राजनाथ सिंह बोले — लखनऊ बना विकास, सुरक्षा और नवाचार का केंद्र; ब्रह्मोस से स्टार्टअप तक नई पहचान
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने 7 जून 2026 को लखनऊ में आयोजित प्रबुद्धजन संवाद कार्यक्रम में कहा कि पिछले एक दशक में लखनऊ ने आधारभूत ढाँचे, रक्षा उत्पादन, अनुसंधान और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। उन्होंने कहा कि जो शहर कभी ट्रैफिक जाम की समस्या से त्रस्त था, वह आज रिंग रोड, एक्सप्रेसवे, मेट्रो और रक्षा परियोजनाओं के बल पर एक नई राष्ट्रीय पहचान स्थापित कर रहा है।
यातायात से लेकर कनेक्टिविटी तक का सफर
राजनाथ सिंह ने बताया कि 2014 में सांसद बनने के बाद शहर की सबसे गंभीर समस्या ट्रैफिक जाम थी। इसे प्राथमिकता देते हुए रिंग रोड परियोजना को सर्वोच्च महत्त्व दिया गया, जिसका लाभ आज लाखों शहरवासी उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रिंग रोड के निर्माण से यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आया है और शहर की समग्र कनेक्टिविटी सुदृढ़ हुई है।
इसके अतिरिक्त लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे जैसी महत्त्वाकांक्षी परियोजनाएँ भी शीघ्र आरंभ होने की संभावना है। शहर में अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर सहित अनेक आधारभूत सुविधाओं का तेज़ गति से विकास जारी है।
रक्षा उत्पादन और अनुसंधान का उभरता केंद्र
रक्षा मंत्री ने कहा कि लखनऊ अब रक्षा उत्पादन और अनुसंधान के एक महत्त्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना सहित कई रक्षा इकाइयों को विस्तार दिया गया है। डीआरडीओ की प्रयोगशालाओं के विस्तार से युवाओं के लिए शोध, तकनीक और नवाचार के नए अवसर सृजित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और अधिकांश रक्षा उपकरण अब देश में ही निर्मित किए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच स्वदेशी रक्षा क्षमता की माँग पहले से कहीं अधिक है।
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और हवाई संपर्क
उत्तर प्रदेश का उल्लेख करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है। राज्य में पाँच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे विकसित हो चुके हैं, जो व्यापार और पर्यटन दोनों के लिए नई संभावनाएँ खोल रहे हैं। गौरतलब है कि यह विस्तार उत्तर प्रदेश को देश के सर्वाधिक हवाई-संपर्क वाले राज्यों में स्थापित करता है।
स्टार्टअप और युवा नवाचार
रक्षा मंत्री ने कहा कि देश में करीब दो लाख स्टार्टअप सक्रिय हैं और यूनिकॉर्न कंपनियाँ भारत की नई आर्थिक शक्ति का प्रतीक बनकर उभरी हैं। युवाओं की प्रतिभा और नवाचार क्षमता देश को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में निर्णायक भूमिका निभा रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक साख और जनकल्याणकारी योजनाओं के समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचने का भी उल्लेख किया। उन्होंने विश्वास जताया कि वैश्विक चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय संकटों के बावजूद भारत का मस्तक किसी भी परिस्थिति में नहीं झुकेगा।
प्रबुद्धजनों के सुझाव और माँगें
संवाद के दौरान उपस्थित प्रबुद्धजनों ने आलमबाग स्थित अवध अंडरपास के निर्माण के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि इससे ट्रैफिक जाम में उल्लेखनीय राहत मिली है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों तक मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की माँग भी उठाई गई।
सिख समाज के प्रतिनिधियों ने लखनऊ से अमृतसर के लिए सीधी हवाई सेवा अथवा वंदे भारत ट्रेन शुरू करने का आग्रह किया। इसके अलावा धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए स्थायी सांस्कृतिक केंद्र विकसित करने तथा हरित विकास और वृक्षारोपण को और गति देने के सुझाव भी सामने आए। अधिवक्ताओं के हित में लिए गए विभिन्न निर्णयों की भी सराहना की गई।
आगे देखें तो लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के शुभारंभ और मेट्रो विस्तार की समयसीमा पर नागरिकों और उद्योग जगत की निगाहें टिकी रहेंगी।