क्या मनोज झा ने बांग्लादेश में भारतीय राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने के फैसले को उचित ठहराया?
सारांश
Key Takeaways
- सुरक्षा की दृष्टि से निर्णय उचित है।
- केंद्र सरकार की चूक पर चिंता व्यक्त की गई।
- बांग्लादेश की स्थिति गंभीर है।
- राजद सांसद ने अमेरिका की नीतियों पर भी सवाल उठाए।
- बेटियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज झा ने बांग्लादेश में तैनात भारतीय राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने के निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा के दृष्टिकोण से भारतीय राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने का निर्णय लिया गया है, तो यह उचित है।
राज्यसभा सांसद मनोज झा ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "बांग्लादेश की परिस्थितियों को समझने में केंद्र सरकार से चूक हुई है। शेख हसीना की सत्ता का तख्तापलट होने से लेकर अब तक की स्थितियों तक इतने गंभीर हालातों के बारे में भारत को खबर तक नहीं लगी। कभी भारत और बांग्लादेश एक साथ थे, लेकिन आज के समय बांग्लादेश से आने वाली तस्वीरें चिंताजनक हैं।"
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शामिल होने और ग्रीनलैंड को लेकर संभावित घोषणा को लेकर राजद सांसद ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप को भ्रम हो चुका है। वह सिर्फ अमेरिका के राष्ट्रपति हैं, दुनिया के राष्ट्रपति नहीं हैं। वह अमेरिका को अशांति और अस्थिरता की ओर ले जा रहे हैं।
राजद सांसद ने कहा, "अमेरिका की तरफ से किसी देश के राष्ट्रपति को अगवा करने और किसी देश को छीनने की कोशिश पर भारत का जवाब सटीक और अपनी विरासत के अनुरूप होना चाहिए।"
पटना में नीट छात्रा की मृत्यु के विरोध में राजद महिला विंग के प्रदर्शन को लेकर मनोज झा ने कहा कि चुनाव नतीजों के बाद तेजस्वी यादव ने सरकार को 100 दिन का वक्त दिया था और उसके बाद जवाब मांगा जाएगा। नीट छात्रा की मृत्यु के मामले को लेकर मनोज झा ने सवाल उठाए और कहा, "कोई ऐसा व्यक्ति जरूर है, जिसे बचाने की कोशिश की जा रही है।" उन्होंने कहा कि यह सभी को सोचना चाहिए कि आज उस छात्रा के माता-पिता पर क्या बीत रही होगी।
राजद सांसद ने कहा कि आज के समय में बेटी को बचाना ही सबसे बड़ा विषय है, क्योंकि सरकारों को कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर की घटना को लेकर भी सच्चाई सामने नहीं आई है।