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किशनगंज में ₹1.30 करोड़ की हेरोइन-MDMA के साथ तस्कर गिरफ्तार, हथियार-नकदी भी जब्त

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किशनगंज में ₹1.30 करोड़ की हेरोइन-MDMA के साथ तस्कर गिरफ्तार, हथियार-नकदी भी जब्त

सारांश

किशनगंज के लोहागाड़ा हाट में ANTF और पुलिस की संयुक्त छापेमारी में ₹1.30 करोड़ की हेरोइन-MDMA के साथ कथित तस्कर बब्लु गिरी पकड़ा गया। हथियार, डिजिटल पेमेंट स्कैनर और नकदी की बरामदगी एक संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करती है, जिसकी जड़ें पुलिस अब खंगाल रही है।

मुख्य बातें

बब्लु गिरी को 17 सितंबर 2026 को किशनगंज के लोहागाड़ा हाट से गिरफ्तार किया गया।
जब्त मादक पदार्थ: 405 ग्राम हेरोइन + 183 ग्राम MDMA , अंतरराष्ट्रीय बाज़ार कीमत करीब ₹1.30 करोड़ ।
अन्य बरामदगी: एक देशी कट्टा , दो तलवारें , ₹1,01,300 नकद , छह मोबाइल , तीन PhonePe स्कैनर ।
आरोपी पर NDPS एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज; थाना कांड संख्या 597/26 ।
बब्लु गिरी के विरुद्ध पहले से तीन आपराधिक मामले — 2018, 2019 व 2024 — दर्ज हैं।
अलग कार्रवाई में कोचाधामन थाना क्षेत्र से 3,420 लीटर विदेशी शराब और एक ट्रक भी जब्त।

बिहार के किशनगंज जिले में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और बहादुरगंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने 17 सितंबर 2026 को एक कथित नशा तस्कर को गिरफ्तार किया, जिसके पास से अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में करीब ₹1.30 करोड़ मूल्य के अवैध मादक पदार्थ बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान लोहागाड़ा हाट निवासी बब्लु गिरी के रूप में हुई है।

क्या-क्या बरामद हुआ

पुलिस ने बब्लु गिरी के घर पर छापेमारी के दौरान 405 ग्राम ब्राउन शुगर (हेरोइन) और 183 ग्राम MDMA — कुल 588 ग्राम मादक पदार्थ जब्त किए। इसके अलावा एक देशी कट्टा, ₹1,01,300 नकद, छह मोबाइल फोन, छह डेबिट कार्ड, दो तलवारें, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और PhonePe के तीन स्कैनर भी बरामद किए गए।

बरामदगी की विविधता — हथियार, डिजिटल भुगतान उपकरण और तराजू — यह संकेत देती है कि यह एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, हालाँकि पुलिस अभी इसकी जाँच कर रही है।

कैसे हुई कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बब्लु गिरी अपने घर से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा है। सूचना सत्यापन के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में ANTF और बहादुरगंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की।

पूछताछ में आरोपी ने, पुलिस के अनुसार, अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री में शामिल होने की बात स्वीकार की है।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार बब्लु गिरी के विरुद्ध बहादुरगंज और दिघलबैंक थानों में पहले से तीन मामले दर्ज हैं। इनमें 2018 और 2019 में मारपीट, हत्या के प्रयास, चोरी व आगजनी के मामले, तथा 2024 में बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम से संबंधित मामला शामिल है।

गौरतलब है कि यह आरोपी का पहला ड्रग्स से जुड़ा मामला है, हालाँकि हिंसा और उत्पाद-संबंधी आरोपों का पुराना इतिहास जाँच एजेंसियों के लिए नेटवर्क की जड़ें खोदने की अहमियत बढ़ाता है।

कानूनी कार्रवाई और आगे की जाँच

मामले में बहादुरगंज थाना कांड संख्या 597/26 दर्ज किया गया है। आरोपी पर NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अब उसके गिरोह के अन्य सदस्यों तथा बरामद हेरोइन और MDMA के 'बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज' यानी आपूर्ति श्रृंखला के दोनों सिरों का पता लगाने में जुटी है। अवैध तस्करी से अर्जित संपत्ति की पहचान कर उसे भी नियमानुसार जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

अलग मामले में भारी मात्रा में विदेशी शराब जब्त

इसी बीच किशनगंज पुलिस ने एक अलग अभियान में कोचाधामन थाना क्षेत्र से 3,420 लीटर विदेशी शराब और एक ट्रक भी जब्त किया है। यह कार्रवाई बताती है कि किशनगंज जिले में मादक पदार्थ और शराब तस्करी के विरुद्ध अभियान तेज़ हुआ है।

सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण किशनगंज लंबे समय से नशे की तस्करी के लिए एक संवेदनशील ज़िला माना जाता रहा है, और ताज़ा कार्रवाइयाँ इस चुनौती की गंभीरता को रेखांकित करती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो एक नई और चिंताजनक प्रवृत्ति है। सीमावर्ती बिहार में हेरोइन और MDMA का एक साथ मिलना यह भी दर्शाता है कि तस्कर अब एकल नशे तक सीमित नहीं रहे। असली परीक्षा 'बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज' जाँच की होगी — क्या पुलिस इस बार आपूर्तिकर्ताओं तक पहुँच पाती है, या गिरफ्तारी महज एक कड़ी पर रुक जाती है।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किशनगंज में गिरफ्तार तस्कर बब्लु गिरी के पास से क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने बब्लु गिरी के पास से 405 ग्राम हेरोइन और 183 ग्राम MDMA बरामद की, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार कीमत करीब ₹1.30 करोड़ है। इसके अलावा एक देशी कट्टा, दो तलवारें, ₹1,01,300 नकद, छह मोबाइल फोन, छह डेबिट कार्ड और PhonePe के तीन स्कैनर भी जब्त किए गए।
बब्लु गिरी की गिरफ्तारी कैसे हुई?
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर चल रहे विशेष अभियान में गुप्त सूचना मिली थी कि लोहागाड़ा हाट में बब्लु गिरी अपने घर से तस्करी कर रहा है। सूचना सत्यापन के बाद SDPO-2 मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में ANTF और बहादुरगंज थाना पुलिस की टीम ने उसके घर पर छापेमारी कर गिरफ्तार किया।
बब्लु गिरी पर कौन-कौन से कानूनी मामले दर्ज हुए हैं?
उस पर NDPS एक्ट और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत बहादुरगंज थाना कांड संख्या 597/26 दर्ज किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके विरुद्ध पहले से भी तीन मामले दर्ज हैं — 2018 व 2019 में मारपीट, हत्या के प्रयास, चोरी-आगजनी, और 2024 में बिहार मद्यनिषेध अधिनियम से जुड़ा मामला।
किशनगंज में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की जाँच आगे कहाँ जाएगी?
पुलिस अब आरोपी के गिरोह के अन्य सदस्यों और बरामद नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला — यानी बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज — का पता लगाने में जुटी है। इसके अलावा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति की पहचान कर उसे भी जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
किशनगंज में शराब तस्करी की भी कोई कार्रवाई हुई है?
हाँ, इसी दौरान किशनगंज पुलिस ने कोचाधामन थाना क्षेत्र से 3,420 लीटर विदेशी शराब और एक ट्रक जब्त किया है। यह एक अलग मामला है, जो ज़िले में तस्करी-रोधी अभियान की व्यापकता को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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