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क्या ब्रह्मोस सिर्फ भारत का नहीं, बल्कि दुनिया में अपने मित्र देशों की रक्षा करने का सबसे सक्षम हथियार है?

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क्या ब्रह्मोस सिर्फ भारत का नहीं, बल्कि दुनिया में अपने मित्र देशों की रक्षा करने का सबसे सक्षम हथियार है?

सारांश

लखनऊ में आयोजित एक समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप को हरी झंडी दिखाई। सीएम योगी ने ब्रह्मोस को न केवल भारत का, बल्कि मित्र देशों के लिए भी सबसे प्रभावी रक्षा हथियार बताया। यह क्षण गर्व और देशभक्ति से भरा था, जो भारत की रक्षा क्षमताओं को दर्शाता है।

मुख्य बातें

ब्रह्मोस मिसाइल का विकास लखनऊ में हुआ है।
राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ का महत्वपूर्ण योगदान।
मिसाइल मित्र देशों की सुरक्षा का प्रतीक है।
डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर का विस्तार।
आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम।

लखनऊ, 18 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस इकाई से निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप को शनिवार को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ब्रह्मोस सिर्फ भारत के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपने मित्र देशों की सुरक्षा का सबसे सक्षम हथियार है। भारत माता की जय के जयघोष के बीच जब मिसाइलों का पहला जत्था रवाना हुआ, तो समारोह गर्व, गौरव और देशभक्ति से गूंज उठा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रह्मोस केवल भारत की नहीं, बल्कि दुनिया में अपने मित्र देशों की सुरक्षा के लिए एक अत्यधिक सक्षम हथियार है। उन्होंने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयासों से ब्रह्मोस लखनऊ में विकसित हुआ है, जो देश की खुशहाली का माध्यम बना है। जब व्यक्ति सुरक्षित रहता है, तभी वह चैन की नींद सोता है। लखनऊ में निर्मित यह मिसाइल पूरे देशवासियों की सुरक्षा और समृद्धि की गारंटी है।

सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' संकल्प को साकार करने का यह क्षण प्रफुल्लित करने वाला है। यह मिसाइल न केवल भारत की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि अपने मित्र देशों की रक्षा का भी सबसे सक्षम हथियार है। ब्रह्मोस के माध्यम से भारत अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ मित्र राष्ट्रों की सुरक्षा जरूरतों को भी पूरा करने में सक्षम हो गया है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

सीएम योगी ने 2018 के पहले इन्वेस्टर्स समिट का उल्लेख करते हुए कहा कि लखनऊ में ही प्रधानमंत्री ने दो डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर की घोषणा की थी, जिसमें से एक उत्तर प्रदेश को मिला। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, झांसी और चित्रकूट के 6 नोड्स में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं। लखनऊ में ब्रह्मोस, झांसी में भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) और अमेठी में एके-203 जैसे प्रोजेक्ट चल रहे हैं। अब तक 2,500 एकड़ से अधिक भूमि इन 6 नोड्स में उपलब्ध कराई गई है, जिससे 15,000 से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है।

उन्होंने बताया कि ब्रह्मोस केंद्र में आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग डिग्रीधारक युवा काम कर रहे हैं, जो देश की सुरक्षा और रोजगार दोनों की पूर्ति कर रहे हैं। यह आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीएचयू के साथ मिलकर दो ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित कर रही है, जिससे डिफेंस टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।

सीएम योगी ने कहा कि आज डीजी ब्रह्मोस ने 40 करोड़ का जीएसटी चेक सौंपा है। हर वर्ष 100 ब्रह्मोस मिसाइल बनेंगी, जो बढ़कर 150 तक पहुंचेंगी, तो 150-200 करोड़ जीएसटी मिलेगा। सीएम योगी ने झांसी में 56,000 एकड़ के नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का जिक्र किया और कहा कि चित्रकूट में एक्सप्रेस-वे पर नोड विकसित हो रहा है। आईआईटी कानपुर और बीएचयू के साथ दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर काम चल रहा है। उन्होंने मेक इन इंडिया को मेक फॉर द वर्ल्ड बनाने का संकल्प दोहराया।

उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयास से ब्रह्मोस लखनऊ में विकसित हुआ है, जो देश की खुशहाली को वितरित करने का माध्यम बना है। कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने बूस्टर भवन का उद्घाटन भी किया, जो ब्रह्मोस प्रोजेक्ट की क्षमता विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही दोनों ने बूस्टर डॉकिंग प्रक्रिया का प्रदर्शन भी देखा। इसी क्रम में एयरफ्रेम और एवियोनिक्स, वारहेड भवन में पीडीआई (प्री डिस्पैच इंस्पेक्शन) तथा ब्रह्मोस सिम्युलेटर उपकरणों का प्रेजेंटेशन भी दिखाया गया। इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिसर में ही रुद्राक्ष के पौधे का वृक्षारोपण भी किया। इस दौरान स्टोरेज ट्रॉली प्रदर्शन और मोबाइल ऑटोनमस लॉन्चर का प्रदर्शन भी हुआ। कार्यक्रम के दौरान डीजी (ब्रह्मोस) डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक चेक और जीएसटी बिल सौंपा।

--- राष्ट्र प्रेस

विकेटी/डीकेपी

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना भारत की रक्षा क्षमताओं को प्रदर्शित करती है। ब्रह्मोस मिसाइल न केवल भारत की सुरक्षा का प्रतीक है, बल्कि यह मित्र देशों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता भी दर्शाती है। यह समय है जब देश को अपनी सुरक्षा और समृद्धि के लिए एकजुट होना चाहिए।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रह्मोस मिसाइल का महत्व क्या है?
ब्रह्मोस मिसाइल दुनिया के सबसे तेज और सक्षम हथियारों में से एक है, जिसका उपयोग भारत और उसके मित्र देशों की रक्षा के लिए किया जाता है।
यह कार्यक्रम कब आयोजित हुआ?
यह कार्यक्रम 18 अक्टूबर को लखनऊ में आयोजित किया गया।
ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण कहाँ हुआ?
ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण लखनऊ स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस इकाई में हुआ है।
इस कार्यक्रम में किन व्यक्तियों ने भाग लिया?
इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भाग लिया।
ब्रह्मोस मिसाइल की पहली खेप कब रवाना हुई?
ब्रह्मोस मिसाइल की पहली खेप 18 अक्टूबर को रवाना हुई।
राष्ट्र प्रेस
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