AAP की नई पीएसी की पहली बैठक: पंजाब, गोवा, गुजरात चुनाव रणनीति पर केजरीवाल के आवास पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) की नवगठित पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (पीएसी) की पहली बैठक गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर आयोजित हुई। इस बैठक में पंजाब, गोवा और गुजरात विधानसभा चुनावों की रणनीति पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और मंत्री हरपाल सिंह चीमा सहित पीएसी के सभी सदस्य बैठक में उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत: बारां जीत से मिला संकेत
बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक की शुरुआत राजस्थान के बारां में AAP को मिली जीत की समीक्षा से हुई। सिसोदिया के अनुसार, बारां का यह परिणाम संकेत देता है कि जनता एक नए राजनीतिक विकल्प की तलाश में है।
उन्होंने बताया कि पार्टी जल्द ही अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के साथ राजस्थान के बारां में एक रोड शो आयोजित करेगी।
पंजाब चुनाव की तैयारी
सिसोदिया ने दावा किया कि पंजाब में पार्टी का संगठन मजबूती से काम कर रहा है और पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब की जनता मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज से संतुष्ट है और उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है।
सिसोदिया ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए दावा किया कि यदि पुरानी पार्टियाँ सत्ता में लौटती हैं तो नशे, भ्रष्टाचार और रोज़गार से जुड़े पुराने मुद्दे फिर उभर सकते हैं। ये दावे पूरी तरह पार्टी के राजनीतिक आरोप हैं।
गोवा और गुजरात: संगठन को जीत में बदलने की कोशिश
सिसोदिया ने कहा कि गोवा और गुजरात में भी जनता बदलाव की तलाश में है। बैठक में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि इन दोनों राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक कार्य को चुनावी सफलता में किस प्रकार परिवर्तित किया जाए।
यूपीआई शुल्क पर केंद्र सरकार पर आरोप
बैठक में यूपीआई (UPI) से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने की दिशा में कदम उठा रही है, जिसका बोझ आम जनता पर पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित व्यवस्था से अमेरिकी कंपनियों को बड़ा फायदा होगा और सरकार जनता के पैसे से चलने वाली डिजिटल भुगतान प्रणाली का भार भी आम लोगों पर डालने की तैयारी में है। गौरतलब है कि ये सभी आरोप AAP और सिसोदिया की ओर से लगाए गए हैं, इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नई दिल्ली सीट पर फर्जी मतदान के आरोप
बैठक में दिल्ली के पिछले विधानसभा चुनाव से जुड़ी एक मीडिया रिपोर्ट पर भी विचार हुआ। मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में चुनाव से पहले बड़ी संख्या में फर्जी मतदाता जोड़े गए थे — कथित तौर पर कुछ घरों में 50 से 100 तक वोट दर्ज किए गए थे।
उन्होंने दावा किया कि बाद में एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के दौरान ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए गए और चुनाव से ठीक पहले जोड़े गए लगभग 40 प्रतिशत वोट फर्जी पाए गए। सिसोदिया ने चुनाव आयोग (ECI) से इस मामले का स्वतः संज्ञान लेने की माँग की। ये सभी दावे पार्टी की ओर से लगाए गए आरोप हैं।
पीएसी का गठन और आगे की राह
उल्लेखनीय है कि AAP की नेशनल काउंसिल और नेशनल एग्जीक्यूटिव की बैठकों के बाद नई पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी का गठन किया गया, जिसमें अरविंद केजरीवाल को संयोजक नियुक्त किया गया है। भगवंत सिंह मान और हरपाल सिंह चीमा समेत कई नए सदस्यों को कमेटी में स्थान मिला है।
नई पीएसी की इस पहली बैठक को आगामी विधानसभा चुनावों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले हफ्तों में राजस्थान के बारां में प्रस्तावित रोड शो और राज्यों में संगठनात्मक सक्रियता से AAP की चुनावी तत्परता का अंदाज़ा लगेगा।