17 सितंबर 2026
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AAP की नई पीएसी की पहली बैठक: पंजाब, गोवा, गुजरात चुनाव रणनीति पर केजरीवाल के आवास पर मंथन

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AAP की नई पीएसी की पहली बैठक: पंजाब, गोवा, गुजरात चुनाव रणनीति पर केजरीवाल के आवास पर मंथन

सारांश

केजरीवाल के आवास पर AAP की नई पीएसी की पहली बैठक में पंजाब, गोवा और गुजरात चुनावों की रणनीति पर मंथन हुआ। राजस्थान के बारां की जीत को पार्टी ने जनता के बदलाव की चाहत का संकेत बताया। सिसोदिया ने यूपीआई शुल्क और नई दिल्ली सीट पर फर्जी मतदान के आरोप भी लगाए।

मुख्य बातें

AAP की नवगठित पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (पीएसी) की पहली बैठक 17 सितंबर 2026 को अरविंद केजरीवाल के नई दिल्ली स्थित आवास पर हुई।
बैठक में पंजाब , गोवा और गुजरात विधानसभा चुनावों की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।
मनीष सिसोदिया ने दावा किया कि राजस्थान के बारां में AAP की जीत जनता के नए विकल्प की तलाश का संकेत है।
सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने की तैयारी का आरोप लगाया; ये दावे सत्यापित नहीं हुए हैं।
नई दिल्ली विधानसभा में चुनाव पूर्व फर्जी मतदाता जोड़े जाने के आरोप लगाए, SIR प्रक्रिया में 40% वोट फर्जी पाए जाने का दावा; ECI से संज्ञान लेने की माँग।
नई पीएसी में केजरीवाल संयोजक; भगवंत सिंह मान और हरपाल सिंह चीमा सदस्य।

आम आदमी पार्टी (AAP) की नवगठित पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (पीएसी) की पहली बैठक गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर आयोजित हुई। इस बैठक में पंजाब, गोवा और गुजरात विधानसभा चुनावों की रणनीति पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और मंत्री हरपाल सिंह चीमा सहित पीएसी के सभी सदस्य बैठक में उपस्थित रहे।

बैठक की शुरुआत: बारां जीत से मिला संकेत

बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक की शुरुआत राजस्थान के बारां में AAP को मिली जीत की समीक्षा से हुई। सिसोदिया के अनुसार, बारां का यह परिणाम संकेत देता है कि जनता एक नए राजनीतिक विकल्प की तलाश में है।

उन्होंने बताया कि पार्टी जल्द ही अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के साथ राजस्थान के बारां में एक रोड शो आयोजित करेगी।

पंजाब चुनाव की तैयारी

सिसोदिया ने दावा किया कि पंजाब में पार्टी का संगठन मजबूती से काम कर रहा है और पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब की जनता मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज से संतुष्ट है और उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है।

सिसोदिया ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए दावा किया कि यदि पुरानी पार्टियाँ सत्ता में लौटती हैं तो नशे, भ्रष्टाचार और रोज़गार से जुड़े पुराने मुद्दे फिर उभर सकते हैं। ये दावे पूरी तरह पार्टी के राजनीतिक आरोप हैं।

गोवा और गुजरात: संगठन को जीत में बदलने की कोशिश

सिसोदिया ने कहा कि गोवा और गुजरात में भी जनता बदलाव की तलाश में है। बैठक में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि इन दोनों राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक कार्य को चुनावी सफलता में किस प्रकार परिवर्तित किया जाए।

यूपीआई शुल्क पर केंद्र सरकार पर आरोप

बैठक में यूपीआई (UPI) से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने की दिशा में कदम उठा रही है, जिसका बोझ आम जनता पर पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित व्यवस्था से अमेरिकी कंपनियों को बड़ा फायदा होगा और सरकार जनता के पैसे से चलने वाली डिजिटल भुगतान प्रणाली का भार भी आम लोगों पर डालने की तैयारी में है। गौरतलब है कि ये सभी आरोप AAP और सिसोदिया की ओर से लगाए गए हैं, इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

नई दिल्ली सीट पर फर्जी मतदान के आरोप

बैठक में दिल्ली के पिछले विधानसभा चुनाव से जुड़ी एक मीडिया रिपोर्ट पर भी विचार हुआ। मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में चुनाव से पहले बड़ी संख्या में फर्जी मतदाता जोड़े गए थे — कथित तौर पर कुछ घरों में 50 से 100 तक वोट दर्ज किए गए थे।

उन्होंने दावा किया कि बाद में एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के दौरान ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए गए और चुनाव से ठीक पहले जोड़े गए लगभग 40 प्रतिशत वोट फर्जी पाए गए। सिसोदिया ने चुनाव आयोग (ECI) से इस मामले का स्वतः संज्ञान लेने की माँग की। ये सभी दावे पार्टी की ओर से लगाए गए आरोप हैं।

पीएसी का गठन और आगे की राह

उल्लेखनीय है कि AAP की नेशनल काउंसिल और नेशनल एग्जीक्यूटिव की बैठकों के बाद नई पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन किया गया, जिसमें अरविंद केजरीवाल को संयोजक नियुक्त किया गया है। भगवंत सिंह मान और हरपाल सिंह चीमा समेत कई नए सदस्यों को कमेटी में स्थान मिला है।

नई पीएसी की इस पहली बैठक को आगामी विधानसभा चुनावों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले हफ्तों में राजस्थान के बारां में प्रस्तावित रोड शो और राज्यों में संगठनात्मक सक्रियता से AAP की चुनावी तत्परता का अंदाज़ा लगेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन रणनीति के केंद्र में अभी भी वही पुरानी शैली है — विपक्ष पर आरोप, सरकारी उपलब्धियों के दावे और मतदाता धोखाधड़ी की बात। यूपीआई शुल्क का मुद्दा राजनीतिक रूप से धारदार है, लेकिन सिसोदिया के दावों की ठोस पुष्टि अभी बाकी है। दिल्ली विधानसभा चुनाव हार के बाद AAP की पुनर्संरचना की यह पहली औपचारिक कोशिश है — परंतु असली परीक्षा यह होगी कि क्या पार्टी गोवा और गुजरात में अपनी सांगठनिक कमज़ोरियों को दूर कर पाती है, जहाँ उसका ज़मीनी आधार अभी भी सीमित है।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

AAP की नई पीएसी क्या है और इसमें कौन शामिल है?
पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (पीएसी) AAP की सर्वोच्च राजनीतिक निर्णय-निर्माण संस्था है, जिसे नेशनल एग्जीक्यूटिव बैठक में पुनर्गठित किया गया। अरविंद केजरीवाल इसके संयोजक हैं, जबकि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और मंत्री हरपाल सिंह चीमा सहित कई सदस्य शामिल हैं।
पीएसी की पहली बैठक में किन राज्यों के चुनावों पर चर्चा हुई?
बैठक में पंजाब, गोवा और गुजरात विधानसभा चुनावों की तैयारियों और संगठनात्मक रणनीति पर विस्तृत मंथन हुआ। पार्टी ने राजस्थान के बारां में मिली जीत को इन राज्यों में प्रचार के लिए प्रेरणा के रूप में पेश किया।
मनीष सिसोदिया ने यूपीआई पर क्या आरोप लगाए?
मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिकी दबाव में यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने की तैयारी कर रही है, जिसका बोझ आम जनता पर पड़ेगा और अमेरिकी कंपनियों को फायदा होगा। ये दावे पार्टी की ओर से लगाए गए आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नई दिल्ली सीट पर फर्जी मतदान के AAP के आरोप क्या हैं?
सिसोदिया ने दावा किया कि नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में चुनाव से पहले कुछ घरों में 50 से 100 तक फर्जी वोट जोड़े गए थे, और SIR प्रक्रिया में करीब 40 प्रतिशत ऐसे वोट फर्जी पाए गए। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले का स्वतः संज्ञान लेने की माँग की है।
AAP की पंजाब चुनाव रणनीति क्या है?
पार्टी ने दावा किया है कि पंजाब में भगवंत मान सरकार के कामकाज से जनता संतुष्ट है और संगठन मजबूत है। बारां में रोड शो की योजना है और विपक्षी दलों के सत्ता में आने पर नशे व भ्रष्टाचार लौटने का दावा करते हुए AAP खुद को एकमात्र विकल्प के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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