राजनाथ सिंह ने लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का उद्घाटन किया, सुरक्षा व्यवस्था में योगदान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजनाथ सिंह ने लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का उद्घाटन किया, सुरक्षा व्यवस्था में योगदान

सारांश

लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का उद्घाटन करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह न केवल यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और शहरी विकास का भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनेगा। इस परियोजना का उद्देश्‍य लखनऊ की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करना है।

मुख्य बातें

ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का उद्घाटन लखनऊ में किया गया।
यह परियोजना यातायात को सुगम और पर्यावरण को सुरक्षित करेगी।
लगभग 15 लाख लोगों को होगा लाभ।
परियोजना में सिविल और डिफेंस का तालमेल है।
लखनऊ की स्वच्छता रैंकिंग में तीसरा स्थान।

लखनऊ, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का उद्घाटन किया, जिसे जनता को समर्पित किया गया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल शहर की यातायात व्यवस्था को सरल बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और समेकित शहरी विकास का भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण होगी। उद्घाटन समारोह लखनऊ के झूलेलाल क्षेत्र में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश सरकार के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और भाजपा के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने कहा कि डालीगंज पुल से समतामूलक चौक तक लगभग सात किलोमीटर लंबे ग्रीन कॉरिडोर को आज लखनऊ की जनता को समर्पित किया जा रहा है। इसके आरंभ होने से लगभग १५ लाख लोगों को सीधे लाभ मिलेगा और शहर में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना की खासियत यह है कि इसमें सिविल और डिफेंस सेक्टर दोनों ने मिलकर कार्य किया है। रक्षा विभाग ने भूमि आवंटन से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद परियोजना में प्रभावी सहयोग दिया है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि जब सिविल और डिफेंस सेक्टर एक साथ काम करते हैं, तो विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है, और यह परियोजना इसका एक उदाहरण है। ग्रीन कॉरिडोर के अगले चरण में समतामूलक चौक से शहीद पथ तक लगभग १० किलोमीटर तक इसका विस्तार किया जाएगा, जिससे शहर में जाम की समस्या कम होगी और लोगों का यात्रा समय भी बचेगा।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। निर्माण कार्य के दौरान यदि कोई पेड़ बाधा बनता है, तो उसे काटने के बजाय सावधानीपूर्वक दूसरी जगह प्रत्यारोपित किया गया है। लगभग डेढ़ सौ से अधिक पेड़ों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में विकास के साथ-साथ स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। घर-घर से कचरा संग्रहण की व्यवस्था लागू की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

राजनाथ सिंह ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण २०२५ में मिलियन प्लस शहरों की श्रेणी में लखनऊ को देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही, लखनऊ के समग्र और वैज्ञानिक विकास के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर और लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया जा रहा है। इसका उद्देश्य लखनऊ के विकास का दीर्घकालिक मास्टरप्लान तैयार करना है, ताकि विकास सुनियोजित और संतुलित तरीके से हो सके।

उन्होंने कहा कि लखनऊ में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। शहर के पार्कों में ओपन जिम लगाए गए हैं ताकि बुजुर्ग और महिलाएं व्यायाम कर सकें। इसके अलावा, स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय परिसर में मरीजों और उनके परिजनों के लिए विश्राम सदन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि शहर में ब्रह्मोस एयरोस्पेस की इंटीग्रेशन और टेस्टिंग सुविधा स्थापित की गई है, जिससे युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में नए अवसर मिल रहे हैं और ‘मेक इन इंडिया’ को भी मजबूती मिल रही है।

इसके अलावा, राज्य में डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना और सरोजिनी नगर क्षेत्र में अशोक लीलैंड के इलेक्ट्रिक वाहन संयंत्र की शुरुआत से रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। मेट्रो विस्तार, रिंग रोड और फ्लाईओवर जैसी परियोजनाओं से लखनऊ का बुनियादी ढांचा तेजी से मजबूत हुआ है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ की तहजीब और संस्कृति की पहचान पूरी दुनिया में है और अब शहर के विकास की चर्चा भी वैश्विक स्तर पर हो रही है। उन्होंने कहा कि यूनेस्को द्वारा लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ की सूची में शामिल किया जाना शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और खान-पान की परंपरा का सम्मान है।

-- राष्ट्र प्रेस

विकेटी/एमएस

संपादकीय दृष्टिकोण

तो विकास की गति तेजी से बढ़ती है। ग्रीन कॉरिडोर परियोजना लखनऊ के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल यातायात को सुधारने में मदद करेगा, बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा का भी ध्यान रखेगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के क्या लाभ हैं?
यह परियोजना यातायात को सुगम बनाने के साथ-साथ लगभग 15 लाख लोगों को सीधे लाभ पहुंचाएगी।
परियोजना में पर्यावरण संरक्षण का ध्यान कैसे रखा गया है?
निर्माण कार्य के दौरान बाधा बने पेड़ों को काटने के बजाय अन्य स्थानों पर प्रत्यारोपित किया गया है।
लखनऊ की स्वच्छता रैंकिंग क्या है?
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में लखनऊ को मिलियन प्लस शहरों की श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
इस परियोजना का अगला चरण कब शुरू होगा?
ग्रीन कॉरिडोर का अगला चरण समतामूलक चौक से शहीद पथ तक लगभग 10 किलोमीटर तक विस्तारित किया जाएगा।
राजनाथ सिंह ने लखनऊ में किस नई सुविधा का उद्घाटन किया?
उन्होंने ब्रह्मोस एयरोस्पेस की इंटीग्रेशन और टेस्टिंग सुविधा का उद्घाटन किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले