने कहा कि युवाओं को भड़काकर सड़कों पर हिंसा फैलाने की यह कोशिश पूरी तरह विफल रही।

एक्स पर रिजिजू का बयान

रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि भारत में 'रिजीम चेंज' केवल चुनावों के माध्यम से संभव है — जॉर्ज सोरोस के माध्यम से नहीं। उन्होंने अमेरिकी अरबपति सोरोस का सीधे नाम लेते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) को लेकर हाल में हुए विरोध प्रदर्शनों के पीछे विदेशी साजिश का आरोप लगाया। सोरोस और उनके नेटवर्क पर दुनिया भर में, विशेष रूप से रूढ़िवादी नेतृत्व वाले देशों में, विरोध प्रदर्शनों को वित्त पोषित करने के आरोप लगते रहे हैं।

बांग्लादेश और फ्रांस का संदर्भ

रिजिजू ने बांग्लादेश में हुए हिंसक सत्ता परिवर्तन और फ्रांस में हाल की हिंसा की नई लहर का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी तरह की साजिश भारत के लिए भी रची गई थी। उनके अनुसार, भारत-विरोधी गिरोहों और कुछ राजनेताओं ने मिलकर युवाओं को उकसाने और सड़कों पर अशांति फैलाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि साजिश रचने वाले यह भूल गए कि 'भारत न तो बांग्लादेश है और न ही फ्रांस।'

विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि

रिजिजू की यह टिप्पणियाँ ऐसे समय आईं हैं जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। विपक्षी दलों का दावा है कि एसआईआर में कथित अनियमितताओं के कारण 13 करोड़ से अधिक भारतीयों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। गौरतलब है कि एसआईआर प्रक्रिया पर यह विवाद हाल के हफ्तों में तेजी से राजनीतिक रंग लेता जा रहा है।

गिरिराज सिंह की विपक्ष पर आलोचना

इससे एक दिन पहले शनिवार को केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रशांत भूषण, प्रशांत किशोर और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं के कार्यों ने उनके 'असली इरादों' को उजागर कर दिया है। सिंह ने कथित तौर पर विपक्षी दलों पर 'टुकड़े-टुकड़े गिरोह' का हिस्सा होने का भी आरोप लगाया।

सत्ता पक्ष की व्यापक रणनीति

गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना विपक्ष से करते हुए कहा कि जहाँ मोदी ने भारत को विश्व मानचित्र पर स्थापित किया है और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का मार्ग प्रशस्त किया है, वहीं विपक्षी दल देश को कमज़ोर करने पर तुले हैं। भाजपा नेतृत्व की यह आक्रामक प्रतिक्रिया एसआईआर विवाद के राजनीतिक रूप से संवेदनशील होते जाने का संकेत देती है। आने वाले दिनों में संसद और सड़क — दोनों स्तरों पर इस मसले पर तीखी नोकझोंक जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उन्हें 'सोरोस-प्रायोजित' रंग देने से असली सवाल — 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटने का — पृष्ठभूमि में चला जाता है। बांग्लादेश और फ्रांस के उदाहरण भावनात्मक रूप से प्रभावशाली हैं, लेकिन इन देशों की परिस्थितियों और भारत के एसआईआर विवाद के बीच कोई सीधा साक्ष्य-आधारित संबंध अब तक सार्वजनिक नहीं हुआ है। जवाबदेही की दृष्टि से, सरकार के लिए चुनौती यह है कि वह मतदाता सूची की पारदर्शिता पर ठोस जवाब दे — आरोप-प्रत्यारोप के बजाय।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरेन रिजिजू ने 'रिजीम चेंज' पर क्या कहा?
रिजिजू ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भारत में रिजीम चेंज केवल चुनावों के माध्यम से संभव है, जॉर्ज सोरोस के माध्यम से नहीं। उन्होंने भारत-विरोधी गिरोहों पर युवाओं को भड़काकर सड़कों पर हिंसा फैलाने की साजिश का आरोप लगाया और कहा कि यह प्रयास नाकाम हो गया।
मतदाता सूची एसआईआर विवाद क्या है?
विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) मतदाता सूचियों को अद्यतन करने की एक प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में अनियमितताओं के चलते 13 करोड़ से अधिक भारतीयों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं, जिसके विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं।
रिजिजू ने बांग्लादेश और फ्रांस का ज़िक्र क्यों किया?
रिजिजू ने बांग्लादेश में हुए हिंसक सत्ता परिवर्तन और फ्रांस में हालिया दंगों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत के लिए भी इसी तरह की साजिश रची गई थी। उनका तर्क था कि इन घटनाओं के पीछे जो ताकतें थीं, वही ताकतें भारत में भी सक्रिय थीं, लेकिन भारत ने इसे विफल कर दिया।
गिरिराज सिंह ने किन विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाए?
केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और प्रशांत किशोर पर निशाना साधा। उन्होंने कथित तौर पर इन नेताओं को 'टुकड़े-टुकड़े गिरोह' का हिस्सा बताया और कहा कि उनके कार्यों ने उनके 'असली इरादे' उजागर कर दिए हैं।
जॉर्ज सोरोस पर क्या आरोप हैं?
जॉर्ज सोरोस एक अमेरिकी अरबपति हैं जिन पर दुनिया भर में, विशेष रूप से रूढ़िवादी नेतृत्व वाले देशों में, विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक गतिविधियों को वित्त पोषित करने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। रिजिजू ने उनका नाम भारत में हाल के विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में लिया, हालाँकि इस संबंध में कोई आधिकारिक साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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